मानसिक तनाव के चलते वृद्ध की मौत...परिजनों ने पुलिस पर लगाया मानसिक उत्पीडन का आरोप, शुक्रताल चौकी प्रभारी को किया लाईन हाजिर

मोरना। गांव बहुपुरा में झूठे मुकदमे में फंसाये जाने और पुलिस के द्वारा फैसला करने के दबाव के चलते परिवार के मुखिया 55 वर्षीय ऋषिपाल की ब्रेन हैमरेज से मौत हो गयी, कार्यवाही की मांग को लेकर ग्रामीणों ने भारी हंगामा खडा कर शव का दाह संस्कार करने से मना कर दिया। सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष भोपा विजय सिंह ने परिजनों की मांग को मानते हुए और आरोपियों पर कडी कानूनी कार्यवाही करने का आश्वासन देकर दाह संस्कार करने के लिए समझाया बुझाया। तब कहीं जाकर 8 घंटे बाद परिजनों ने आरोपियों से जान बचाने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग के आश्वासन के बाद वृद्ध का अंतिम संस्कार किया। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मामले को संज्ञान में लेते हुए शुक्रताल चौकी प्रभारी बालेन्द्र सिंह को तत्काल लाईन हाजिर कर दिया है। भोपा थाना क्षेत्र के गांव बहुपुरा में कबीरपंथी समाज के ऋषिपाल पुत्र नत्थू मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करता है। अचानक ऋषिपाल की तबीयत बिगड जाने के कारण उसको मुजफ्फरनगर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां पर गुरूवार सवेरे 6 बजे उसकी मौत हो गई। मौत का कारण ब्रेन हैमरेज से होना बताया गया। मौत की सूचना मिलने पर परिजनों में शोक की लहर दौड गई। मृतक के परिजन गौरव, किरणपाल, मा. राजेन्द्र, सुरेश, जबरसिंह, इंद्रपाल, बलराम, ज्ञानसिंह, तेजसिंह, संजय, विपिन आदि ने बताया कि मृतक के घर मे गांव का नितिन पुत्र नरेश जबरदस्ती घुस आया था। जिसको लेकर ऋषिपाल पक्ष की ओर से वादी सोनू पुत्र वेदपाल ने आरोपी नितिन के विरूद्ध गत 1 फरवरी को थाना भोपा पर मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं आरोपी पक्ष के द्वारा झूठा आरोप लगाते हुए नरेश पुत्र चतरसिंह की तहरीर पर डीआईजी शरद सचान के आदेश पर गत 8 फरवरी को अपने बेटे नितिन के साथ मारपीट करने के आरोप में विक्रान्त पुत्र ऋषिपाल, ऋषिपाल पुत्र नत्थू को नामजद करते हुए भोपा थाने में मुकदमा दर्ज कर दिया। मृतक ऋषिपाल के परिजनों को कहना है कि आरोपियों ने मृतक पर फैसला करने को लेकर पुलिस से सांठगांठ कर ली थी, जिसके चलते आए दिन जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। ऋषिपाल पीडित होने के बावजूद झूठे मुकदमे फंसाए जाने तथा आरोपियों द्वारा धमकाए जाने से आहत हो चुका था तथा कई बार पुलिस से अपनी जानमाल की सुरक्षा को लेकर गुहार लगा चुका था। इसी मानसिक परेशानी के चलते गुरूवार को ऋषिपाल को ब्रेन हैमरेज हो गया। ऋषिपाल की मौत से परिजनों में रोष व्याप्त हो गया है। परिजनों सहित ग्रामीणों में पुलिस उत्पीडन का आरोप लगाते हुए मृतक के शव को गांव में रखकर नारेबाजी की हंगामा काटा। मौके पर पहुंचे थाना भोपा प्रभारी विजय सिंह व वरिष्ठ उपनिरीक्षक लेखराज सिंह ने मामले को शांत करते हुए कार्यवाही का आश्वासन देकर मृतक का अन्तिम संस्कार कराया।

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