राजू बाल्मीकि समेत सात अपराधियों के विरूद्ध गैंगेस्टर की कार्यवाही का अनुमोदन

राजू बाल्मीकि समेत सात अपराधियों के विरूद्ध गैंगेस्टर की कार्यवाही का अनुमोदन

मुजफ्फरनगर। जिला मजिस्ट्रेट ने गैंगेस्टर कार्यवाही में 7 अपराधियों के विरूद्ध गैगस्टर की कार्यवाही किये जाने हेतु गैंगचार्ट का अनुमोदन किया हैं।
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि राजू बाल्मीकि पुत्र ओमप्रकाश निवासी मौ. देवीदास थाना खतौली मुजफ्फरनगर ने अपने सदस्यों के साथ मिलकर एक सुसंगठित गिरोह बनाया हुआ है, जिसका वह स्वयं गैंगलीडर है, जो अपने व अपने गैंग के सदस्यों गौरव उर्फ गौरी पुत्र ओमप्रकाश निवासी मौ. देवीदास थाना खतौली मुजफ्फरनगर, दानिश पुत्र नूर मौहम्मद निवासी जैन नगर थाना खतौली मुजफ्फरनगर तथा विपुल उपर्फ खूनी पुत्रा नेत्रपाल निवासी भभीसा थाना कांधला शामली के साथ मिलकर हत्या जैसे जघन्य अपराध कारित कर अवैध रूप से धन अर्जित कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते है। उपरोक्त अभियुक्तों का जनता में भय व आतंक व्याप्त है। जनता का कोई व्यक्ति इस गैंग के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत कराने व गवाही देने का साहस नहीं कर पाता है। इस गैंग का आम जनता में स्वछन्द विचरण करना जनहित में उचित नहीं है, जो उ.प्र. गिरोह बन्द एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप अधिनियम 1986 की धारा 2/3 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध है।
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि अंकित पाल पुत्र स्व रमेशपाल निवासी कल्याणपुरी थाना नई मण्डी द्वारा एक सक्रिय गैंग बनाया हुआ है, जिसमंे विकास पुत्र यशवीर निवासी नई बस्ती अलमासपुर थाना नई मण्डी मुजफ्फरनगर तथा अक्षय उर्फ बन्टी पुत्र राजवीर निवासी अवध विहार थाना नई मण्डी मुजफ्फरनगर गैंग के सक्रिय सदस्य है। गैंगस्टर ने अपने साथियों के साथ मिलकर आर्थिक व भौतिक लाभ की पूर्ति के लिए चोरी व अवैध अस्लाह रखने जैसे जघन्य अपराध करते है, जो भादवि के अध्याय 17 मंे वर्णित है, इस अभियुक्तों का जनता में भय व आंतक व्याप्त है, जिस कारण इनका जनता में स्वछन्द विचरण जनहित में ठीक नहीं है। इनका यह कृत धारा 2/3 गैंगेस्टर एक्ट की हद को पहुंचाता है। अतः उपरोक्त अभियुक्त गणों के विरूद्ध गैंगेस्टर की कार्यवाही के लिए गैंग चार्ट का अनुमोदन किया गया है।

Share it
Top