मदिरा की दुकानों का आवंटन बना आबकारी विभाग का सिरदर्द

मदिरा की दुकानों का आवंटन बना आबकारी विभाग का सिरदर्द

मुजफ्फरनगर। जनपद के आबकारी विभाग के लिए मदिरा की दुकानों का आवंटन एक बड़ी परेशानी का सबब बन गया है। आबकारी विभाग को शेष रही गयी कुछ दुकानांे के लिए आवेदनकर्ता खोजे से भी नहीं मिल पा रहे हैं। जिसके चलते तीसरे चरण में भी आवंटन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। आबकारी विभाग के लिए देशी-विदेशी व बीयर की दुकानों का आवंटन एक प्रकार से सिरदर्द बन गया है। अब तक हुए तीन चरणों में भी जनपद की सभी 300 दुकानों की आवंटन की प्रक्रिया संपूर्ण नहीं हो सकी है। अब तक कुल तीन चरणों में 260 दुकानों का आवंटन हो सका है। शेष 45 दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया को लेकर विभागीय अधिकारियों का कहना था कि शासनस्तर से आदेश मिलने पर आगे की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
जनपदीय आबकारी विभाग की ओर से सोमवार को तीसरे चरण में एनआईसी में 51 दुकानों में से पांच का आवंटन किया गया। जिसमें दो देशी, दो बीयर व एक विदेशी दुकान शामिल है। शेष 46 दुकानों का आवंटन शासन से मिलने वाले निर्देशों के तहत किया जाएगा। यह आवंटन का तीसरा चरण था। आबकारी विभाग के तय कार्यक्रम के अनुसार शेष एवं दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया के तहत आवेदन मांगे गए थे। जिसके तहत आज एनआईसी के कार्यालय में ई-लॉटरी के माध्यम से आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। जिसमें केवल 5 दुकानों के ही आवेदन आ सके। इसमें दो देशी, दो बीयर तथा एक विदेशी मुद्रा की दुकान शामिल है। इसमें रामराज में एक देशी, मकसूदाबाद में एक देशी, मोरना में व किनौनी में बीयर की दुकान तथा सराय रसूलपुर में एक विदेशी मदिरा की दुकान शामिल है। इस प्रकार अब आवंटित होने वाली दुकानों में 46 शेष हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए जिला आबकारी अधिकारी अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि 19 मार्च को 300 दुकानों के लिए आवंटन के तहत ई-लॉटरी के माध्यम से 228 दुकानों का आवंटन किया गया था। उसके बाद 26 मार्च को शेष 72 दुकानों में से 27 का आवंटन हुआ। जिसमें से 6 दुकानें तय समय पर पैसा जमा न करने के कारण निरस्त कर दी गई थीं। निरस्त होने के बाद से दुकानों की संख्या 45 के स्थान पर बढ़कर 51 हो गई थी। शासन से मिले निर्देश के तहत आज तीसरे चरण में आवंटन की प्रक्रिया की ई-लॉटरी के माध्यम से की गई, जिसमें केवल 51 में से 5 दुकानों का आवंटन हो सका। शेष 46 दुकानों का आवंटन शासन से मिले निर्देशों के अनुसार किया जाएगा। वहीं सूत्रों का कहना है कि दुकानों के लिए तय की गई जमानत राशि अधिक होने के कारण इन दुकानों के लिए खोजे से भी विभाग को ठेकेदार नहीं मिल पा रहे हैं। जिसके चलते तीसरे चरण के बाद भी विभाग संपूर्ण आवंटन की प्रक्रिया पूरी करने में कामयाब नहीं हो सका है। लगता नहीं है कि चौथे चरण में भी शेष दुकानों का आवंटन हो पाएगा।

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