अधिशासी अधिकारी ने की सभासद के विरूद्ध कार्यवाही की मांग

अधिशासी अधिकारी ने की सभासद के विरूद्ध कार्यवाही की मांग

मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर की कल की बोर्ड बैठक में हुआ हंगामा अब नया रंग लेने लगा है। इस बैठक में पालिका के अधिशासी अधिकारी विकास सैन को धमकाने/अपमानित करने के आरोप को लेकर उनकी ओर से कानूनी कार्यवाही की ओर कदम बढ़ाया गया है। अधिशासी अधिकारी ने आरोपी सभासद के विरूद्ध शहर कोतवाली में तहरीर देते हुए सार्वजनिक रूप से अपमानित करने व भय का वातावरण पैदा करने के आरोप लगाया है।
12 जून को नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर की चौथी बोर्ड बैठक का आयोजन टाउनहाल स्थित पालिका सभाकक्ष में प्रातः 11 बजे से किया गया। इस बैठक में सभासदों ने पालिका प्रशासन पर विकास कार्य नहीं कराये जाने के आरोप लगाते हुए जबरदस्त हंगामा किया था। हंगामे के दौरान सभासद अब्दुल सत्तार की अधिशासी अधिकारी विकास सैन और चेयरमैन अंजू अग्रवाल के साथ तीखी बहस हुई। अधिशासी अधिकारी को सभासद ने सार्वजनिक तौर पर धमकाया था। जिसमें उनके कपड़े फाड़ने की खुलेआम ध्मकी दी गयी थी। इसको लेकर बैठक स्थगित कर दी गयी थी। बुधवार को इस प्रकरण में उस समय नया मोड़ आया, जब अधिशासी अधिकारी विकास सैन की ओर से शहर कोतवाली में तहरीर दी गयी। इसमें अधिशासी अधिकारी ने प्रभारी निरीक्षक को अवगत कराया कि 12 जून को बोर्ड बैठक के दौरान अध्यक्ष के आदेश पर वह एजेण्डा सदन में प्रस्तुत कर रहे थे, तो कुछ सभासद डायस पर उनके सामने आये और वाद-विवाद करने लगे। इसी बीच सभासद अब्दुल सत्तार निवासी दक्षिणी खालापार पीछे सीट से उठकर डायस पर आ गये। अधिशासी अधिकारी विकास सैन का आरोप है कि अब्दुल सत्तार ने पूर्व सुनियोजित तरीके से षड्यंत्रा के तहत उनके साथ अभद्रता, गाली-गलौज करते हुए स्पष्ट रूप से धमकी देते हुए कहा कि कपड़े फाड दूंगा., मार दूंगा। लगातार मेरी गरिमा को ठेस पहुंचाते हुए सार्वजनिक रूप से सभासद अब्दुल सत्तार द्वारा उनको अपमानित किया गया। अधिशासी अधिकारीे विकास सैन का कहना है कि बोर्ड बैठक समाप्त होने के बाद अब्दुल सत्तार ने उनके कार्यालय के सामने भी उन पर हमला करने की धमकी दी। इस कृत्य से मेरे अन्दर भय बना हुआ है और कुछ भी अनिष्ठ होने की संभावना है। अधिशासी अधिकारी विकास सैन ने सभासद अब्दुल सत्तार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। 12 जून की बोर्ड बैठक में हंगामा करने वाले विरोधी खेमे के सभासद राजीव शर्मा, अरविन्द धनगर, मनोज वर्मा, नरेश चन्द मित्तल, सरफराज आलम, हनी पाल और सभासदपति मुनीश कुमार, मौ. राहत व नरेश खटीक बुधवार को पालिका कार्यालय में ईओ और चेयरमैन से मिलने के पहुंचे, लेकिन दोनों ही उपस्थित नहीं मिले। इस पर सभासदों ने चेयरमैन के कार्यालय मे बैठकर इस प्रकरण में आगे की रणनीति पर चर्चा की। सभासद राजीव शर्मा, अरविन्द धनगर का कहना है कि बोर्ड बैठक को स्थगित करने की बात गलत है। बोर्ड बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया है। उन्होंने ईओ विकास सैन को एक प्रार्थना पत्र दिया है, इसमें बोर्ड बैठक के दौरान चेयरमैन अंजू अग्रवाल और उनके स्टेनो गोपाल त्यागी के द्वारा प्रयोग किये गये दोनों कैमरों की रिकॉर्डिंग की सीडी उपलब्ध कराये जाने की मांग की गयी है। वह बिना छेड़छाड़ किये वीडियो की मांग कर रहे हैं। इस सीडी को लेकर मण्डलायुक्त सहारनपुर से मिलकर शिकायत की जायेगी।

Share it
Top