मुजफ्फरनगर: अन्नदाता के लिए सेंटा क्लॉज बने सतीश महाना...11108 किसानों को ऋण माफी के बांटे 85.31 करोड के प्रमाण पत्र

मुजफ्फरनगर: अन्नदाता के लिए सेंटा क्लॉज बने सतीश महाना...11108 किसानों को ऋण माफी के बांटे 85.31 करोड के प्रमाण पत्र

मुजफ्फरनगर। प्रदेश के मंत्री औद्योगिक विकास एवं प्रभारी मंत्री मुजफ्फरनगर सतीश महाना ने कहा कि देश का अन्नदाता खुशहाल होगा, तो देश प्रगति के पथ पर आगे बढे़गा। उन्होंने कहा कि सरकार की फसली ऋण मोचन योजना किसानों के उन्नयन एवं विकास में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि आज फसली ऋण मोचन योजना के प्रमाण पत्र वितरित किये जा रहे हैं, लेकिन प्रथम चरण में पात्रा 11 हजार 108 किसानों के खातों में धनराशि पहले ही भेजी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहली ही कैबिनेट बैठक में किसानों के फसली ऋण मोचन का निर्णय लिया था। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों को स्वावलम्बी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है और प्रधानमंत्री का प्रयास है कि किसानों की आय दोगुनी हो। उन्होंने कहा कि 'सबका साथ सबका विकास' पर प्रदेश सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान भाई खुशहाल हो और जीवन में आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि किसान का कल्याण होगा, तभी देश का विकास होगा।
मंत्री औद्योगिक विकास एवं प्रभारी मंत्री सतीश महाना आज राजकीय इण्टर कॉलेज, मुजफ्फरनगर के मैदान में प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना फसली ऋण मोचन के तहत प्रथम चरण के पात्र कृषकों को फसली ऋण मोचन योजना के प्रमाण पत्र वितरित कर रहे थे। मंत्री ने कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलित कर किया। उन्होंने किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि फसल ऋण मोचन योजना मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान संकल्प पत्र में किये गये वादों को प्रदेश सरकार 05 माह में पूर्ण करती आ रही है, समाज के हर वर्ग सहित ग्रामों व किसानों को बिना भेदभाव के विकास के प्रकाश से जाग्रत करने का कार्य कर रही है।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि देश के विकास में किसानों का अहम् योगदान होता है, क्योंकि उन्हीं के द्वारा उत्पादित अन्न से ही देश को अन्न प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना किये जाने का विजन देश को दिया है, जिसके क्रम में प्रदेश सरकार की वर्तमान फसली ऋण योजना इस दिशा में एक प्रमुख पहल है। उन्होंने कहा कि इस योजना से प्रदेश के 86 लाख लघु एवं सीमान्त किसानों के 31 मार्च 2016 तक लिये गये फसली ऋण में से 31 मार्च 2017 तक बकाया के बोझ को न केवल उनके कन्धों से उतारने का प्रयास है, बल्कि उनकी साख को बढ़ाकर उन्हें भविष्य से बैंकों से ऋण प्राप्त करने में मदद करने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि केन्द्र व प्रदेश सरकार किसानों के उन्नयन एवं सतत् विकास हेतु अनेकों योजनाएं संचालित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ऋण मोचन किसानों के विकास हेतु स्थायी उपाय नहीं है, इससे महत्वपूर्ण किसानों की मूल आवश्यकता बिजली, खाद व पानी को उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि पश्चिम उप्र में डार्क जोन होने के कारण भूजल स्तर गिर रहा है, जिसको देखते हुए सरकार द्वारा ड्रिप योजना में कृषकों को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि किसानों को सही बीज व उर्वरक प्रदान करने के लिये 19 नये कृषि विज्ञान केन्द्र खोले गये हैं, जिससे किसानों को नयी तकनीकि के आधार पर खेती करने की जानकारी प्रदान की जा रही है। इस अवसर पर उपस्थित विधायकों ने भी सरकार की कोंण मोचन योजना की सराहना करते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से न केवल लघु एवं सीमांत कृषकों का कर्ज का बोझ कम होगा, बल्कि उनके जीवन में खुशहाली आयेगी। प्रभारी जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने कहा कि प्रथम चरण में फसल ऋण मोचन योजना के अन्तर्गत जनपद के 11 हजार 108 पात्र लघु एवं सीमान्त कृषकों के खातों में धनराशि भेजी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि आज 5 हजार कृषकों को प्रथम चरण में प्रमाण पत्र वितरित किये गये हैं। उन्होंने कहा कि अवशेष पात्र कृषकों को आगामी तहसील स्तरीय कार्यक्रमों में ऋण मोचन प्रमाण पत्र से लाभान्वित किया जाएगा। इस अवसर पर सांसद डा. संजीव बालियान, विद्यायक अवतार सिंह भडाना, कपिल देव अग्रवाल, उमेश मलिक, विजय कश्यप, प्रमोद उटवाल, जिलाध्यक्ष भाजपा रूपेंद्र सैनी, प्रदीप बालियान, रामकुमार सहरावत, डा. देशबंधु तोमर, यशपाल पंवार, सतपाल सिंह पाल, डा. सुभाषचंद शर्मा, सुशीला अग्रवाल, जितेंद्र त्यागी, अपर जिलाधिकारी वि/रा सुनील कुमार सिंह, समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, बीडीओ, संयुक्त कृषि निदेशक, उप निदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी एवं समस्त बैंक शाखा प्रबंधक सहित पार्टी के अन्य वैभव त्यागी पूर्व जिलाध्यक्ष भाजयुमो, हरीश अहलावत, शरद शर्मा, सरदार सुखदर्शन सिंह बेदी, कुशपुरी, सुरेद्र अग्रवाल, सुषमा पुंडीर, प्रवीण शर्मा, शिवकुमार कश्यप आदि उपस्थित थे।

Share it
Top