डॉ. सुशील राजवंशी के यहां एसीएमओ का छापा... जिला चिकित्सालय की टीम द्वारा की गई कार्यवाही

मुजफ्फरनगर। काफी दिनों से डेंगू के सम्बन्ध में लगातार मिल रही शिकायत पर आखिरकार जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों की निन्द्रा टूटी, जिसके चलते इस संबंध में जिला चिकित्सालय की टीम के द्वारा नई मण्डी स्थित डॉ. सुशील राजवंशी के नर्सिंग होम पर छापामारी की गई। छापामारी के दौरान मरीजों सहित कर्मचारियों में हडकम्प की स्थिति बनी रही। चिकित्सकों की टीम द्वारा छापामारी के दौरान एक-एक मरीज के पास जाकर उनसे बारीक-बारीक जानकारी एकत्र की गई। जांच के बाद टीम के द्वारा चिकित्सक डॉ. सुशील राजवंशी को डेंगू के संबंध में ईलाज करने को लेकर सख्त हिदायत दी गई कि वह डेंगू को लेकर भ्रामक प्रचार कर लोगों से अंधाधुंध वसूली कदापि न करें। हर रिपोर्ट सर्वप्रथम जिला चिकित्सालय को प्रेषित की जाये, जहां से संस्तुति के बाद ही मरीज को डेंगू घोषित किया जाये। वहीं जिला चिकित्सालय के सूत्रों का कहना है कि उनके निशाने पर नगर की पैथोलॉजी लैब भी हैं, जो चिकित्सकों के साथ मिलकर डेंगू के संबंध में भ्रामक प्रचार कर लोगों को बेवकूपफ बनाकर पैसा ऐंठ रहे हैं।
मंगलवार को डेंगू के संबंध में मिली काफी शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश पर एसीएमओ डॉ. पीसी चौपडा ने अपनी टीम के साथ नई मण्डी स्थित डॉ. सुशील राजवंशी के नर्सिंग होम पर छापा मारा। छापे की कार्यवाही के चलते मरीजों सहित नर्सिंग होम के स्टापफ में खलबली मच गई। आनन-फानन में इस संबंध में जानकारी डॉ. सुशील राजवंशी को दी गई। उनके आने पर चिकित्सकों की टीम द्वारा डेंगू को लेकर उनसे जानकारी एकत्रा की गई। इसके साथ ही नर्सिंग होम में कुकुरमुत्तों की भांति दाखिल किये गये मरीजों से विस्तारपूर्वक जानकारी हासिल की गई। इस संबंध में डॉ. पीसी चौपडा का कहना था कि डॉ. सुशील राजवंशी के संबंध में कापफी लोगों से यह शिकायत मिल रही थी कि यह छोटे से छोटे बुखार को भी डेंगू बताकर ईलाज कर रहे हैं और मोटे से मोटा पैसा खींच रहे है, इसी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए सीएमओ पीसी मिश्रा के निर्देश पर यह छापे की कार्यवाही की गई है। उन्होंने बताया कि छापे की कार्यवाही के दौरान डॉ. सुशील राजवंशी को सख्त हिदायत दी गई कि वह प्रत्येक मरीज की रिपोर्ट जिला चिकित्सालय को प्रेषित करेंगे, जहां से उसे उफपर भेजा जायेगा, वहां से संस्तुति होने के बाद जिला चिकित्सालय के निर्देश पर वह रिपोर्ट को सार्वजनिक करते हुए डेंगू घोषित करेंगे। इससे पहले वह किसी भी मरीज को मिली रिपोर्ट के आधार पर डेंगू घोषित नहीं करेंगे। उनका कहना था कि डेंगू का भय दिखाकर डॉक्टर द्वारा अंधाधुंध वसूली की जा रही है, यदि डॉक्टर द्वारा दिये गये निर्देशों का पालन नहीं किया गया, तो उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। जब इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीसी मिश्रा से पूछा गया, तो उनका कहना था कि उनके कार्यालय को यह शिकायत मिल रही थी कि डॉ. राजवंशी खुद को डेंगू का स्पेशलिस्ट बताकर व भय दिखाकर प्रत्येक मरीज से 3-4 हजार प्रतिदिन पैंसा ऐंठ रहे है। यह डेंगू के बारे में भ्रामक पैदा कर अपना उल्लू सीधा कर रहे है। उनका कहना था कि पिछले वर्ष भी डॉ. राजवंशी के विरूद्ध डेंगू को लेकर ही कडी कार्यवाही की गई थी, जिनको इस संबंध में माफी मांगकर अपना पीछा छुडाना पडा था। वहीं जिला चिकित्सालय के सूत्रों का कहना है कि डेंगू को लेकर लोगों को बेवकूफ बनाकर पैसा ऐंठने के खेल में चिकित्सकों के साथ पैथोलॉजी लैब खेल खेल रहे है, जिसके चलते वह उनके निशाने पर है। शीघ्र ही उनके खिलाफ भी छापेमार कार्यवाही की जायेगी। छापे को लेकर डॉ. सुशील राजवंशी का कहना था कि हां डेंगू को लेकर जिला चिकित्सालय की टीम द्वारा उनसे पूछताछ की गई है। वह तो केवल पैथोलॉजी रिपोर्ट के आधार पर ही ईलाज कर रहे हैं। डेंगू से सम्बन्धित 32 लोगों की पॉजीटिव रिपोर्ट वह कल नाम, पता व फोन नम्बर सहित जिला चिकित्सालय को प्रेषित करेंगे।

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