मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर छाया मरघट सा सन्नाटा, परेशान यात्रियों ने कराये टिकट कैंसिल, 15 ट्रेनें हुई प्रभावित, विभिन्न स्टेशनों पर हुई खड़ी

मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर छाया मरघट सा सन्नाटा, परेशान यात्रियों ने कराये टिकट कैंसिल, 15 ट्रेनें हुई प्रभावित, विभिन्न स्टेशनों पर हुई खड़ी

मुजफ्फरनगर। शनिवार को खतौली क्षेत्र में स्टेशन से मात्रा 500 मीटर की दूरी पर हादसे का शिकार हुई उत्कल एक्सप्रेस के कारण दिल्ली-देहरादून- सहारनपुर रेलमार्ग पूरी तरह से जाम हो गया। जिसके कारण इस मार्ग की सभी आने जाने वाली ट्रेनों को कुछ को तो विभिन्न स्टेशनों पर रोका गया, कुछ का मार्ग परिवर्तित करते हुए उन्हें संचालित किया गया। हादसे के कारण इस मार्ग की अप व डाउन सहित लगभग 15 गाड़ियां प्रभावित हुईं। जिसके चलते यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। परेशान यात्रियों ने स्टेशन पर अच्छा खासा हंगामा काटा तथा अपने टिकट वापस किये। रात्रि नौ बजे मुजफ्फरनगर स्टेशन पर स्थिति यह थी कि इक्का-दुक्का यात्री ही स्टेशन पर नजर आ रहा था। स्टेशन पर मरघट का सा सन्नाटा पसरा हुआ था। सन्नाटा रात्रि मे नौ बजकर पांच मिनट पर आयी वापस देहरादून-बांद्रा ने तोड़ा। इस मार्ग पर काफी समय पहले रक्षाबंधन के आसपास खुफिया एजेंसियों के द्वारा हाईअलर्ट घोषित किया था। जिस पर मुजफ्फरनगर स्टेशन पर जीआरपी व आरपीएफ के द्वारा चैकिंग अभियान चलाकर पूरे ट्रैक को छाना गया था। इसके बाद 15 अगस्त के आसपास भी सघन चैकिंग अभियान चलाया गया। देर रात्रि तक लोग अपनी ट्रेनों को लेकर छानबीन करते हुए नजर आये।
शनिवार को पांच बजकर 56 मिनट का समय इतिहास में काले अक्षरों में दर्ज किया जाएगा। इस समय पर मौत ने कई दर्जन लोगों की जिंदगियों को अपने क्रूर पंजों में दबा लिया। मामला था गाड़ी संख्या 18477 पुरी-हरिद्वार एक्सप्रेस (उत्कल) के दुर्घटनाग्रस्त होने का। उत्कल शनिवार को पांच बजकर 56 मिनट पर खतौली स्टेशन से मात्र पांच सौ मीटर की दूरी पर जगत कालोनी के पास तिलकराम इंटर कालेज के सामने हादसे का शिकार हो गयी। जिसमें कई दर्जन लोगों को अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ा। इस हादसे की जानकारी मिलते ही मुजफ्फरनगर स्टेशन पर हड़कंप मच गया। आनन-फानन में इस विषय में जानकारी उपर दी गयी। स्टेशन अधीक्षक विपिन त्यागी भी खतौली पहुंचे। इसके साथ ही उत्कल ट्रेन के हादसे के शिकार होने की खबर पाते ही यात्रियों में भी हड़कंप मच गया। सभी यात्रियों ने आनन-फानन में अपने टिकट कैंसिल कराने को लेकर टिकट खिड़की का रुख किया। शाम के समय टिकट वापस करने को लेकर यात्रियों ने जमकर हंगामा काटा। यहां तक कि यात्रियों का शांत करने को लेकर जीआरपी व आरपीएफ के जवानों को भी आना पड़ा। रात्रि नौ बजे तक मुजफ्फरनगर के रेलवे स्टेशन की स्थिति किसी मरघट से कम नहीं नजर आ रही थी। पूरे स्टेशन पर मात्र इक्का-दुक्का यात्री ही नजर आ रहा था। स्टेशन पर फैले मरघट के सन्नाटे को नौ बजकर पांच मिनट पर आयी देहरादून-बांद्रा एक्सप्रेस ने तोड़ा। यह ट्रेन जडौदा स्टेशन से वापस की गयी। जो कि टपरी के रास्ते शामली होते हुए दिल्ली को संचालित की जाएगी।
नौचंदी हुई बैक टू पैवेलियन
खतौली में हादसे का शिकार हुई उत्कल एक्सप्रेस के कारण गाड़ी संख्या 14512 नौचंदी एक्सप्रेस को बैक टू पैवेलियन होना पड़ा। जिस समय यह हादसा हुआ। उस समय नौचंदी एक्सप्रेस मुजफ्फरनगर स्टेशन पर आयी थी। जिसे रात्रि में साढ़े आठ बजे वापस सहारनपुर के लिए भेजा गया। नौचंदी के यात्रियों के चेहरों पर हादसे की जानकारी मिलते ही हवाइयां उडने लगी थीं।
सकुशल गुजर गयी इंटरसिटी
खतौली हादसे से पहले दिल्ली-अंबाला एक्सप्रेस (इंटरसिटी) सकुशल गुजर गयी। इसके साथ ही गाड़ी संख्या 64559 दिल्ली-सहारनपुर पैसेजर भी गुजरी। जब इस हादसे के बारे में मुजफ्फरनगर के मौहल्ला गांधीनगर निवासी सुरेश कुमार को पता चला कि उनका कहना था कि यह उपर वाले का ही शुक्र है कि हमारी गाडी सही सलामत हादसे के स्थान से गुजर गयी, अन्यथा यह हमारे साथ भी हो सकता था।
सभी प्रमुख गाड़ियों के टिकट हुए कैंसिल
खतौली हादसे के चलते सभी ट्रेनें रद्द कर दिये जाने से यात्रियों ने अपने टिकट कैंसिल कराये। इस बारे में टिकट बाबू सुधीर कुमार व शारदा रानी का कहना था कि हादसे के चलते शालीमार, उत्कल, नौचंदी, छत्तीसगढ़, शालीमार सहित सभी अप व डाउन ट्रेनों के यात्रियों के द्वारा लगभग 95 प्रतिशत टिकट वापस कर दिये गये।
भाई साहब ट्रैक कब खुलेगा
खतौली हादसे के चलते लोगों के सामने अब यह समस्या आ गयी है कि क्या कल (आज) ट्रेनों का संचालन हो पाएगा। सभी स्टेशन पर आकर जानकारी कर रहे है कि क्या कल ट्रेनें संचालित हो पाएंगी। इस बारे में रेलवे सूत्रों का कहना था कि हादसे को देखते हुए लगता नहीं है कि परसों तक भी ट्रैक सुचारू हो पाएगा।

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