पालिकाध्यक्ष ने की डीएम से असुरक्षा की संभावना व्यक्त

पालिकाध्यक्ष ने की डीएम से असुरक्षा की संभावना व्यक्त

मुजफ्फरनगर। नगर पालिका मुजफ्फरनगर की 12 जून की बोर्ड बैठक में सभासदों व चेयरमैन के बीच शुरू हुआ वाद-विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। चेयरमैन ने अब अगली बोर्ड बैठक के लिए जिलाधिकारी राजीव शर्मा से एक मजिस्ट्रेट को पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त करने की मांग की तथा आरोप लगाये हैं कि कुछ सभासदों ने बैठक के बाद उनके कक्ष का दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया। वह असुरक्षा की भावना से भयभीत हैं, इनके विरुद्ध विध्कि कार्यवाही कराये जाने की मांग भी की।
12 जून की बोर्ड मीटिंग पूरी तरह से सभासदों के हंगामे की भेंट चढ़ी गयी थी। सभासद इस बोर्ड बैठक को एक प्रस्ताव के पारित होने के साथ सफल बता रहे है,वहीं दूसरी ओर चेयरमैन श्रीमती अंजू अग्रवाल ने इसे स्थगित करार दिया। इस प्रकरण में चेयरमैन श्रीमती अंजू अग्रवाल ने जिलाधिकारी राजीव शर्मा को पत्र लिखकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया। इसमें उन्होंने कहा कि 12 जून की बोर्ड बैठक में शहर के विकास, कर्मचारियों की समस्याओं और अन्य जनहित के कार्यों के लिए करीब 38 प्रस्ताव वाले एजेण्डे पर चर्चा की जानी थी, लेकिन बैठक शुरू होते ही कुछ सभासद, जिन्हें पालिका हित, जनहित एवं शहरी सौन्द्रर्यकरण से कोई सरोकार नहीं है, वह एजेण्डा पर चर्चा न करते हुए उनकी डायस पर आ गये और वाद-विवाद करने लगे। लोकतंत्र की मर्यादा के विपरीत विकास के एजेण्डे पर चर्चा करने के बजाये, सभासद हो हल्ला, अत्याधिक हंगामा सदन में किया। इस बार अधिशासी अधिकारी को एजेण्डा तक पढ़ने नहीं दिया गया। गत बोर्ड बैठकों में सभासद अब्दुल सत्तार 4-5 अन्य सभासदों के साथ हंगामा करने पर उतारू रहे हैं। महिला सभासदों की उपस्थिति में अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है। सुनियोजित साजिश के तहत 12 जून की बैठक में भी ये सभासद डायस पर आये और विवाद किया। अधिशासी अधिकारी विकास सैन को बार-बार धमकाया। उन्हे एजेण्डे पर मत विभाजन करने का अवसर भी नहीं दिया गया। बिना उनकी अनुमति के राष्ट्रगान कराकर बैठक समाप्ति की घोषणा करा दी गई। चेयरमैन ने आरोप लगाया कि बैठक समाप्ति के उपरांत विशेषतौर पर सभासदपति नौशाद कुरैशी ने अधिशासी अधिकारी और उनके कक्ष के बीच के दरवाजे को हमले की नीयत से तोड़ने का प्रयास किया। चेयरमैन ने जिलाधिकारी से असुरक्षा की संभावना व्यक्त करते हुए कहा कि इनके विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही करायी जाये और आगामी बोर्ड अधिशासी अधिकारी में एक मजिस्ट्रेट को पर्यवेक्षक नामित करते हुए पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने बोर्ड बैठक में मीडिया के अलावा अन्य बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबन्ध लगाने की जानकारी भी जिलाधिकारी को दी।
उधर सभासदों द्वारा तहरीर दिये जाने पर चेयरमैन अंजू अग्रवाल ने कहा कि उनके द्वारा कुछ भी गलत नहीं कहा गया है, बोर्ड अधिशासी अधिकारी की वीडियो उपलब्ध है, वह चाहती हैं कि वीडियो की जांच करायी जाये। इससे सच और झूठ सभी जनता के सामने होगा।

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