डीएम ने किया चांदपुर आंगनवाडी केन्द्र का निरीक्षण...0 से 5 वर्ष के बच्चों के पोषण व टीकाकरण पर माता-पिता दें विशेष ध्यान

डीएम ने किया चांदपुर आंगनवाडी केन्द्र का निरीक्षण...0 से 5 वर्ष के बच्चों के पोषण व टीकाकरण पर माता-पिता दें विशेष ध्यान

मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने कहा कि आंगनवाडी केन्द्रों पर बच्चों की उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाये। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति उनके अभिभावकों की काउंसिलिंग करायी जाये और अति कुपोषित बच्चों को एनआरसी पर भर्ती कराया जाये। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाये कि एनआरसी पूरी क्षमता के साथ संचालित रहे। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की सभी आवश्यक जांचे एवं आवश्यक टीके लगाये जाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसवांे को बढावा दिया जाये और कोई भी प्रसव गैर संस्थागत न हो। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं के खान-पान पर विशेष ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है। जिलाधिकारी आज यहां गोद लिये गांव चांदपुर का औचक निरीक्षण कर रहे थे। उन्होंने तीन वर्ष से छः वर्ष के बच्चों की उपस्थिति कम पाये जाने पर कडी फटकार लगाते हुए आंगनवाडी कार्यकत्रियों को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिये। आंगनवाडी केन्द्र पर साफ-सफाई की उचित व्यवस्था नहीं पायी गयी। ग्राम प्रधान द्वारा जिलाधिकारी के संज्ञान में लाया गया कि ग्राम पंचायत सचिव दो माह से गंाव में नहीं आ रहे है। इस पर जिलाधिकारी ने डीपीआरओ को सात दिन में जांच पूर्ण कर आख्या उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि गांव में साफ-सफाई एवं स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाये। उन्होंने कहा कि वीएचएनडी दिवसों की फोटोग्राफी भी करायी जाये। निरीक्षण के दौरान ग्राम चांदपुर में जिलाधिकारी ने अतिकुपोषित व कुपोषित बच्चों के अभिभावकोें से कहा कि वे अपने बच्चों के पोषण व टीकाकरण पर विशेष ध्यान दे। उन्हें हरी सब्जी, दाल, गेहू, बाजरे की रोटी, तथा सत्तू/पंजीरी को खिलाये, जिससे कि कुपोषण से बचा जा सके। कुपोषण से बच्चों को बचाने की जिम्मेदारी अभिभावकों की है। उन्होंने कहा कि यदि घर में साफ-सफाई और स्वच्छता रहेगी, तो बीमारी से बचा जा सकेगा। जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान तथ्य सामने आये कि गांव में 2 अतिकुपोषित बच्चे व 11 आंशिक रूप से कुपोषित बच्चे है। जिलाधिकारी ने कहा कि इन बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाये तथा गर्भवती महिलाओं को भी पौष्टिक आहार दिया जाये, ताकि वे स्वस्थ बच्चों को जन्म दे सके। जिलाधिकारी अतिकुपोषित बच्चों श्यामी व राम तथा कुपोषित बच्चों से मिलकर उनके माता-पिता से कहा कि इनका विशेष ध्यान रखा जाये। जिलाधिकारी ने आंगनवाडी केन्द्र पर ग्रोथ रजिस्टर का भी अवलोकन किया। उन्होंने आशा, आंगनवाडी कार्यकत्राी और ए.एन.एम. को निर्देश दिये कि वे सर्वे करे और 0 से 05 साल के बच्चों के टीकाकरण हेतु सूची बनाये जिसमे सबसे पहले ज्यादा उम्र के बच्चों को ऊपर रखें। गर्भवती महिलाओं व बच्चों की संयुक्त सूची बनाये तथा सूची बनाने के बाद आशा, आंगनवाडी और ए.एन.एम अपनी अपनी सूची से मिलान करे ताकि काई भी बच्चा टीकाकरण से छूट न जाये। जिलाधिकारी ने कहा कि 0 से 5 वर्ष के बच्चों के स्वास्थ को सबसे ज्यादा खतरा होता है। उन्होंने कहा कि बच्चे के जन्म लेते ही उसको टीका लगवा देना चाहिए, क्योंकि अगर टीका छूट गया है, तो बच्चे को बीमारी लग सकती है। उन्होंने कहा कि अतिकुपोषित एवं कुपोषित बच्चों केा सामान्य की श्रेणी में लाना है। इस अवसर पर डीपीओ माला सोनकर, सीडीपीओ एवं अन्य अधिकारी/कर्मचारी मौजूद थे।

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