बात निकली है, तो दूर तलक जायेगी...टिकट वितरण में पैसे के लेनदेन के गम्भीर आरोप

बात निकली है, तो दूर तलक जायेगी...टिकट वितरण में पैसे के लेनदेन के गम्भीर आरोप

(कुलदीप त्यागी)
मुजफ्फरनगर। भाजपा में नगर निकाय चुनाव के दौरान टिकट वितरण में पैसों के लेनदेन के आरोप लगाने वाली महिला कार्यकर्ताओं के सामने आरोपी जनप्रतिनिधि सही तरह से अपनी सफाई भी पेश नहीं कर पा रहे हैं। यही कारण है कि मोटे पैसे के खेल के आरोप सही साबित होते दिखाई दे रहे हैं। लगभग सात माह पूर्व बसपा छोडकर भाजपा में शामिल होने वाले अरविन्दराज शर्मा की पत्नी सुधाराज शर्मा को टिकट देने के विरोध के पीछे कार्यकर्ताओं का आक्रोश तो है ही, साथ ही यह बात भी उनके मन में घर कर गई है कि टिकट बेचा गया है और यह परिपाटी सही नहीं है। अभी तक बसपा पर ही टिकट बेचने के आरोप लगते आये हैं, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि जब भाजपा में भी नगर निकाय के टिकट मोटी रकम बेचे जाने के आरोप लगाये गये हैं। सबसे बडी बात यह है कि आरोप विपक्षी पार्टी नहीं लगा रही है, बल्कि भाजपा के पुराने कार्यकर्ता ही लगा रहे हैं। भाजपा के प्रदेश संगठन मंत्राी सुनील बंसल, क्षे0 अध्यक्ष अरूण वशिष्ठ, नगर विधायक कपिलदेव अग्रवाल व जिलाध्यक्ष रूपेन्द्र सैनी पर मिलकर करोडों रूपये में मुजफ्फरनगर नगरपालिका परिषद का टिकट अरविन्दराज शर्मा को बेचने के आरोप लग रहे हैं। पिछले चार दिनों से ही नगर में लगातार यह चर्चा चल रही थी कि टिकट अरविन्दराज शर्मा की पत्नी को ही मिलेगा, क्योंकि मोटी रकम लेकर सैटिंग हो चुकी है, लेकिन भाजपा के जिम्मेदार पदाधिकारी इस सबसे इंकार कर रहे थे और उनका कहना था कि पार्टी के किसी पुराने व समर्पित कार्यकर्ता को ही टिकट दिया जायेगा। गत दिवस जब अरविन्दराज शर्मा की पत्नी सुधाराज शर्मा को टिकट मिलने की बात स्पष्ट हो गई, तो टिकट के दावेदारों समेत पुराने कार्यकर्ताओं में भी मायूसी छा गई। उनका स्पष्ट आरोप था कि मोटी रकम लेकर टिकट बेच दिया गया है। लगातार इस बात को लेकर चर्चा चलती रही। इस सबके बीच आज जब अरविन्दराज शर्मा की पत्नी सुधाराज शर्मा नामांकन दाखिल करने के लिये कचहरी जा रही थी, तभी टिकट के दावेदारों व भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं ने शिवचौक पर सांसद डॉ. संजीव बालियान, विधायक कपिलदेव अग्रवाल व भाजपा पदाधिकारियों के पुतले फूंक दिये। इतना सब होने के बावजूद भी जिन जनप्रतिनिधियों पर टिकट बेचने के आरोप लग रहे हैं, वे सही तरह से अपने उपर लगे आरोपों पर सफाई भी आन्दोलनरत महिलाओं के सामने पेश नहीं कर सके, जिससे शक गहरा गया है।

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