चेयरमैन के विरूद्ध सभासदों ने कसी कमर

चेयरमैन के विरूद्ध सभासदों ने कसी कमर

मुजफ्फरनगर। नगर पालिका मुजफ्फरनगर की बोर्ड बैठक में हुए विवाद में आज उस समय नया मोड़ आ गया, जब भाजपा सभासदों की अगुवाई में चेयरमैन अंजू अग्रवाल विरोधी गुट के सभासदों ने उनके विरूद्ध मोर्चा खोल दिया। इस संबंध में कम्पनी बाग में बैठक करने के उपरांत शहर कोतवाली पहुंचकर चेयरमैन के खिलाफ विरूद्ध देते हुए कार्यवाही की मांग की। सभासदों ने चेयरमैन पर धमकी देने, अभद्र भाषा का प्रयोग करने के आरोप लगाये।
गौरतलब है कि 12 जून को नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर की बोर्ड बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक में 38 प्रस्ताव वाला एजेण्डा सदन के सामने अधिशासी अधिकारी विकास सैन ने प्रस्तुत किया, लेकिन गत कार्यवाही की पुष्टि होने से पहले ही सभासदों ने शहर में गन्दगी और विकास कार्य नहीं होने को लेकर हंगामा शुरू कर दिया था। इसी को लेकर सभासद अब्दुल सत्तार की ईओ विकास सैन के साथ कहासुनी हो गयी थी और ईओ के कपड़े फाड़ देने की धमकी सभासद ने दी थी। इस सम्बंध में अधिशासी अधिकारी विकास सैन ने सभासद अब्दुल सत्तार के खिलाफ थाना कोतवाली नगर में तहरीर दी थी। इस पर आज सवेरे सभासदों ने कम्पनी बाग में बैठक की और चेयरमैन पर अभद्रता कर उनका अपमान करने के आरोप लगाये। यहां भाजपा सभासदों के साथ सभी एकजुट होकर कोतवाली पहुंचे और शहर कोतवाल अनिल कुमार कपरवान को एक वीडियो दिखाई। इसी को लेकर वार्ड नम्बर 50 के सभासद अब्दुल सत्तार के साथ अन्य सभासदों राजीव शर्मा, अरविन्द धनगर, सलेक चन्द, विपुल भटनागर, प्रवीण पीटर, मनोज वर्मा, अमित कुमार, कुसुम लता, हनी पाल, नरेश चन्द मित्तल, संगीता, ओम सिंह पाल, रानी सक्सेना, राहुल पंवार, शफीक, दिलशाद, उमा देवी, नवनीत कुच्छल एड., प्रेमी छाबडा, गयूर, अहमद अली, सुनीता रानी, पिंकी और आबिद अली ने तहरीर दी। सभासदों ने कहा कि यदि उनके साथ कोई भी अप्रिय घटना घटित होती है, तो उसकी जिम्मेदार चेयरमैन होंगी, वो उनकी चेतावनी से भयभीत हैं। चेयरमैन के विरूद्ध लड़ाई के लिए एकजुट हुए सभासद ही सच और झूठ को लेकर दो खेमों मे बंटे हुए नजर आये। कम्पनी बाग में जब चेयरमैन के विरोध में सभासदों की बैठक में अगली रणनीति को लेकर विचार हो रहा था, तो यहां पर कुछ सभासदों ने ये कहा कि चेयरमैन पर ये आरोप लगाये जायें कि उनके द्वारा मुस्लिम वार्डों में विकास कार्य कराने, सफाई कराने और पेयजलापूर्ति के साथ ही अन्य मूलभूत सुविध सुनिश्चित करने से इंकार कर दिया गया है। इसी पर रोष के कारण बोर्ड बैठक में जवाब मांगा जा रहा था। इस पर कुछ सभासदों ने साफ कर दिया कि वह किसी भी झूठ में साथ नहीं रहेंगे। कुछ सभासद तो इस झूठ से नाराज होकर चले गये। इन सभासदों का कहना था कि वह मान-सम्मान की लड़ाई के लिए साथ आये हैं, लेकिन झूठ में साथ नहीं रहेंगे।

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