मुजफ्फरनगर: गोद लिये गांवों की आख्या समय पर दें अधिकारीः जिलाधिकारी गौरी शंकर प्रियदर्शी

मुजफ्फरनगर: गोद लिये गांवों की आख्या समय पर दें अधिकारीः जिलाधिकारी गौरी शंकर प्रियदर्शी

मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी गौरी शंकर प्रियदर्शी ने निर्देश दिये कि जनपद में वजन दिवस के दौरान वजन किये गये बच्चों को प्रतिशत जिन आंगनवाडी केन्द्रों पर कम है, वहां पुनः वजन दिवस कराया जाये। उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत बच्चों का वजन होना चाहिए, जिससे अतिकुपोषित बच्चों को चिन्हित किया जा सके। जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिये कि वजन दिवस के आंकडों की पुनः समीक्षा की जाये। जिलाधिकारी ने गोद लिए हुए राजस्व ग्रामों के निरीक्षणों की समीक्षा करते हुए समस्त अधिकारियों को अपनी निरीक्षण आख्या निर्धारित प्रारूप पर तैयार कर प्रत्येक माह जिला कार्यक्रम अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला कार्यक्रम अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी एवं पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि आपसी समन्वय स्थापित करते हुए अतिकुपाषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने हेतु अपना सहयोग प्रदान करें। जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी आज यहां कलैक्टेट सभागार में राज्य पोषण मिशन की जिला स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कुपोषण को दूर करते हुए गोद लिए गये समस्त अधिकारियों को बेस लाईन सर्वेक्षण के पश्चात शासन के निर्देशानुसार ग्राम को कुपोषण मुक्त घोषित करते हुए वांछित प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रगति की समीक्षा प्रत्येक माह की जाये। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि शिक्षा विभाग किशोरियों को आयरन की गोलियां एवं परामर्श उपलब्ध कराये। जिला पूर्ति अधिकारी अति कुपाषित बच्चों के लिए राशन की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने आधार नामांकन के भी निर्देश डीपीओ को दिये। उन्होंने कहा कि कुपोषण की समस्या को समाप्त कर बच्चों को सामान्य की श्रेणी में लाना है। जिलाधिकारी ने बताया कि शासनादेश महिला एवं बाल विकास अनुभाग-2 11 अक्टूबर 17 के द्वारा शासनादेश में संशोधन किया गया है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार कुल 12 आवश्यक मानक निर्धारित किये गये है। उन्होंने बताया कि आईसीडीएस विभाग के अन्तर्गत हॉटकुक्ड मील योजना के स्थान पर गृह भ्रमण को एक आवश्यक मानक निर्धारित करते हुए आईसीडीएस विभाग एवं पंचायती राज विभाग की स्कोरिंग में आंशिक परिवर्तन किये गये है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह सम्बन्धित अधिकारियों के द्वारा ग्राम के भ्रमण के आधार पर कुपोषण मुक्त गांव बनाने की प्रगति की सूचना भी प्रारूप में अंकित की जायेगी। उन्होंने कहा कि यह सूचना वेबसाईट पर पफीड की जाये। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि सम्बन्धित अधिकारी द्वारा कुपोषण मुक्त गांव बनाने की कार्यवाही के अनुश्रवण हेतु सम्बन्धित विभागों के कर्मचारियों से आवश्यक सहयोग के साथ-साथ उस गांव के कम से कम 2 परिवारों (1 गर्भवती महिला एवं 1 अतिकुपोषित बच्चे का परिवार) का गृह भ्रमण कर उनको प्राप्त सेवाओं की जानकारी लेना आवश्यक होगा। उन्होंने कहा कि कुपोषण मुक्त गांव बनाने की कार्यवाही की प्रगति की समीक्षा हेतु राजस्व गांव गोद लेने वाले अधिकारी के भ्रमण के समय ग्राम प्रधान/पंचायत सचिव अवश्य उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वि/रा सुनील कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक एवं अन्य सभी सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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