मुजफ्फरनगर: निष्पक्ष चुनाव कराना सर्वोच्च प्राथमिकताः जीएस प्रियदर्शी

मुजफ्फरनगर: निष्पक्ष चुनाव कराना सर्वोच्च प्राथमिकताः जीएस प्रियदर्शी

मुजफ्फरनगर। जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी (ननि) जीएस प्रियदर्शी ने बताया कि नगरीय निकाय सामान्य निर्वाचन-2017 को निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से सम्पन्न कराये जाने के लिए मतदान कार्मिकों का प्रथम प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 14 व 15 नवम्बर 2017 को तथा द्वितीय प्रशिक्षण दिनांक 20, 21 व 22 नवम्बर को दो पालियों में श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेज में कराया जायेगा। उन्होंने बताया कि प्रथम प्रशिक्षण में पहली पाली पूर्वान्ह 10 बजे से मध्य 12 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपरान्ह 1 बजे से 3 बजे तक होगी। उन्होंने बताया कि प्रथम प्रशिक्षण में पीठासीन अधिकारी तथा प्रथम मतदान अधिकारी भाग लेगे। उन्होंने कहा कि द्वितीय प्रशिक्षण में पहली पाली पूर्वान्ह 11 बजे से अपरान्ह 1 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपरान्ह 2 बजे से अपरान्ह 4 बजे तक होगी। उन्होंने कहा कि द्वितीय प्रशिक्षण में पीठासीन अधिकारी, प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय मतदान अधिकारी प्रतिभाग करेगे।
जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी (ननि) ने बताया कि मतदान कार्य को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के लिए 13 जोनल मजिस्ट्रेट एवं 41 सैक्टर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गयी है। इसके अतिरिक्त 4 जोनल मजिस्ट्रेट एवं 8 सैक्टर मजिस्ट्रेट को रिजर्व में लगाया गया है ताकि आवश्यकता पडने पर इन्हें दायित्व सौपा जा सके। उन्होंने बताया कि जोनल एवं सैक्टर मजिस्ट्रेट की बैठक/प्रशिक्षण 13 नवम्बर 2017 को चौधरी चरण सिंह सभागार में आहूत की गयी है।
जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी (ननि) ने बताया कि नगरीय निकाय निर्वाचन-2017 को सम्पन्न कराने हेतु कलैक्टेट में निर्वाचन नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गयी है और शिट वार कार्मिकों की ड्यूटी लगायी गयी है। नियंत्रण कक्ष में दूरभाष नम्बर 0131-2436918 स्थापित किया गया है। कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि नियंत्रण कक्ष में प्राप्त होंने वाली शिकायत/सूचना प्रथक-प्रथक रजिस्टर तैयार कर सूचना/शिकायतों का अंकन करने और प्राप्त सूचना/शिकायतों को सम्बन्धित अधिकारियों को उपलब्ध कराते हुए नियमानुसार उनका निस्तारण करायेंगे। उन्होंने बताया कि नियंत्रण कक्ष में नियुक्त कार्मिकों द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया में मतदान एवं मतगणना सम्बन्धी सूचनाओं को सहायक प्रभारी अधिकारी नियंत्रण कक्ष/प्रशासनिक अधिकारी कलैक्ट्रेट द्वारा अद्यतन किया जायेगा।
जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नगरीय निकाय निर्वाचन सम्पन्न कराने के लिए 190 वार्ड बनाये गये है मतदान केन्द्रो की संख्या 156 तथा मतदान स्थलों की संख्या 549 होगी। उन्होंने कहा कि कुल 13 जोन और 41 सैक्टर बनाये गये है। नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत चुनाव में कुल 457959 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। उन्होने कहा कि नगरीय निकाय चुनावों में आदर्श आचार संहिता का पूर्णतया पालन कराना सुनिश्चित किया जायेगा। उन्होने कहा कि आदर्श आचार संहिता का पालन न करने पर निर्वाचन की सुसंगत धाराओं में कार्यवाही की जायेगी।
जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनैतिक दलों, उम्मीदवारों एवं उनके प्रतिनिधियों से निर्वाचन के दौरान आदर्श आचार संहिता का कडाई से पालन करने एवं निष्पक्ष तथा पारदर्शी चुनाव सम्पन्न कराने में सहयोग करने के लिए कहा। उन्होने कहा कि ऐसा कोई कार्य किसी प्रतीक के माध्यम से नहीं करेंगे जिससे किसी धर्म, सम्प्रदाय, जाति एवं राजनैतिक दल, उम्मीदवार आदि की भावनायें आहत हो या ऐसा कोई कार्य नही करेगे जिससे तनाव की स्थिति उत्पन्न हो। उन्होने कहा कि किसी भी राजनैतिक दल, उम्मीदवार की आलोचना न करे और किसी का पुतला आदि न जलाया जाये। उन्होंने कहा कि मत प्राप्त करने के लिए जाति, सम्प्रदायिक और धार्मिक भावना का परोक्ष या अपरोक्ष रूप से सहारा नही लिया जायेगा। उन्होने कहा कि सभी राजनैतिक दल/उम्मीदवार यह भी सुनिश्चित करेगे कि पूजा स्थलों जैसे मंदिर, मस्जिद, गुरूद्वारा, गिरजाघर आदि का उपयोग चुनाव प्रचार अथवा चुनाव कार्यो के नही होगा। सभी राजनैतिक दल/उम्मीदवार ऐसे कार्यो से अलग रहेगे जो निर्वाचन विधि के अन्तर्गत भ्रष्ट आचरण व अपराध माने गये है।
जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव प्रचार हेतु किसी व्यक्ति की भूमि/भवन, दीवार का उपयोग झण्डा, बैनर आदि लगाने के लिए बिना उसकी लिखित अनुमति के नही किया जायेगा। उन्होने कहा कि शासकीय सरकारी इमारतों अथवा सरकारी सम्पत्ति पर कोई झण्डा, बैनर एवं दीवार लेखन आदि किसी भी दशा में न की जाये। उन्होने कहा कि किसी भी शासकीय/ सार्वजनिक सम्पत्ति/परिसर पर विज्ञापन/ वॉल राईटिंग नही की जा सकेगी। उन्होने कहा कि अन्य उम्मीदवार के पक्ष में आचार संहिता का उल्लंघन कर लगाये गये झण्डे या पोस्टरों को स्वयं न हटाकर उन्हें हटाने तथा नियम संगत कार्यवाही हेतु जिला प्रशासन से अनुरोध करेगे। उन्होने कहा कि चुनाव प्रचार हेतु वाहनों के प्रयोग के लिए आरओ से अनुमति प्राप्त करनी होगी। इसके अतिरिक्त लाउड स्पीकर एवं साउण्ड बॉक्स का प्रयोग पूर्वानुमति प्राप्त करके ही किया जा सकेगा और रात्रि 10 बजे से प्रात 6 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा। उन्होने कहा कि कोई भी मुद्रक या प्रकाशक या कोई व्यक्ति ऐसी कोई निर्वाचन/प्रचार सामग्री जिसके मुखपृष्ठ पर उसके मुद्रक या प्रकाशक का नाम और पता न हो मुद्रित या प्रकाशित नही करेगा।
जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि राजनैतिक दल/प्रत्याशियों द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान बिना अनुमति के किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री/माध्यम का उपयोग नही किया जायेगा। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय सामान्य निर्वाचन-2017 को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से सम्पन्न कराया जायेगा।
जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नगरीय निकायों के निर्वाचन में राजनैतिक दल/प्रत्याशियों द्वारा चुनाव प्रचार हेंतु चुनाव प्रचार सामग्री के मुद्रण एवं प्रकाशन तथा प्रिंट मीडिया में विज्ञापन दिये जाने के सम्बन्ध में आयोग द्वारा दिये गये निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराया जायेगा। उन्होने कहा कि राजनैतिक दलों/प्रत्याशियों द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान पैम्पलेट, स्टीकर एवं बैनर आदि प्रचार सामग्री मुद्रित एवं प्रकाशित करायी जाती है। उन्होने कहा कि कोई भी मुद्रक या प्रकाशक या कोई व्यक्ति ऐसी कोई निर्वाचन/प्रचार सामग्री जिसके मुखपृष्ठ पर उसके मुद्रक व प्रकाशक का नाम और पता न हो, मुद्रित या प्रकाशित न करेगा और न ही करायेगा। जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति चुनाव पैम्पलेट, बैनर, स्टीकर, प्रचार सामग्री आदि का न मुद्रण करेगा जबतक कि प्रकाशक अपने द्वारा हस्ताक्षरित तथा व्यक्तिगत रूप से उसे जानने वाले दो व्यक्तियों द्वारा अनुप्रमाणित घोषणा पत्र दो प्रतियों में मुद्रक को न उपलब्ध करा दे। जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सभी प्रचार सामग्री पर मुद्रक और प्रकाशक का स्पष्ट नाम व पता अंकित होगा। जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नगरीय निकाय निर्वाचन.2017 को निर्विघ्न एवं शांतिपूर्ण सम्पन्न कराने के लिए आदर्श आचार संहिता लागू की गयी है। उन्होने बताया कि इस आदेश का उल्लघंन भारतीय दण्ड संहिता की धारा-188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा।

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