पूर्ण निष्पक्षता के साथ सम्पन्न होंगे चुनावः प्रियदर्शी

पूर्ण निष्पक्षता के साथ सम्पन्न होंगे चुनावः प्रियदर्शी

मुजफ्फरनगर। जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने कहा कि नगर निकाय चुनाव-2017 पूर्ण निष्पक्षता, पारदर्शिता के साथ सम्पन्न कराये जायंेगे। उन्होंने सभी आरओ/एआरओ को निर्देश दिये कि चुनाव आचार संहिता का पालन करते हुए नगरीय निकाय चुनाव निष्पक्ष रहकर तथा सम्पन्न कराये। उन्होंने कहा कि सभी आरओ/एआरओ हैंडबुक में दिये दिशा-निर्देशों का अक्षरशः से पालन करना सुनिश्चित करें। यह सुनिश्चित किया जाये कि नामांकन से किसी को रोका न जाये और तीन बजे से पहले स्वयं आरओ कक्ष से बाहर निकलकर एनाउन्स कराये कि नामांकन करने आये उम्मीदवार आरओ कक्ष में आ जाये। तीन बजे के बाद किसी उम्मीदवार को नामांकन के लिए कक्ष में प्रवेश नहीं किया जायेगा। नोमिनेशन करते समय संलग्न सारे प्रमाण पत्रा एवं नो-ड्यूज आदि देख लंे और यदि कोई कमी है, तो तभी लिखित रूप से कमियां बता दी जाये।
जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी जीएस प्रियदर्शी आज यहां जिला पंचायत सभागार में नगरीय निकाय चुनाव-2017 को निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से सम्पन्न कराने के लिए आयोजित आरओ/एआरओ के प्रशिक्षण कार्यक्रम मंे अधिकारियों केा आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे थे। उन्हांेने एडीईओ पंचायत को निर्देश दिये कि समस्त लोजेस्टिक तथा लेखन सामग्री एवं सभी प्रपत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाये। उन्हांेने एसओसी चकबन्दी को निर्देश दिये कि रूट चार्ट एवं मानचित्रा आदि बनवा लिये जाये। नगरीय निकाय की सम्पूर्ण प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की नजर में सम्पन्न करायी जायेगी। कम्प्यूटर, स्कैनर एवं प्रिंटर आदि की व्यवस्था भी इण्टरनेट सहित उपलब्ध रखी जाये।
उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय चुनाव में अध्यक्षों तथा सदस्यों का निर्वाचन नगरीय निकाय के क्षेत्रों के मतदाताओं द्वारा प्रत्यक्ष रूप से किया जाता है। जनपद में दो नगर पालिकाएं तथा 8 नगर पंचायत हैं। जिनके लिए एक एक अध्यक्ष तथा प्रत्येक निकाय हेतु निर्धारित सदस्यों को चुनाव होना है। रिटर्निंग अधिकारी/सहायक रिटर्निंग अधिकारी की नियुक्ति की जा चुकी है। नाम निर्देशन का अंतिम दिन 7 नवम्बर 2017 को अपरान्ह 3 बजे तक होगा। उन्हांेने बताया कि नाम निर्देशन का समय पूर्वान्ह 11 बजे से 3 बजे तक होगा। 8 नवम्बर को नाम निर्देशन पत्रों की समीक्षा की जायेगी, 10 नवम्बर 2017 को नाम वापसी पूर्वान्ह 11 बजे से तथा कार्य समाप्ति तक होगी। इसके साथ ही 11 नवम्बर को प्रतीक/चुनाव चिन्ह आवंटन कराया जायेगा।
उम्मीदवारों द्वारा नाम वापसी की व्यवस्था से सम्बन्धित कार्य भी आरओ/एआरओ द्वारा सम्पन्न कराया जायेगा। उनके द्वारा सही पाये गये नाम निर्देशन पत्रोे, निर्विरोध रूप से चुने गये उम्मीदवार तथा निर्वाचन लडने वाले उम्मीदवारों की सूची तैयार करायी जायेगी तथा उन्हें निर्वाचन प्रतीक/ चुनाव चिन्ह आवंटित किये जायंेगे। मतदान होने के उपरान्त मत पेटिकाओं/मत पत्रों की वापसी तथा उनको सशस्त्रा पुलिस बल की अभिरक्षा में सुरक्षित रखवाया जायेगा। उन्हांेने कहा कि आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवार यथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/पिछडा वर्ग तथा महिला हेतु सभी पदों के लिए नाम निर्देशन पत्रा का मूल्य व जमानत की धनराशि आधी होगी। उन्हांेने कहा कि आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों द्वारा