बीएसए को सूचना न देना पड़ा भारी...सूचना आयुक्त ने दोषी मानते हुए जारी किये अर्थ दंड के आदेश

बीएसए को सूचना न देना पड़ा भारी...सूचना आयुक्त ने दोषी मानते हुए जारी किये अर्थ दंड के आदेश

मुजफ्फरनगर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को एक व्यक्ति के द्वारा मांगी गयी सूचना न देना व इस मामले को लेकर राज्य सूचना आयुक्त के समक्ष पेश न भारी पड़ गया। सूचना आयुक्त ने उन्हें दोषी मानते हुए 250 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से अर्थदंड अधिरोपित कर दिया। जिसकी अधिकतम सीमा दस हजार रूपये है। नरेश कुमार निवासी ग्राम शिवपुरी थाना मीरापुर तहसील जानसठ ने एक सहायक अध्यापिका गीता शर्मा निवासी नमक मंडी मीरापुर से संबंधित शैक्षिक प्रमाणपत्र, स्थानांतरण पत्र (टीसी), सर्विस बुक, पेंशन पत्रावली की छायाप्रति सूचना अधिकारी बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रकेश सिंह यादव से मांगी थी। मामला सूचना आयुक्त तक जा पहुंचा था। जिसमें नरेश कुमार तो उपस्थित हो गये, लेकिन बीएसए नहीं हो सके। बताया गया कि नरेश कुमार ने बताया था कि जो सूचना मांगी गयी थी, वह अभी तक नहीं उपलब्ध् करायी गयी। प्रतिवादी के द्वारा बताया गया था कि सूचना देने के लिए समय दिया जाए। जिस पर बीएसए को निर्देशित किया गया था कि वह तीस दिन के अंदर सभी सूचनाएं आयोग को उपलब्ध कराये। इस समय के अंदर बीएसए के द्वारा न तो सूचना उपलब्ध करायी, न ही स्पष्टीकरण दिया गया। जिस पर आयोग की ओर से कहा गया कि इससे ऐसा प्रतीत होता है कि प्रतिवादी जानबूझकर वादी को सूचना उपलब्ध नहीं कराना चाहते हैं। जिसके बाद बीएसए मुजफ्फरनगर को वादी नरेश कुमार को सूचना न देने का दोषी मानते हुए उनके विरूद्ध चार सितंबर 2017 से 250 रूपये प्रतिदिन का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। जिसकी अधिकतम सीमा 10 हजार है। इस संबंध में आयोग के द्वारा अगली सुनवाई की तिथि 13 नवंबर रखी गयी है।

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