डेंगू सहित अन्य रोगों की रोकथाम को डीएम ने दिये दिशा-निर्देश

डेंगू सहित अन्य रोगों की रोकथाम को डीएम ने दिये दिशा-निर्देश

मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने कहा कि डेंगू एवं अन्य वैक्टर जनित रोगों के रोकथाम एवं बचाव तथा नियंत्रण के सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित विभाग निर्देशानुसार कार्यवाही करें और वेक्टर जनित रोगों के संचरण पर प्रभावी नियंत्राण हेतु कार्यवाही अमल में लाये। जिलाधिकारी ने समस्त विद्यालयोें में एक अध्यापक को उक्त विषय की जानकारी देने हेतु नामित किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि नामित शिक्षक डेंगू एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों के बचाव एवं नियत्रण हेतु क्या करें एवं क्या न करें से सम्बन्धित जानकारी प्रार्थना स्थल पर उपलब्ध करायें। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों को नगण्य करने के लिए छात्रों को जागरूक किया जाये एवं विद्यालयों की समुचित साफ-सफाई रखी जाये। उन्होंने कहा कि छात्र/छात्राएं पूरी आस्तीन की ड्रेस पहने। उन्होंने कहा कि माध्यमिक व उच्च शिक्षण संस्थानों में डेंगू रोधी टीम के माध्यम से नाटक, सेमिनार, संगोष्ठी आदि के माध्यम से डेंगू के उपाय बताये जाये तथा विद्यालयों में मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट किया जाये। उन्होंने कहा कि विद्यालय से अनुपस्थित बच्चों में यदि कोई ज्वर से पीडित है, तो इसकी सूचना प्राचार्य द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दी जाये। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता जल निगम तथा समस्त ईओ को यह भी निर्देश दिये कि ओवरहेड टैंक की नियमित सफाई होती रहे, टंकियों के ढक्कन टाईट बनायें जाये। उन्होंने कहा कि पाईप लाईन बनाते समय गड्ढों को तुरन्त बन्द करा दिया जाये, जिससे जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने यह निर्देेश प्रमुख सचिव चिकित्सा के पत्रा 23 अक्टूबर पर आयुक्त सहारनपुर मण्डल के पृष्ठांकन के क्रम में जारी किये। उन्होंने निर्देश दिये कि रोग वाहक मच्छरों के पैदा होने की परिस्थितियों को नगण्य करने हेतु जनसामान्य को जागरूक किया जाये। उन्होंने समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद/नगर पंचायतों को निर्देश दिये कि सफाई एवं कूडा निस्तारण की सुदृढ व्यवस्था स्थापित की जाये। उन्होंने नालियों में एकत्रित जल का बहाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि प्रख्यापित उपविधियां (बाईलॉज) का कडाई से क्रियान्वयन पर बल दिया जाये तथा इसकी जानकारी जनसामान्य को उपलब्ध करायी जाये। उन्होंने कहा कि मच्छर जनित परिस्थितियों को समाप्त करने हेतु निरीक्षण करने सुनिश्चित किये जाये। उन्होंने कहा कि बहुखण्डी आवासों के स्वामियों को रोग वाहक मच्छर प्रतिरोधी उपाय अपनाने को कहा जाये। उन्होेंने कहा कि जल संग्रहित करने के व्यवहार को न्यूनतम किये जाने पर बल दिया। उन्होंने स्वास्थ विभाग से समन्वय स्थापित कर मच्छर जनित परिस्थितियों को समाप्त करने हेतु एकीकृत कार्यवाही करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने जिला पंचायतराज अधिकारी को निर्देश दिये कि नालियों एवं नालों में जलबहाव को अवरोधित न होने दिया जाये। उन्होंने ग्रामों में ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति को सक्रिय करने तथा स्वच्छता की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए समिति के माध्यम से फॉगिग एवं लार्वीसाइडल का छिडकाव कराने तथा हैण्डपम्प एवं कुओं के पास अनावश्यक जल एकत्रित न होने देने के निर्देश दिये। उन्होंने जलभराव के स्थलों को समाप्त कराने, नालियों एवं नालों में जलभराव को अवरोधित न होने देने, जल भराव के स्थानों की सफाई एवं उसमें मिट्टी का तेल डलवाने की सुदृढ व्यवस्था करने के निर्देश ग्राम विकास विभाग को दिये। जिलाधिकारी ने रोगों के संचरणकाल में महिलाओं एवं बच्चों को मच्छरदानी का उपयोग करने, बच्चों को पूरी आस्तीन के कपडे पहनने का व्यवहार सिखाये जाने के निर्देश महिला एवं बाल विकास विभाग को दिये।

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