गंगा स्नान मेले में उमडा श्रद्धालुओं का सैलाब

गंगा स्नान मेले में उमडा श्रद्धालुओं का सैलाब

भोपा। भागवत तीर्थनगरी शुक्रताल में श्रद्धालुओं की भारी भीड पहुंच गयी है। यातायात सुचारू बनाने में पुलिस को कडी मशक्कत करनी पडी। सुरक्षा को लेकर खुफिया विभाग, क्राईम ब्रांच व एंटी रोमियो टीम मेले में गश्त कर रही है तथा संदिग्ध, शरारती, असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रख उनकी तलाशी की जा रही है। मेला ग्राउण्ड में बच्चे झूलों का आनन्द लेकर परिवार के साथ खेल खिलौने खरीदने में लगे रहे। वहीं शुकदेव आश्रम स्थित प्राचीन वट वृक्ष की छांव में श्रद्धालुओं ने भगवान सत्यनारायण की कथा को सुना तथा डेरों में महिला श्रद्धालुओं ने विभिन्न प्रकार के व्यंजनों के साथ खिचडी व सिंघाडे का विशेष रूप से आनन्द उठा रहे हैं। गंगा मैया में उतरी लाखों की भीड पुण्य लाभ प्राप्त कर रही है। वहीं गोताखोरों की टीम गंगा घाट पर निगरानी कर रही है तथा मुख्य मार्गों पर पानी का छिडकाव सहित सफाई व्यवस्था को दुरूस्त कर दिया गया है।
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर जिला पंचायत मुजफ्फरनगर के तत्वावधान में आयोजित होने वाले गंगा स्नान मेले में दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं का जमावडा भारी भीड में तब्दील हो गया है। गंगा घाट पर श्रद्धालु स्नान करने के लिए गंगा के शीतल जल में डुबकी लगा रहे हैं। परिवार के साथ मोटरबोट व नाव में बैठकर गंगा की लहरों का आनन्द ले रहे हैं। पुरोहितों से भगवान सत्यनारायण की कथा सुनकर हलवे के प्रसाद का वितरण भी किया जा रहा है। श्रद्धालुओं ने तिल, लड्डू, जौं एवं परमल का प्रसाद भगवान शुकदेव को अर्पित कर विभिन्न मंदिरों में स्थापित देवी-देवताओं को भोग लगाकर परिवार के बीच बांटकर ग्रहण किया। वहीं धर्म आस्थाओं से जुडे श्रद्धालुओं ने भागवत कथाओं, सत्संग और भजनों आदि कार्यक्रमों में भाग लेकर ध्यानपूर्वक सुना। शुकदेव आश्रम में स्थित प्राचीन वट वृक्ष पर बैठे दिव्य तोते के जोडांे को देखने के लिए भारी भीड उपस्थित रही। माना जाता है कि स्वर्ग से ईश्वर का संदेश लेकर आश्रम में पहुंचते हैं। इसके अलावा दण्डी आश्रम, हनुमत धाम, गणेश धाम, तिलकधारी आश्रम, शिवधाम, मां पीताम्बरा धाम, गायत्राी धाम, महेश्वराश्रम, महाशक्ति, गौडीय मठ सहित अन्य आश्रमों में श्रद्धालुओं की भारी भीड उपस्थित रही। मार्ग के दोनों ओर तथा अन्य स्थानों पर तम्बू लगाये ग्रामीण रागिनी व अन्य लोक धुनों पर नाचते गाते नजर आए। मेले की सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त दुरूस्त रखते हुए पहली बार शुक्रताल जाने वाले सभी वाहनों की तलाशी ली गई तथा यातायात को सम्बन्धित मार्गों से डायवर्ट किया गया, जिसके चलते श्रद्धालुओं को जाम से कापफी राहत मिली तथा पुलिस को भी भीड को नियंत्रित करने में आसानी रही, जहां कुछ व्यक्ति शुक्रताल में वाहन ले जाने के लिए पुलिस से झगडते नजर आये, किन्तु पुलिस ने मुस्तैदी के साथ किसी भी वाहन को शुक्रताल में प्रवेश करने से रोका।

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