मतदान अधिकारी प्रथम निर्वाचक की पहचान को उत्तरदायी होगा

मतदान अधिकारी प्रथम निर्वाचक की पहचान को उत्तरदायी होगा

मुजफ्फरनगर। जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने कहा कि जनपद में नगरीय निकाय निर्वाचन 26 नवम्बर को प्रातः 7:30 बजे से सायं 5 बजे तक सम्पन्न कराया जाना है। उन्होंने कहा कि मतदान सम्पन्न कराने के लिए पीठासीन अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि पीठासीन अधिकारी अपने नियम एवं कर्तव्य के बारे में पूर्ण भिज्ञ हो जाये, जिससे उन्हे चुनाव सम्पन्न कराने में असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि प्रस्थान करने से पूर्व पोलिंग पार्टियांे के समस्त सदस्यों का मोबाइल नम्बर प्राप्त कर लें और उनसे सम्पर्क स्थापित कर लें। इसके बार निर्वाचन सामग्री की सूची प्राप्त कर उसका मिलान कर लें और सामग्री कम है, तो अपने सैक्टर मजिस्ट्रेट को सूचित कर तत्काल प्राप्त कर ले। उन्होंने कहा कि मतदान के एक दिन पूर्व ही मतदेय स्थल के भवन एवं उसके 200 मीटर की परिधि में कोई बैनर, पोस्टर या किसी पार्टी का झण्डा लगा है, तो उसे हटवा दे। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के द्वारा आचार संहिता का उल्लंघन पाया जाता है, तो अपने सैक्टर मजिस्ट्रेट को तत्काल सूचित करें। उन्होंने कहा कि मतदान प्रारम्भ होने के पूर्व निर्वाचन लडने वालों की निर्वाचन सूची, मतदान स्थल में सम्बन्ध में सूचना तथा निर्वाचन नामावली की एक प्रति अपने पास रखें। उन्होंने कहा कि सुविधा की दृष्टि से 50-50 मत पत्रों का मण्डल बनाकर पीठीसीन अधिकारी की मोहर एवं हस्ताक्षर बना ले। उन्होंने कहा कि मतदान अभिकर्ता की नियुक्ति प्रपत्रा 17 पर करना सुनिश्चित किया जाये।
जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी जीएस प्रियदर्शी आज यहां एक कॉलेज में पीठीसीन अधिकारियों एवं प्रथम मतदान अधिकारियों के प्रशिक्षण के कार्यक्रम कों सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अभिकर्ता पीठासीन अधिकारी के समक्ष अपना हस्ताक्षर करेगा। उन्होंने कहा कि अभिकर्ता मतदान से 15 मिनट पूर्व ही मतदान केन्द्र पर पहंुचे। उन्होंने कहा कि एक समय में प्रत्याशी अथवा चुनाव अभिकर्ता ही उपस्थित रह सकेंगे। उन्होंने कहा कि मतदान प्रारम्भ होने से 15 मिनट पूर्व मत पेटियों को खोल कर मतदान अभिकर्ता को दिखा दे कि वह खाली है। उन्होंने कहा कि उस समय यदि माईक्रो आर्ब्जवर तो उनके भी हस्ताक्षर करा लें एवं इसकी फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी भी कराना सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि मत पेटी की पहचान हेतु उसके अन्दर पता लिखी हुई एक ऐसी पर्ची रख दे, जिससें मतदान स्थल के सभी ब्यौरे लिखे हो। उन्होंने कहा कि यदि पहली मतपेटी भर जाये, तो दूसरी मतपेटी तैयार कर उपयोग में लाये और पहली मतपेटी का सील बन्द कर सुरक्षित करें। जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि पीठासीन अधिकारी को मतपत्रा जारी करने से पूर्व प्रत्येक मतपत्रा के पृष्ठ भाग पर अपने पूरे नाम के हस्ताक्षर तथा मोहर कोड सहित करने है। उन्होंने कहा कि मतदान प्रारम्भ व समाप्ति पर घोषणा करना तथा प्रत्येक दो घण्टे पर पीठासीन अधिकारी डायरी में सभी तथ्यों का उल्लेख किया जाये। उन्होंने कहा कि मतदान की समाप्ति पर मतपत्र लेखा तैयार किया जाये तथा मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से सम्पादित सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि मतदान स्थल में आते ही निर्वाचक सीधे मतदान अधिकारी प्रथम के पास जायेगा, मतदान अधिकारी उससे उसका नाम तथा क्रमांक की जानकारी करके तथा निर्वाचक नामावली को चिन्हित करते हुए उसका नाम रेखांकित करेगा और उसकी पहचान सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि मतदान अधिकारी प्रथम निर्वाचक की पहचान के लिए उत्तरदायी होगा। उन्होंने कहा कि मतदान अधिकारी द्वितीय के प्रभार में अमिट स्हायी व प्रपत्रों की किताबे होगी। उन्होंने कहा कि वह मतपत्र प्रतिपर्ण पर निर्वाचक नामावली की भाग संख्या तथा मतदाता की क्रम संख्या दर्ज करेगा तथा मतदाता की बायी हाथ की तर्जनी पर नियमानुसार अमिट स्हायी लगायेगा। मतदान अधिकारी तृतीय मतदाता को अध्यक्ष पद के लिए दिये गये मतपत्रा के प्रतिपर्ण पर मतदाता सूची में उसका क्रमांक पुनः दर्ज करेगा और मतदाता के हस्ताक्षर या अंगूठा निशान लेगा। उन्होंने कहा कि अमिट स्हायी का प्रयोग बायी हाथ की तर्जनी अंगूली पर इस प्रकार लगाया जाये कि नाखून तथा उसके ऊपर त्वचा तक लगा हो। जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी ने टेण्डर बोट के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मतदान के दौरान ऐसा कोई व्यक्ति आ सकता है, जिसके नाम से पहले ही वोट पड चुका है। उन्होंने कहा कि ऐसे मतदाता का जांचोपरान्त हस्ताक्षर ले लेंगे और अमिट स्हायी का निशान लगाते हुए निविदत्त मतपत्रों की सूची में आवश्यक प्रविष्टि की पूर्ति करेंगे। उन्होंने कहा कि टेण्डर वोट मतपेटी में नहीं रखा जायेगा। सभी टेण्डर वोट एक लिपफापफे में रखे जायेंगे और मतदान समाप्ति पर सील बन्द किये जायेगे। उन्होंने चैलेंज वोट के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदाता की आयु 18 वर्ष से प्रतीत होती है, तो उससे एक घोषणा प्राप्त कर ली जाये। और और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 के द्वारा धारा 31 क दण्डात्मक उपबन्ध के बारे में सूचित किया जाये। उन्होंने कहा कि यदि किसी दिव्यांगजन या दृष्टिबाधित के कारण साथी का आवश्यकता होती है, तो उसकी इच्छानुसार 18 वर्ष से अधिक आयु का व्यक्ति उसका साथी बन सकता है। बशर्ते वह एक से अधिक मतदाता का साथी न हो और किसी पार्टी या उम्मीदवार से सम्बन्ध न रखता हो। इसके अतिरिक्त डाक मतपत्र तथा सांविधिक लिफाफा, असामाजिक लिफाफा के बारे में भी जानकारी उपलब्ध करायी। इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि मतदान करने हेतु मतदान स्थल पर 16 पहचान पत्रों में से कोई एक मतदाता के पास होना अनिवार्य है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वि/रा सुनील कुमार सिंह एवं मास्टर ट्रेनर उपस्थित रहे।

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