बाईकों की भिडन्त में तीन घायल, एक की मौत...एम्बुलेंस की लेटलतीफी व डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण हुई घायल की मौत, एक की हालत चिन्ताजनक

बाईकों की भिडन्त में तीन घायल, एक की मौत...एम्बुलेंस की लेटलतीफी व डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण हुई घायल की मौत, एक की हालत चिन्ताजनक

भोपा। तेजी से आ रही दो बाईकों की भिडन्त में तीन व्यक्ति घायल हो गये। घायलों को मोरना के सरकारी अस्पताल में लाया गया, जहां से गम्भीर हालत के चलते घायलों को जिला चिकित्सालय के लिए रैपफर कर दिया गया है, जहां एक घायल की स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते मौत हो गई तथा एक अन्य घायल की हालत चिन्ताजनक बनी हुई है।
थाना भोपा क्षेत्रा के मोरना शुक्रताल मार्ग पर स्थित पैट्रोल पम्प के सामने दो बाईकों की भिडन्त हो गयी, जिसमें दोनों बाईकों के परखच्चे उड गये तथा चार व्यक्ति गम्भीर रूप से घायल हो गये। राहगीरों की मदद से घायलों को मोरना के सरकारी अस्पताल में भेजा गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को जिला चिकित्सालय के लिए रैफर कर दिया गया। घायलों के परिजनों के अनुसार शुक्रताल निवासी 45 वर्षीय कल्लू मिस्त्राी व 18 वर्षीय कालू पुत्रा पाल्लू मोटरसाइकिल द्वारा मोरना में डीजल लेने जा रहे थे तथा भोपा निवासी 20 वर्षीय बिट्टू पुत्र राकेश कश्यप, 18 वर्षीय तनुज पुत्र महिपाल मोरना की ओर से शुक्रताल जा रहे थे। जैसे ही दोनों की बाईक यूपी12एस9148 व यूपी12एई4176 से पैट्रोल पम्प के सामने पहुंची, तो दोनों बाईक आपस में टकरा गई, जिसमें चारों व्यक्ति गम्भीर रूप से घायल हो गये, जिसमें कल्लू मिस्त्राी की हालत गम्भीर होने के कारण उसे जिला चिकित्सालय रैपफर कर दिया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया तथा कालू को गम्भीर हालत के चलते मेरठ के लिए रैफर कर दिया गया, जहां पर उसकी हालत चिन्ताजनक बनी हुई है। सूचना पर पहुंची डायल 100 पुलिस की पीआरवी 2229 की पुलिस ने घटना की जानकारी प्राप्त की। कल्लू मिस्त्राी तिलकधारी आश्रम के पास साइकिल रिपेयरिंग की दुकान करता था। हाल ही में कल्लू मिस्त्राी गुड कोल्हू में मजदूरी के लिए जा रहा था। रविवार दोपहर कल्लू व काला इंजन के लिए डीजल लेने के लिए मोरना आया था। कल्लू अनुसुईंया धाम में रहता था। वहीं स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते कल्लू मिस्त्राी की हुई मौत को लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। घटनास्थल से अस्पताल ले जाने के उपरान्त घंटों की प्रतीक्षा के बाद 108 सरकारी एम्बुलेंस अस्पताल पहुंची, जबकि 102 एम्बुलेंस अस्पताल में उपस्थित थी, किन्तु तकनीकी कारणों के चलते घायल घंटों अस्पताल में तडपते रहे। राहगीरों द्वारा बार-बार 108 एम्बुलेंस को कॉल करने के बाद भी एम्बुलेंस समय पर नहीं आ सकी। वहीं बेहोश घायलों के मोबाईल द्वारा परिजनों को सूचना दी गई। अस्पताल पहुंचे परिजनों ने डॉक्टर की अनुपस्थिति तथा एम्बुलेंस के देर से आने को लेकर हंगामा काटा।

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