सड़कों पर सांसों की डोर तोड़ रहे ओवरलोडिड वाहन

सड़कों पर सांसों की डोर तोड़ रहे ओवरलोडिड वाहन

मुजफ्फरनगर। जिले में ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। इन पर अंकुश लगाने के लिए न तो एआरटीओ विभाग के पास कोई प्लान है और न ही पुलिस विभाग के पास कोई योजना। इसलिए ओवरलोड वाहनों में खुलेआम रोड़ी, बजरपुर, सरिया व सीमेंट आदि भरे जा रहे हैं। पकड़े भी जाते हैं, तो एआटीओ कार्यालय में पफीलगुड होने के कारण छूट जाते हैं। कुछ दिन बंद रहने के बाद से यह ध्ंध जोर-शोर से शुरू हो जाता है। अब सर्दी का मौसम है। इसलिए सड़कों पर ट्रैक्टर-ट्रॉलों में गन्ना भी ओवरलोड मिल जाएगा। यह किसान का गन्ना नहीं होता, बल्कि गन्ने का कारोबार करने वाले लोगों का होता है। ओवरलोड वाहन सड़कें ही नहीं तोड़ रहे, हादसों का भी सबब बन रहे हैं, जिससे लोगों की जान जा रही है।
बिलासपुर निवासी एक व्यक्ति ने कुछ दिन पहले लखनऊ में परिवहन निदेशक के यहां पर एक शिकायत दी थी। इसके अलावा प्रमुख सचिव गृह को भी शिकायत करके बताया था कि मुजफ्फरनगर जिले के नेशनल हाईवे पर ओवरलोड वाहन दौड़ रहे हैं और स्थानीय विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिस कारण बिलासपुर के लोगों को अपने खेतों में जाने में भी डर लगता है। अब शिकायत करने वाले व्यक्ति का दावा है कि लखनऊ से आदेश आया है कि एडीएम प्रशासन इन पर रोक लगाने के लिए नियुक्त कर दिए हैं। वह एक टीम बनाएंगे और कार्रवाई करेंगे। हालांकि एडीएम प्रशासन हरिशचंद्र का कहना है कि अभी उनके पास आदेश नहीं आया है। एक साल पहले रोड़ी बजरपुर से भरा ओवरलोड ट्रॉला भरा होने के कारण पलट पुरकाजी के समीप पलट गया था। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी। इसी तरह से मंसूरपुर हाईवे पर भी एक ओवरलोड ट्रक ने कैंटर को टक्कर मारी, जिसमें दो युवकों की मौत हो गई और तीन लोग घायल हो गए थे। ओवरलोड वाहनों से कई बड़ी दुर्घटनाएं जिले में हुई, लेकिन ओवरलोड वाहनों पर शिकंजा नहीं कसा जा रहा है। यातायात इंस्पेक्टर के अनुसार जनवरी से लेकर अब तक कुल 147 हादसे हुए हैं, जिसमें ओवरलोड वाहनों को लेकर 50 से अध्कि हादसे हुए हैं। इन हादसों में 34 मौत हुई है। वहीं 70 से अधिक लोग घायल हुए है। हालांकि इन हादसों में खतौली में हुआ ट्रेन हादसा नहीं है। शहर के शिवचौक पर एक ऐसा वाक्या देखने को मिला कि एक ओवरलोड डीसीएम शिवचौक से होते हुए मेरठ रोड पर निकल गई, लेकिन किसी ने भी उसे रोका नहीं। उसके कारण शिवचौक पर जाम भी लगा। हैरत की बात यह है कि डीसीएम पुलिस के सामने ही निकल गई। इस बारे में जनपद के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन राजीव बंसल का कहना था कि समय-समय पर ओवरलोड वाहनों को लेकर छापेमारी की जाती है। अब इस अभियान को और कड़े नियमों के तहत चलाया जाएगा।

Share it
Top