सरिता व प्रीति के बगावती तेवर बरकरार...चाहे मत मिले शून्य चुनाव अवश्य लडूंगीः प्रीति चौधरी

सरिता व प्रीति के बगावती तेवर बरकरार...चाहे मत मिले शून्य चुनाव अवश्य लडूंगीः प्रीति चौधरी

मुजफ्फरनगर। भारतीय जनता पार्टी में टिकट के बंटवारे को लेकर जारी असंतोष कम होने का नाम नहीं ले रहा है। रूठों को मनाने का प्रयास बुधवार को पार्टी के सांसद, नगर विधायक व जिलाध्यक्ष सहित अन्य छोटे-बड़े कार्यकर्ताओं के द्वारा किया गया था। जिसमें उन्हें कामयाबी भी मिली थी। उनके प्रयास से पूर्व विधायक अपने नामांकन को वापस लेने पर मान गयी थीं। उसके उपरांत उक्त नेतागण आदि दो अन्य के पास गये, जिन्होंने अपना नामांकन किया था। उनको भी मनाने का प्रयास किया गया। इस विषय में बुधवार को पार्टी के सूत्रों ने कहा था कि वह उक्त दोनों प्रत्याशी भी अपना-आपना नामांकन वापस लेंगी, लेकिन गुरूवार को नामांकन पत्रों की समीक्षा के अंतिम दिन पूर्व विधायक के साथ आये जिलाध्यक्ष को नाराज दोनों प्रत्याशियों के विरोध का सामना करना पड़ा। दोनों ने ही कहा कि कल का निर्णय पार्टी का था, हमारा व्यक्तिगत नहीं, उन्होंने चुनाव लड़ने का इरादा नहीं छोड़ा है।
टिकट बंटवारे को लेकर भारतीय जनता पार्टी की दो बागी कार्यकर्ताओं सरिता अरोरा शर्मा व प्रीति चौधरी के बगावती तेवर बादस्तूर बरकरार हैं। दोनों ने जिलाध्यक्ष के समक्ष खुलेआम चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। चेयरमैन पद के लिए दावेदारों में प्रमुख भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेताओं में शुमार की जाने वाली कार्यकर्ता सरिता अरोरा शर्मा की क्रोध रूपी अविरल धारा थमी नहीं है, वह लगातार जारी है। उन्होंने कल के निर्णय के विपरीत बयान दिया। उनका कहना था कि पार्टी के नेताओं की ओर से मिठाई खिलायी गयी, उन्होंने खा ली। नामांकन वापसी का निर्णय पार्टी का था, मेरा व्यक्तिगत नहीं। उक्त उदगार उन्होंने नामांकन कक्ष के बाहर व्यक्त किये। इस मौके पर उन्होंने पूर्व विधायक सुशीला अग्रवाल का नामांकन वापस कराने आये जिलाध्यक्ष रूपेंद्र सैनी से अपने टिकट को लेकर बड़े नेताओं से वार्ता कराने की बात की, लेकिन उन्होंने उनकी बातों को सिरे से ही नकार दिया। उनका कहना था कि यह मेरा निर्णय नहीं, पार्टी हाईकमान व चुनावी कमेटी का था। इस दौरान सरिता अरोरा शर्मा ने कहा कि उन्होंने पार्टी की 21 साल सेवा की, पफल क्या मिला। वहीं दूसरी ओर एक और नाराज कार्यकर्ता प्रीति चौधरी ने भी टिकट को लेकर जिलाध्यक्ष के समक्ष सवालों की झड़ी लगा दी। जिलाध्यक्ष बचते हुए नजर आये। चुनाव लड़ने के सवाल पर प्रीति चौधरी का कहना था कि चाहे मत मिले शून्य, वह हर कीमत पर निर्दलीय वार्ड 10 से चुनाव मैदान में रहेंगी। कल के निर्णय के सवाल पर उन्होंने सरिता अरोरा शर्मा ही की भांति जवाब दिया कि यह निर्णय पार्टी के मनाने आये नेताओं का था, मेरा निजी नहीं। उक्त दोनों को पार्टी की वरिष्ठ नेता महेशो चौधरी व रेणु गर्ग के द्वारा समझाया व मनाया गया, लेकिन वह नहीं मानीं, कहा कि वह नामांकन कतई वापस नहीं लेंगी। कहीं ऐसा न हो जाए कि बगावत की आंधी में कमल खिलने से पहले ही मुरझा जाए।

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