मुजफ्फरनगर: जिलाधिकारी ने ली कलक्ट्रैट सभागार में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की बैठक...अधिक कोर्स वालों को किया जाये समायोजित

मुजफ्फरनगर: जिलाधिकारी ने ली कलक्ट्रैट सभागार में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की बैठक...अधिक कोर्स वालों को किया जाये समायोजित

मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने निर्देश दिये कि गाइड लाईन के अनुसार ही नये प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित कर उनकों एमआईएस मैनेजर तथा जिला समन्वयक द्वारा निरीक्षण कराकर बैच बनाये जाये, जिससे वर्ष 2017-18 का लक्ष्य पूर्ण किया जा सकें। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि जिन प्रशिक्षणार्थियों का मूल्यांकन हो जाता है, परन्तु परीक्षा फल देरी से जाने के कारण प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं हो पाते, जिसके कारण प्रशिक्षणार्थियों को सेवायोजित कराये जाने में देरी होती है। उन्होंने कहा कि बीओसीडब्ल्यू स्क्रीन के अन्तर्गत पंजीकृत लाभार्थियों को भी कंस्ट्रक्शन में प्रशिक्षित किया जा रहा है। एमआईएस प्रबन्धक ने बताया कि पंजीकृत लाभार्थी स्वयं तथा उनके आश्रित जनपद में चल रहे प्रशिक्षण केन्द्रों पर विभिन्न कोर्स में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य मनोज कुमार दुबे द्वारा बताया गया कि पफील्ड, टैक्नीशियन, रेफ्रीजरेशन, फेब्रीजेशन आदि कोर्स को समायोजित कराने के सम्बन्ध में मिशन कार्यलय को पत्र प्रेषित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि नये बैच बनाये जाने की प्रक्रिया चल रही है।
जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी आज यहां कलैक्ट्रेट सभागार में उ.प्र. कौशल विकास मिशन की जिला स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनपद में कितने प्रशिक्षण प्रदाता सूचीबद्ध थे तथा वर्तमान में एक जीटीपी तथा 8 प्रशिक्षण प्रदाता ही कार्य क्यो कर रहे है? इसके अलावा जनपद में कितने प्रशिक्षण प्रदाताओं द्वारा कार्य किया गया। एमआईएस मैनेजर ने बताया कि जनपद में मिशन कार्यालय द्वारा मात्र 21 प्रशिक्षण प्रदाता सूचीबद्ध किये थे, परन्तु कुछ प्रशिक्षण प्रदाता द्वारा जनपद में कार्य करने की इच्छा नहीं जताई, जिस कारण वर्तमान में एक जीटीपी तथा 8 प्रशिक्षण प्रदाता ही कार्य कर रहे है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि जनपद स्तर पर जिन कोर्स की ज्यादा से ज्यादा आवश्यकता है, उन कोर्स से सम्बन्धित प्रशिक्षण देकर प्रशिक्षणार्थियों को सेवायोजित कराया जाये। उन्होंने कहा कि सिक्योरिटी गार्ड, हाउस मेट, गाडी चालक, फूड मेकिंग कार्सों के लिए उनके स्तर से पत्र भिजवाया जाये, जिससे जनपद स्तर पर इस कोर्सों में प्रशिक्षण लेकर आसानी से जनपद में रोजगार प्राप्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि जिन प्रशिक्षणार्थियों को दूसरे प्रदेश एवं जनपद में सेवायोजन के लिए भेजा जाता है, उन्हें पर्याप्त वेतन न मिलने के कारण उनके द्वारा रोजगार छोड दिया जाता है।
जिलाधिकारी ने प्रशिक्षणार्थियों को जीएसडी से सम्बन्धित जानकारी उपलब्ध कराये जाने के निर्देश को प्रशिक्षण प्रदाताओं को दिये। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिये कि प्राचार्य आईटीआई स्थानीय कम्पनियों एवं मुजफ्फरनगर के रेडिमेंट गारमेन्ट के व्यवसायियों से मिले और उनसे पूछे की उन्हें किस प्रकार के ट्रेंड कार्मिक की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षणार्थी एवं सेवायोजक की मांग के अनुसार ही प्रशिक्षणार्थी तैयार किये जाये, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध हो सके। इस अवसर पर प्राचार्य आईटीआई, एमआईएस मैनेजर तथा जिला समन्वयक सहित प्रशिक्षण प्रदाता भी मौजूद रहे।

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