मुजफ्फरनगर: पुरूष परिवार नियोजन में दे योगदान....जिलाधिकारी ने पुरुष नसबंदी पखवाड़े का किया शुभारम्भ, नसबंदी लाभार्थियों को किया सम्मानित

मुजफ्फरनगर: पुरूष परिवार नियोजन में दे योगदान....जिलाधिकारी ने पुरुष नसबंदी पखवाड़े का किया शुभारम्भ, नसबंदी लाभार्थियों को किया सम्मानित

मुजफ्फरनगर। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आज पुरुष नसबंदी पखवाड़े का शुभारम्भ करते हुए जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने कहा कि आशा एवं संगिनी गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करें कि जिन लोगों का भरा पूरा परिवार है, वह परिवार नियोजन अपनाये। उन्होंने कहा कि पुरूष नसबन्दी कराने वाले लाभार्थी को 3 हजार रूपये एवं प्रेरक को 400 रूपये दिये जाते है। उन्होंने कहा कि हम लोगों को जागरूक करना होगा और उनके मन से यह भ्रांति हटानी होगी कि पुरूष नसबन्दी कराने से व्यक्ति के शरीर में कोई कमजोरी आती है। उन्होंने कहा कि पुरूष नसबन्दी बडी ही सरल एवं सुरक्षित प्रक्रिया है और आधे घण्टे के अन्दर व्यक्ति अपने घर जा सकता है। उन्होने कहा कि परिवार नियोजित करने के लिए पुरुष नसबंदी बहुत ही सरल और सुरक्षित प्रक्रिया है और वही पुरुष जिम्मेदार होता है, जो परिवार को नियोजित करने में अपना योगदान देता है।
जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने सर्वप्रथम जिला महिला चिकित्सालय परिसर में पुरुष नसबंदी की जनजागरूकता हेतु चलाये जाने वाले सारथी वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो 15 दिनों तक जनपद के नगरीय क्षेत्र समेत समस्त ब्लॉकों पर लोगों को जागरूक करेगी तथा जिसमें लोगों को परामर्श देने हेतु काउंसलर की भी व्यवस्था की गई है। तत्पश्चात जिलाधिकारी ने पुरुष नसबंदी कराने पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संजय जोधा को सम्मानित किया, साथ ही विगत वर्ष में पुरुष नसबंदी कराने वाले लाभार्थियों जिसमें शमशाद, ग्राम सठेडी (खतौली), सिराजु ग्राम सठेडी (खतौली), आमिर ग्राम चांदसमद (खतौली), प्रमोद, ग्राम सोरम, (शाहपुर), किशनपाल ग्राम रामराज, (जानसठ), उपेन्द्र ग्राम सोरम (शाहपुर), राजेश लुहसाना (बुढ़ाना), विकास चांदपुर (शाहपुर), नसीम सांझक (शाहपुर), अनुज, मौहल्ला जनकपुरी को शॉल ओढाकर एवं पुष्प देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुक्ताकाश नाट्य संस्थान, मेरठ द्वारा पुरुष नसबंदी पर नुक्कड नाटक का भी भव्य प्रस्तुतिकरण किया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. पीएस0 मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि पुरुष नसबंदी बहुत ही आसान सी प्रक्रिया है, जिसमें सिर्फ 5 से 10 मिनट का समय लगता है तथा इस प्रक्रिया के 30 मिनट बाद घर जाया जा सकता है, साथ ही इसके कारण किसी तरह की कोई शारीरिक कमजोरी नहीं होती है। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पताल में प्रतिदिन पुरुष नसबंदी की जाती है तथा सरकारी अस्पताल में पुरुष नसबंदी कराने पर लाभार्थी को रु0 3000 तथा प्रेरक को रु0 400 प्रदान किये जाते हैं। इस अवसर पर डा. अमिता गर्ग मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका, डा. पंकज अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, डा. एसके अग्रवाल, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डा. बीके ओझा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डा. प्रवीण चौपडा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डा. वीके सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डा. संजय जोधा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डा. शरण सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डा. घनश्याम दास, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डा. लोकेश गुप्ता जिला क्षय रोग अधिकारी, उदयवीर सिंह उप जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी, हरिप्रसाद डीपीएम, अनुज सक्सैना डीसीपीएम, सहित समस्त अधिकारीगण मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डा. गीतांजली वर्मा, उप जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी द्वारा किया गया।

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