शुगर मिल के कर्मचारी की मौत होने पर हंगामा

शुगर मिल के कर्मचारी की मौत होने पर हंगामा

मंसूरपुर। डीएसएम शुगर मिल मंसूरपुर में ड्यूटी करने के दौरान अचानक कर्मचारी की तबीयत बिगड़ने पर मिल प्रशासन ने बेगराजपुर मेडिकल में भर्ती कराया, लेकिन गंभीर अवस्था के चलते उसे मेरठ के लिए रेपफर किया गया। रास्ते में ही पफैक्ट्री कर्मी की मौत हो जाने पर परिजनों ने मिल के अंदर मृतक के शव को रख कर धरना प्रदर्शन किया और मांग रखी कि मृतक के परिजनों को आर्थिक मदद दी जाए तथा मृतक के पुत्र को उसी के स्थान पर नौकरी दी जाए। कई घंटे धरना चलने के बाद मिल के वीपी द्वारा मृतक के परिजनों को 7 लाख रूपए की आर्थिक मदद तथा मृतक के पुत्रा को नौकरी दिए जाए जाने के आश्वासन पर धरना समाप्त किया गया।
गांव अंतवाडा खतौली निवासी 58 वर्षीय रमेश पुत्र बुद्धू मंसूरपुर शुगर मिल में सिजनल परमानेंट कर्मचारी है। उसकी ड्यूटी सुबह 6 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक थी। वह अपनी ड्यूटी कर रहा था कि दस बजे के आसपास अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। साथ में काम करने वाले कर्मचारियों ने इसकी सूचना मिल प्रशासन व रमेश के परिजनों को दी। मिल प्रशासन ने तुरंत ही उसे बेगराजपुर मेडिकल में भर्ती कराया। तबीयत अधिक खराब होने के कारण उसे मेरठ के लिए रेपफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया। उन्होंने उसके शव को मिल के अंदर रखकर हंगामा प्रदर्शन शुरू कर दिया। जानकारी मिलने पर रालोद नेता संजय राठी व खानुपुर प्रधान भूपेंद्र राठी भी मौके पर पहुंच गए और धरने में शामिल होने के बाद मिल प्रशासन पर दबाव बनाया गया कि मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता के रूप में धनराशि दी जाए तथा मृतक के पुत्र को मिल के अंदर परमानेंट नौकरी भी दी जाए। करीब तीन घंटे तक धरना चलता रहा। बाद में मिल के वीपी अरविंद कुमार दीक्षित को मौके पर बुलाया गया। उन्होंने 7 लाख रुपए की आर्थिक मदद व मृतक के पुत्र को मिल के अंदर नौकरी देने का आश्वासन दिया। तब जाकर धरना समाप्त किया गया और मृतक के शव को गांव ले जाकर दाह संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर अमित राठी, काकू, नीरज पहलवान, कुलदीप मलिक, कन्नू और रमेश सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। मृतक रमेश के दो पुत्र हैं। कपिल व टिंकू अब मृतक की पत्नी ही तय करेगी कि नौकरी कपिल को दिलाई जाए या पिफर टिंकू को।

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