अनारक्षित पद पर नाम निर्देशन करने पर भी आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए निर्धारित नाम निर्देशन पत्रा का मूल्य लिया जायेगा। उन्हांेने कहा कि जमानत की धनराशि चालान द्वारा ट्रेजरी मंे जमा करायी जा सकती है तथा चालान की एक प्रति नाम निर्देशन पत्र के साथ संलग्न की जायेगी। उम्मीदवार के नाम निर्देशन पत्रा पर एक प्रस्तावक के हस्ताक्षर हांेगे एवं उम्मीदवार तथा प्रस्तावक का एक एक पफोटो भी चस्पा किया जायेगा। नाम निर्देशन पत्रों की समीक्षा के सम्बन्ध में निर्देश दिये कि निर्देशन पत्रों की समीक्षा नियत दिनांक व समय पर रिटर्निंग अधिकारी द्वारा की जायेगी। समीक्षा के दौरान रिटर्निंग अधिकारी/सहायक रिटर्निंग अधिकारी और उसके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी/कर्मचारी उम्मीदवार या उम्मीदवार का निर्वाचन अभिकर्ता या उम्मीदवार का कोई प्रस्तावक या उम्मीदवार द्वारा लिखित में प्राधिकृत कोई व्यक्ति उपस्थित रह सकेगा। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार की ओर से प्रस्तुत सभी नाम निर्देशन पत्रों को एक साथ रख लिया जाये ताकि उनकी एक साथ समीक्षा की जा सके। उन्होंने कहा कि सभी उम्मीदवार अथवा उनके निर्वाचन अधिकर्ता या प्रस्तावक, प्राधिकृत व्यक्ति को समस्त नाम निर्देशन पत्रों के परीक्षण का पूर्ण अवसर दिया जाये।
नाम निर्देशन पत्रों को अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 धारा 43क तथा 13 ग व उत्तर प्रदेश निगम अधिनियम 1959 धारा 24,25 व 11 के अन्तर्गत अर्ह नहीं है, यह अनर्ह है। उन्हांेने कहा कि सदस्य पद के लिए 21 वर्ष तथा अध्यक्ष पद के लिए 30 वर्ष की अपेक्षित न्यूनतम आयु प्राप्त होनी चाहिए। उन्हांेने कहा कि प्रस्तावक को उस वार्ड या निर्वाचन क्षेत्रा के लिए मतदाता के रूप मंे नामावलीगत नहीं किया है, जिसके लिए निर्देशन पत्रा दाखिल किया गया है। ऐसी दशा में भी आवेदन पत्रा निरस्त किया जा सकता है। उन्हांेने कहा कि किसी आपत्ति को सि( करने का दायित्व आपत्तिकर्ता का है। उन्हांेने कहा कि यदि किसी नाम निर्देशन पत्रा पर यह आपत्ति की गयी है कि उक्त उम्मीदवार का नाम किसी अन्य नगरीय निकाय या ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में सम्मिलित है, तो ऐसी परिस्थिति मंे उम्मीदवार को प्रतिवाद करने का अवसर दिया जाना चाहिए तथा दोनांे पक्षों का विधिवत् साक्ष्य लेकर स्वयं भी रिटर्निंग अधिकारी द्वारा जांच कर निश्चित रूप से निर्णय लिया जाना चाहिए।
कोई भी अभ्यर्थी लिखित नोटिस द्वारा अपना अर्भ्यथन वापस ले सकता है, जिसमें उसके हस्ताक्षर होंगे। उन्हांेने कहा कि एक अर्भ्यथन वापस लेने की नोटिस दिये जाने के बाद उसे निरस्त किये जाने की अनुमति नहीं दी जायेगी। जिलाधिकारी ने उम्मीदवारों की सूची तैयार करने के सम्बन्ध में भी आरओ/एआरओ को विस्तृत दिशा-निर्देश दिये और निर्वाचन प्रतीक का आवंटन संवेदनशील होकर पूर्ण निष्पक्षता के साथ किये जाने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने आदर्श चुनाव आचार संहिता के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा समस्त आरओ/एआरओ के प्रश्नांे एवं सम्भावित समस्याओं का निराकरण भी किया। अपर सांख्यिकी अधिकारी ने आरओ/एआरओ को स्लाईड शो के माध्यम से समस्त आवश्यक जानकारी दिखाई। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी वि/रा सुनील कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा, समस्त आरओ, एआरओ, एसडीएम /तहसीलदार, बीडीओ एवं अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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