मुजफ्फरनगर: नानूमियां ही रहेंगे कांग्रेस के जिलाध्यक्ष

मुजफ्फरनगर: नानूमियां ही रहेंगे कांग्रेस के जिलाध्यक्ष

मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर के कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नानूमियां ही रहेंगे। पार्टी हाईकमान के निर्देश पर उन्होंने अपने त्यागपत्रा देने के निर्णय को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया। पार्टी हाईकमान के द्वारा जिलाध्यक्ष को पहले ही की भांति पूर्ण निष्ठा से कार्य करने का निर्देश भी जारी किया गया है। नानूमियां के जिलाध्यक्ष पद पर बने रहने से उनके समर्थकों में छायी हुई मायूसी से खुशी में तब्दील हो गयी। कांग्रेस में जिलाध्यक्ष नानूमियां के अपने पद से त्यागपत्रा देने की खबर समाचार पत्रों में प्रकाशित होते ही यह पार्टी हाईकमान तक भी जा पहुंची। जिस पर हाईकमान की ओर से तत्काल प्रभाव से एक्शन लिया गया। जिसके चलते जिलाध्यक्ष नानूमियां को फोन पर ही तलब कर लिया गया। जिस पर उन्होंने अपने पद से त्यागपत्र देने की वजह को पार्टी हाईकमान को बताया। इस बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए नानूमियां ने बताया कि उन्होंने पार्टी हाईकमान को इस विषय में सम्पूर्ण जानकारी दी। जिस पर पार्टी हाईकमान के द्वारा यह निर्देश दिये गये कि वह अपने पद पर कायम रहते हुए पहले ही की भांति ईमानदारी से कार्य करें। उनका कहना था कि वह पार्टी के वफादार सिपाही हैं। उनकी आस्था हमेशा पार्टी हित में ही रहेगी। घोषित प्रत्याशी के स्थान पर दूसरे के नाम को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस बारे में पार्टी हाईकमान ही निर्णय लेगा। उन्हें इस बारे में किसी प्रकार के निर्देश नहीं मिले हैं। मिलने पर ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। वहीं दूसरी ओर पार्टी सूत्रों का कहना था कि कांग्रेस का टिकट अवश्य ही बदला जाएगा।
गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष नानूमियंा ने शनिवार को अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। इस बारे में नानूमियां का कहना था कि पार्टी ने अनुभवी व मेहनती लोगों को चुनावी समर में नहीं उतारा है। पार्टी के द्वारा मुजफ्फरनगर नगर पालिका से चेयरमैन पद के लिए जिस प्रत्याशी बिलकिश चौधरी को टिकट दिया है, वह इस लायक ही नहीं हैं। वह पंकज अग्रवाल के समय में हुए सदस्य के चुनाव में लगभग 72 मत ही हासिल कर पाई थीं। उनका कहना था कि जो सदस्य पद के चुनाव मंे केवल 72 मत ले पाया हो, क्या वह इस महत्वपूर्ण पद के प्रत्याशी होने के लायक है। वहीं उन्होंने कहा था कि इस प्रकार से पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज करते हुए खतौली नगर पालिका से भी इस व्यक्ति की पत्नी को टिकट दिया गया, जिस ने हाल ही में बसपा को अलविदा कहा है। उनका कहना था कि वह पार्टी के एक वपफादार सिपाही हैं, उनकी आस्था कांग्रेस व सोनिया गांधी व राहुल गांधी में है।

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