मुजफ्फरनगर: रेहडे में रखकर लायी टीबी की मरीज...डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण वापस लौटी मूक बघिर युवती

मुजफ्फरनगर: रेहडे में रखकर लायी टीबी की मरीज...डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण वापस लौटी मूक बघिर युवती

भोपा। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के एक बडे मामले ने समाज को झकझोर दिया है। सरकार व प्रशासन के दावों की पोल खोलने वाले वाक्ये ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। वेन्टिलेशन पर चल रही स्वास्थ्य विभाग की एम्बुलेंस सेवा न मिलने से गरीब मजदूर परिवार की मूकबघिर टीबी की मरीज युवती को उसके भाई द्वारा रेहडे में रखकर 10 किमी सरकारी अस्पताल में लाया गया। जहां डॉक्टर की अनुपस्थिति के चलते मरीज के परिजन इधर-उधर भटक कर वापस लौट गये।
मोरना क्षेत्र के ग्राम टन्ढेडा निवासी रशीद का परिवार मजदूरी कर किसी प्रकार आजीविका चलाता है। रशीद की 21 वर्शीय पुत्री फूलमिजरा कुछ दिनों से बीमार चल रही है। तंगहाली के चलते रशीद अपनी पुत्री का इलाज कराने में अक्षम है। शनिवार को फुलमिजरा की तबियत बिगड जाने पर ग्रामीणों द्वारा सरकारी एम्बुलेंस को फोन मिलाया गया किन्तु सुविधा न मिल पाने के कारण फुलमिजरा की माता असगरी, भाभी फरजाना व भाई मंगता द्वारा उसे गांव से लगभग 20 किमी दूर स्थित मोरना के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर रेहडे में रखकर लाया गया। किन्तु अस्पताल में डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण फुलमिजरा को वापस ले गये। मोरना प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर दो डॉक्टर की तैनाती बतायी जाती है। जिनमें डॉ. संजीव कुमार व उनकी पत्नी चारूल मौर्य जो कभी कभी अस्पताल में दिखाई पडती है। इसके अलावा प्राथमिक स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच व कीडों की दवा देने वाले डॉ. विनय कुमार जो आपात स्थिति ने अनमने मन से मरीजों का इलाज के नाम पर खानापूर्ति करते हैं। चीफ फार्मेसिस्ट भगतराम व वार्ड ब्वॉय नरेन्द्र द्वारा मरीजों का थोडा बहुत उपचार कर दिया जाता है।

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