आखिरकार कांग्रेस की स्क्रिप्ट हो ही गयी पूरी...नगर पालिका परिषद सीट से अंजू अग्रवाल होंगी प्रत्याशी

आखिरकार कांग्रेस की स्क्रिप्ट हो ही गयी पूरी...नगर पालिका परिषद सीट से अंजू अग्रवाल होंगी प्रत्याशी

मुजफ्फरनगर। देर आये, दुरूस्त आये वाली कहावत आज कांग्रेस के सही लिए साबित हो ही गयी। आखिरकार एक लंबी जद्दोजहद के उपरांत कांग्रेस की नगर पालिका परिषद, मुजफ्फरनगर के चेयरमैन पद को लेकर लिखी जाने वाली स्क्रिप्ट पूरी हो गयी। इस स्क्रिप्ट पर पूरी तरह से विधिवत् कांग्रेस के दिग्गज कहे जाने वाले पूर्व विधायक ने अपनी मोहर लगा कर इसे पूर्ण किया। इन्हीं के पास कांग्रेेस का सिंबल रखा गया था। इस स्क्रिप्ट के किरदार समय दर समय बदलते रहे। स्थिति यहां तक आ गयी थी कि पूर्व में घोषित टिकट को लेकर जिलाध्यक्ष ने अपने पद से त्यागपत्र देने तक की घोषणा कर दी थी, जिस पर पार्टी हाईकमान के द्वारा हस्तक्षेप किया गया था, जब जाकर जिलाध्यक्ष ने अपना निर्णय बदला था। अब जाकर सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के द्वारा राहत की सांस ली गयी। घोषित प्रत्याशी कल (आज) अपना नामांकन पत्रा दाखिल करेंगी। नगर पालिका परिषद, मुजफ्फरनगर के लिए प्रत्याशी के नाम की घोषणा को लेकर वैसे तो हर पार्टी सपा, भाजपा, बसपा व रालोद मंे अंतिम समय तक सस्पेंस रखा गया, लेकिन कांग्रेस में जो घटा, उसकी तो शायद कांग्रेसियों ने भी कल्पना नहीं की थी। प्रत्याशी घोषित करने मे सबसे पहले पहल सपा के द्वारा की गयी। इसके उपरांत भाजपा ने अपना प्रत्याशी घोषित किया। उसके बाद कांग्रेस ने प्रत्याशी क्या घोषित किया, जनपद कांग्रेस पार्टी में तो एक प्रकार से विरोध रूपी सुनामी आ गयी। स्थिति यहां तक आ गयी थी कि जिलाध्यक्ष नानूमियां ने तो उसी समय अपना पद त्यागने की घोषणा तक कर दी थी। मामला पार्टी हाईकमान तक जा पहुंचा था। जिनके हस्तक्षेप के उपरांत ही जिलाध्यक्ष के द्वारा अपना निर्णय बदला गया। उनका निर्णय क्या बदला, कांग्रेस में प्रत्याशी को लेकर ऐसा घटनाक्रम जारी हुआ, जिसमें कांग्रेस सहित शहर की जनता तो क्या अन्य पार्टियों को भी सोचने पर विवश कर दिया। कांग्रेस की ओर से सबसे पहले महिला जिलाध्यक्ष बिलकिश चौधरी के नाम की घोषणा की गयी, जिस पर उनकी ओर से नामांकनपत्रा भी लिया गया। जिलाध्यक्ष के विरोध के उपरांत प्रत्याशी बदल कर अजय स्वरूप बंसल 'अज्जू' की पत्नी चारू बंसल का नाम सामने आया। जिन्होंने कुछ समय बाद इंकार कर दिया। जिसके बाद बिलकिश चौधरी के नाम की हवा उड़ी, उसके बाद पालिका के चेयरमेन रहे पंकज अग्रवाल की आरती अग्रवाल को टिकट देने की बात पार्टी के सूत्रांे ने स्पष्ट की। जिन्होंने भी इससे इंकार कर दिया। इसके बाद अनुमानों का दौर जारी रहा। पल-पल बदलते घटनाक्रम पर उस समय विराम लग गया, जब पंकज अग्रवाल के परिवार से ही अंजू अग्रवाल का नाम सार्वजनिक किया गया। जो कि अशोक अग्रवाल की पत्नी व पंकज अग्रवाल की चाची हैं। शहर नगर पालिका सीट से अंजू अग्रवाल ही कांग्रेस की प्रत्याशी होंगी, इस बात की पुष्टि पार्टी के सूत्रों ने तो की ही, साथ ही परिवार के बेहद ही समीप कहे जाने वाले एक सदस्य ने भी की। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी को लेकर लिखी जा रही इस पल-पल बदलते घटनाक्रम की गवाह इस स्क्रिप्ट के किरदार के नाम श्रीमती अंजू अग्रवाल पर विधिवत् मोहर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शुमार किये जाने वाले व सिंबल देने वाले पूर्व विधायक सोमांश प्रकाश ने लगा दी। उनका कहना था कि हां, कांग्रेस की शहर पालिका सीट से प्रत्याशी अंजू अग्रवाल ही होंगी। उनकी इस घोषणा से कांग्रेस में जारी विरोध रूपी सुनामी पर पूर्ण विराम लग गया। वहीं दूसरी ओर पार्टी सूत्रों का कहना था कि जिलाध्यक्ष नानूमियां व शहराध्यक्ष सतीश गर्ग की मन की इच्छा पूरी हो गयी। वह पंकज अग्रवाल के परिवार से ही किसी सदस्य को प्रत्याशी के रूप में चाह रहे थे।

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