गठबंधन समय की आवश्यकता हैः अजित सिंह...कहाः भाजपा की कथनी व करनी में अंतर है, प्रदेश व केंद्र की सरकार से जनता बुरी तरह त्रस्त

गठबंधन समय की आवश्यकता हैः अजित सिंह...कहाः भाजपा की कथनी व करनी में अंतर है, प्रदेश व केंद्र की सरकार से जनता बुरी तरह त्रस्त

मुजफ्फरनगर। 2019 के लोकसभा चुनाव मे जहां सभी छोटी बड़ी पार्टियों के द्वारा अपनी-अपनी जमीं को तलाशा जा रहा है। वहीं रालोद भी इसी परिपार्टी पर चल निकली है। भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए समय की आवश्यकता है। भाजपा की कथनी व करनी में काफी फर्क है। यही कारण है कि हर वर्ग भाजपा की कारगुजारी से त्रास्त नजर आ रहा है, जिसके चलते वह भाजपा से हर हालत में छुटकारा चाहता है। उक्त उद्गार मेरठ रोड स्थित पीडब्ल्यूडी के डाक बंगले पर आयोजित प्रेस वार्ता में मुस्लिम-जाट समीकरण के जरिय प. उप्र में रालोद को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से दो दिवसीय जनपद प्रवास पर आए रालोद प्रमुख चौ. अजित सिंह ने व्यक्त किये। पत्रकारांे से वार्ता करते हुए चौ. अजित सिंह ने कहा कि भाजपा ने देश की राजनीति को धरातल पर किया है। उनका कहना था कि वर्ष 2013 में मुजफ्रपफरनगर दंगों में भाजपा ने मुजफ्फरनगर से देश की राजनीति को बिगाड़ दिया था। अब यहीं से राजनीति में सुधर किया जाएगा। भाजपा चार साल से सत्ता में है और सिर्फ हिन्दुत्व का राग अलापती है।
पिछले चुनावों में पराजय का दंश झेलने के उपरांत लंबे समय से खामोशी का दामन ओढे़ बैठे रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह ने लोकसभा चुनाव की आहट के बीच लंबे अर्से के बाद पार्टी के बिखरे वजूद को समेटने का अभियान शुरू किया है।
मेरठ रोड स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पर पत्रकारांे से बात करते हुए रालोद प्रमुख एवं पूर्व केन्द्रीय मन्त्राी चौ0 अजित सिंह ने कहा कि वे 79 वर्ष को हो चुके हैं और अब 80वें वर्ष में उनका लक्ष्य साम्प्रदायिक सद्भाव कायम करना है। मुजफ्फरनगर से ही अब इसकी शुरूआत होगी अर्थात देश की राजनीति में यहीं से सुधर होगा।
चौ.अजित सिंह ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साध्ते हुए कहा कि हाल में सम्पन्न हुए पंचायत चुनाव में भाजपा मुजफ्फरनगर व शामली मंे हारी है। इसका सिर्फ एक ही कारण है कि समाज का हर वर्ग भाजपा सरकार से त्रस्त है। चाहे वह किसान-मजदूर हों या युवा, क्योंकि युवाआंे को रोजगार मुहैया नहीं हो पाए हैं। युवा वर्ग बेरोजगारी का दंश झेल रहा है। प्रदेश में कानून व्यवस्था के विषय में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यदि सरकारी अंाकड़ों को देखा जाए, तो प्रदेश में अपराधें में कमी नहीं आई है। यह कासगज दंगों से पता चलता है। उन्हांेने कहा कि भाजपा तो कासगंज ही करायेगी। कासगंज का मामला भाजपा का प्रायोजित कार्यक्रम है। प्रदेश में कहीं कोई विकास होता नजर नहीं आ रहा है। प्रदश का विकास शायद गढ्ढा मुक्त सड़कों व गन्ना भुगतान तक ही सीमित नजर आ रहा है। उनका कहना था कि सपा के कार्यकाल में अपराध् कम था।
रालोद सुप्रीमो चौधरी अजित सिंह ने केन्द्र सरकार को भी निशाने पर रखा। उन्हांेने मोदी सरकार पर बोलते हुए कहा कि देश मे बेरोजगारी बढ़ी है, बैंकांे ने कई लोगांे को निकाल दिया है। नोटबंदी के बाद बेरोजगारी बढ़ी है। मोदी के पास असत्य के सिवाय कुछ नहीं है। युवा वर्ग रोजगार के लिए इधर-उधर भटकता रहा है। सरकार का चार साल का कार्यकाल सभी के सामने है। भाजपा सिर्फ बंाटने की राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रचार तन्त्र काफी मजबूत है तथा ये लोग अफवाह फैलाने में माहिर हैं। उन्हांेने कहा कि प्रचार तन्त्र के लिए मशहूर भाजपा ने तो कई साल पहले कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक गणेश जी को दूध् पिलवा दिया था। राजस्थान में भाजपा की हार के विषय में की गई चर्चा पर उन्हांेने कहा कि राजस्थान चुनाव में भाजपा की हार से देश में केन्द्र सरकार के विरोध् के स्वर तेज हुए हैं। जीएसटी, नोटबंदी व मोदी सरकार की कथनी व करनी में फर्क कई ऐसे बड़े कारण हैं। जिनका खामियाजा लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा को भुगतना पडे़गा। राम मंदिर के विषय में पूछे गए सवाल के जवाब में चौध्री अजित सिंह ने कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट से जुड़ा मुद्दा है। वे इस पर किसी प्रकार की टिप्पणी नहीं कर सकते। कैराना के उपचुनाव पर पूछे गये सवाल को वह गोलमोल जवाब देकर टाल गये। वहीं हमेशा से चुनाव के समीप हरित प्रदेश की मंाग के मुद्दे को उठाने की बात पर उन्होंने कहा कि वे आज भी हरित प्रदेश के पक्षध्र हैं। हरित प्रदेश बनना चाहिए। इसके लिए सरकार को कदम उठाना चाहिए। इस मौके पर पूर्व विधायक राजपाल बालियान, जिलाध्यक्ष अजित राठी, र्ध्मवीर बालियान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष डा. अनिल त्यागी, प्रवक्ता सुनील रोहटा, शाहनवाज राना, पूर्व मंत्राी चौ. योगराज सिंह, पूर्व सांसद अमीर आलम खां, रमा नागर, सुदेश शर्मा, त्रिलोक त्यागी, पप्पू प्रमुख, अशोक बालियान, अभिषेक चौधरी, सुधीर भारतीय, हर्ष राठी, कंवरपाल फौजी, बॉबी त्यागी, ब्रह्मपाल बालियान, डा. हाशिम रजा जैदी, राजेन्द्र सिंह चिकारा, पप्पू प्रमुख, धर्मेन्द्र राठी, दीन मौहम्मद, राजेश कश्यप, धर्मेन्द्र तोमर, गुलाम मौहम्मद, मोबीन, तारिक मुस्तपफा आदि सैंकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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