सुसाइड ट्रैक बन गया रेलवे ट्रैक...रेशु विहार फाटक से लेकर बामनहेरी तक रेलवे ट्रैक बना अभिशापित

सुसाइड ट्रैक बन गया रेलवे ट्रैक...रेशु विहार फाटक से लेकर बामनहेरी तक रेलवे ट्रैक बना अभिशापित

मुजफ्फरनगर। जनपद में शायद ही कोई ऐसा सप्ताह जाता होगा, जब नगर सहित देहात में किसी युवक ने, किसी युवती ने, महिला ने, पुरुष ने तथा किसी बड़े बुजुर्ग ने अपने जीवनलीला को समाप्त ना किया हो। इन सब में सबसे अधिक अपनी जीवनलीला युवाओं ने रेलवे ट्रैक पर समाप्त की है। मुजफ्फरनगर में रेशु विहार से लेकर बामनहेरी के बझेड़ी रेलवे फाटक के बीच का ट्रैक सुसाइड प्वाइंट बन गया है, इसे मौत का ट्रैक कहा जाए, तो किसी प्रकार की अतिश्योक्ति नहीं होगी। जिसमें हाल ही में कई युवाओं द्वारा अपनी जीवनलीला समाप्त की गई है। हाल ही में कक्षा 12 की एक छात्रा ने कम नंबर आने के चक्कर में अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी। उस के दूसरे ही दिन उसी के मोहल्ले का एक युवक भी उसी के आसपास ट्रैक पर मृत पाया गया था। 10 मई को बझेड़ी रेलवे फाटक पर एक 22 वर्षीय युवक द्वारा ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त करने की घटना भी इसी की एक कड़ी है।
मुजफ्फरनगर का रेशु विहार रेलवे फाटक से लेकर बामनहेरी रेलवे स्टेशन के अंतर्गत आने वाले बझेड़ी रेलवे फाटक के बीच का रेलवे ट्रैक वर्तमान में सुसाइड ट्रैक बन गया है। औसतन एक सप्ताह के अंदर कोई ना कोई इन स्थानों पर, जिसमें बझेड़ी रेलवे फाटक, सरवट पफाटक व रेशु विहार रेलवे पफाटक के दाएं-बाएं कोई ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त न करता हो। इनमें सबसे अधिक संख्या युवाओं की है। लगभग डेढ़-दो माह पूर्व रेशु विहार के निकट शाकंुतलम कालोनी के पास एक युवती ने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त की थी। जिसकी मौके पर शिनाख्त नहीं हो पाई थी। उसके बाद 29 अप्रैल को बारहवीं कक्षा का रिजल्ट आने पर सनातन धर्म कन्या पाठशाला इंटर कालेज, गांधी कालोनी की कक्षा 12 की छात्रा, जो कि शिवनगर (सुभाषनगर) की निवासी थी, ने सरवट फाटक के पास रेलवे स्टेशन की ओर लगभग 3.30 बजे के आसपास कालका ट्रेन के आगे कूद कर कम नंबर आने के चक्कर में अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी। उससे एक दिन छोड़कर मौहल्ला शिवनगर का ही एक युवक ट्रेन के आगे कूद गया था। उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इसी से थोड़ा आगे चलते हुए 10 मई को बझेड़ी रेलवे फाटक पर मौहल्ला रैदासपुरी निवासी एक 22 वर्षीय युवक भी मृत पाया गया। उसने भी गाड़ी संख्या 54472 दिल्ली पैसेंजर के आगे कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी। सरवट फाटक पर कुछ महीने पहले एक वृद्ध महिला ने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त की थी। हाल के महीनों में सबसे अधिक ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या करने वालों मे युवाओं की संख्या अधिक रही। इसी के चलते रेशु विहार से लेकर बामनहेरी स्टेशन तक के रेलवे ट्रैक को सुसाइड ट्रैक घोषित किया गया है।
अवसाद एक बड़ी वजहः अपने जीवन को समाप्त करने के पीछे बड़ी वजह जानकारों के अनुसार अवसाद अर्थात डिप्रेशन को माना गया है। जिसके चलते लोग अपने जीवन में अपनी जीवनलीला समाप्त करने जैसा बड़ा कदम आसानी से उठा लेते हैं। जीवनलीला समाप्त करना अर्थात सुसाइड करने में सबसे अधिक संख्या युवाओं की है, जो अवसाद से ग्रसित होकर सुसाइड जैसा कदम उठाने पल भर की देर नहीं करते। आत्महत्या के मामले संयुक्त परिवारों के मुकाबले एकाकी परिवार में सबसे अधिक सामने आए हैं। सुसाइड का जिक्र करते ही मन-मस्तिष्क में अनायास ही रोंगटे खड़े कर देने वाला द्ृश्य सामने आ जाता है। इसमें फांसी के पफंदे पर झूलता शव, विषैले पदार्थ का सेवन करने वाले का चिकित्सालय की टेबल पर पड़ा शव व रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत पड़ा शव शामिल हैं। सुसाइड के बारे में जानकारों का कहना है कि सर्दियों में खासकर जनवरी माह में सुसाइड केस अधिक मामले आते हैं, जब पारा अधिक नीचे चला जाता है और कोहरे की मार अधिक पड़ती है, तो व्यक्ति अवसाद में चला जाता है। अवसाद में चला गया व्यक्ति सुसाइड जैसा कदम उठा लेता है। अपनी जीवनलीला समाप्त करने वाला यह कदम उठाने वाला पल भर का ही होता है। इसी अवसाद के चलते शिवनगर निवासी छात्रा व रैदासपुरी निवासी युवक ने सुसाइड जैसा आत्मघाती कदम उठाया था। शीघ्र ही सीबीएसई का परीक्षा परिणाम भी आने वाला है। इसे देखते हुए ट्रैक पर सुरक्षा व्यवस्था आवश्यक है।

Share it
Share it
Share it
Top