ग्राम पंचायत सचिव के वेतन आहरण पर लगायी गयी रोक

ग्राम पंचायत सचिव के वेतन आहरण पर लगायी गयी रोक

मुजफ्फरनगर। मुख्य विकास अधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने शुक्रवार को ग्राम सीमली विकास खण्ड सदर में मनरेगा योजनान्तर्गत तालाब खुदाई का कार्य, श्मशान घाट शेड निर्माण तथा ग्राम बिजोपुरा में माईनर बिजोपुरा की सिल्ट सपफाई कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान हरि शर्मा अधिशासी अभियन्ता खण्ड गंगा नहर, प्रभु दयाल उपायुक्त मनरेगा, खण्ड विकास अधिकारी कु. गजल भारद्वाज (आईएएस) उपस्थित थी।
माईनर बिजोपुरा की सिल्ट सफाई का कार्य देखा गया। स्थलीय निरीक्षण के समय मौके पर 08 मजदूर काम कर रहे थे। उपस्थिति का सत्यापन किया गया। कृष्णपाल, मनोज, शिवराम, वेदराम, संदीप एवं रामकिशन तथा 02 महिला मजदूर उपस्थित मिली, जो काम कर रहे थे, मस्टर रोल से मिलान करने पर सही पाया गया। ज्ञात करने पर मजदूरों द्वारा बताया गया कि उनको निर्धारित मजदूरी रू 175 मिल रही है। प्राक्कलन धनराशि 0.61 लाख रू. स्वीकृत है, जिसके सापेक्ष रू. 17,675 के मस्टर रोल स्वीकृत हुए हैं, जिनका भुगतान किया जाना प्रस्तावित है।
सिल्ट सफाई कार्य सम्बन्धी कोई बोर्ड लगा हुआ नहीं पाया गया। इसके अतिरिक्त मनरेगा योजनान्तर्गत कराये जाने वाले कार्यों के 07 रजिस्टर भी उपलब्ध नहीं पाये गये। ग्राम प्रधान को इन रजिस्टरों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी तथा सम्बन्धित ग्राम पंचायत अधिकारी भी उपस्थित नहीं पाये गये। खण्ड विकास अधिकारी, सदर/उपायुक्त मनरेगा को निर्देशित किया जाता है कि मनरेगा रजिस्टर प्रत्येक ग्राम पंचायत में अद्यतन स्थिति में उपलब्ध होने चाहिए। खण्ड विकास अधिकारी, सदर सम्बन्धित ग्राम पंचायत सचिव के वेतन आहरण पर रोक लगा दी गयी।
ग्राम सीमली में तालाब खुदाई कार्य मंे तालाब का प्राक्कलन रू. 264600 के सापेक्ष 17950 धनराशि व्यय करते हुए एक हजार मानव दिवस सृजित किये गये हैं। तालाब में गन्दगी पाई गयी, गोबर एवं कूड़े के ढेर लगे थे तथा कुछ लोगांे के द्वारा अनाधिकृत रूप से तालाब की जमीन पर कब्जा किये जाने का मामला भी प्रकाश में आया है। इस संदर्भ में सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि तालाब की सपफाई व्यवस्था दुरूस्त कराते हुए अवैध कब्जे हटाये जाने की प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें। ग्राम सीमली में श्मशान घाट शेड के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया गया। शेड की निर्माण लागत 1.49 लाख रू. स्वीकृत है। 3.65/3.20 वर्गमीटर क्षेत्रफल में शेड निर्माण कराया गया है। 60.0/60.0 सेंटीमीटर के 04 पिलर बनाये गये हैं। श्मशान घाट तक जाने हेतु कोई एप्रोच रोड/रास्ता नहीं है। खेतों के बीच से होकर श्मशान घाट पर जाना बहुत कठिन है। रंगाई-पुताई भी खराब स्तर की पायी गयी एवं श्मशान शेड का निर्माण सम्बन्धी सूचना का शिलापट भी नहीं लगाया गया।

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