मुजफ्फरनगर: किसान मृदा स्वास्थ्य परीक्षण कार्ड पर सीयूजी नम्बर का मुद्रण कराया जायेः डीएम

मुजफ्फरनगर: किसान मृदा स्वास्थ्य परीक्षण कार्ड पर सीयूजी नम्बर का मुद्रण कराया जायेः डीएम

मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी जी0एस0 प्रियदर्शी ने आज उप निदेशक कृशि कार्यालय में स्थापित मृदा परीक्षण लैब का निरीक्षण करते हुए कहा कि किसान जनपद में स्थापित उन्नत तकनीक की मृदा परीक्षण लैब में अपनी अपनी खेते की मिटटी का परीक्षण कराकर लाभ उठाये। उन्होने कहा कि जनपद में उन्नत तकनीक की मृदा परीक्षण लैब व मृदा परीक्षण करने की मशीने स्थापित है। उन्होने कहा कि इस लैब में नवीन तकनीकी माध्यमों से मृदा का परीक्षण किया जा रहा हैं। उन्होने बताया कि इस लैब में प्रदेश सरकार द्वारा 32 लाख रूपये कीमत की मृदा परीक्षण करने की मशीन स्थापित है जो एक बार में 100 मृदा के नमूनों का परीक्षण कर रिपोर्ट देती है। जिलाधिकारी ने इस मशीन में किये जा रहे मृदा परीक्षण को गौर से देखा व सम्बन्धित अधिकारियों, लैब इन्चार्ज से किसान हितों के बारे में जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने एन0पी0के0 प्रयोगशाला व स्टोर का भी बारीकी से निरीक्षण करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। निरीक्षण उपरान्त जिलाधिकारी ने किसान मृदा स्वास्थ्य परीक्षण कार्ड के सम्बन्ध में आवश्यक बैठक कर अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कृषि विभाग किसान मृदा स्वास्थ्य परीक्षण कार्ड पर सम्बन्धित विभाग व सम्बन्धित अधिकारियों के सीयूजी मोबाईल न. अंकित कराये ताकि किसी भी शंका के लिए किसानों का घर पर ही सुझाव मिल सके उसे चक्कर न काटने पडे। उन्होने कहा कि अगर कार्ड पर न. अंकित होगा तो किसान सम्बन्धित अधिकारी को फोन कर अपनी समस्या का निदान कर सकता है। जिलाधिकारी ने कहा कि आज इन्फोर्मेंशन टैक्नोलोजी का जमाना है इसलिए हमे भी इस ओर अपने कदम बढाने होगे पुरानी चीजों को बदलकर नये जमाने की तरह चलना होगा। उन्होने कहा कि कृषि विभाग ऐसी व्यवस्था करे कि किसान मृदा स्वास्थ्य परीक्षण कार्ड तैयार होने के बाद किसान के पास उसके मोबाइल न. पर फोन या मैसेज जाये और उसके किसान मृदा स्वास्थ्य परीक्षण कार्ड तैयार होने जानकारी दी जाये और उस कार्ड में जो परीक्षण आया है उसके बारे मे विस्तार से किसान को विस्तार से बताया जाये ताकि वह अपनी बुआई करते समय परीक्षण के अनुरूप खाद्य व अन्य सामग्री का उपयोग कर सके। उन्होने निर्देश दिये कि किसान मृदा स्वास्थ्य परीक्षण कार्ड को समय से किसान के पास पहुचाया जाये ताकि वह इसका लाभ उठा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि किसान सहायक किसान के खेत की मिट्टी का सैम्पल लेते समय किसान को सैम्पल लेने की रसीद अवश्य प्रदान करे। और यह भी बताये कि कितनी अवधि में सैम्पल/किसान मृदा स्वास्थ्य परीक्षण कार्ड तैयार हो जायेगा। तभी किसान मृदा स्वास्थ्य परीक्षण कार्ड की सार्थकता सिद्ध होगी। अगर हम बुआई के बाद किसान को सैम्पल के परीक्षण से अवगत कराते है तो किसान मृदा स्वास्थ्य परीक्षण कार्ड का कोई महत्व नही है। क्योंकि किसान अपनी अगली बुआई कर चुका होगा। जिलाधिकारी ने किसान सहायकों से कहा कि वे सभी अपने अपने ग्रामों के किसानों का एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बना ले और अपने अपने क्षेत्र व न्यायपंचायतों में 3-3 प्रगतिशील किसानों की एक प्रोफाईल भी तैयार कर लें ताकि मृदा सम्बन्धी समस्याओं का निराकरण समय से किया जा सके। उन्होने कहा कि किसानों के साथ निरन्तर बैठके कर उनकी मृदा सम्बन्धी समस्याओं का निराकरण भी करे। उन्होने कहा कि किसान सहायक निर्धारित समय में अपना अपना मृदा सैम्पल का लक्ष्य भी पूर्ण करे। उन्होने कहा कि प्लान बनाकर मृदा की सैम्पल ले ताकि समय से परीक्षण उपरान्त कार्ड जारी किया जा सके। इस अवसर पर उप निदेशक कृषि नरेन्द्र कुमार, वरिश्ठ कोषाधिकारी, जिला गन्नाधिकारी ओमप्रकाश यादव, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, एडीओ कृषि व किसान सहायक उपस्थित थे।

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