दयानन्द सरस्वती ने अंधविश्वास को मिटायाः संजीव बालियान

दयानन्द सरस्वती ने अंधविश्वास को मिटायाः संजीव बालियान

मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय आर्य संरक्षणी सभा के तत्वावधन में एक परिवार सम्मेलन राजकीय इंटर कालेज, मुजफ्फरनगर के मैदान पर आयोजित किया गया। सम्मेलन से पहले प्रातः नौ बजे देव यज्ञ आरम्भ हुआ। ईश्वरीय वाणी वेद के मंत्रों से आचार्य दया देव ने यज्ञ सम्पन्न कराया। यज्ञोपरांत मुख्य अतिथि सांसद व पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्राी डा. संजीव बालियान एवं खतौली विधायक विक्रम सैनी ने आर्य परिवारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। डा. संजीव बालियान ने ऋषि दयानन्द द्वारा समाज के लिए किये गये कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यदि ऋषि दयानन्द सरस्वती नहीं आते, तो देश में आडम्बर की पहचान करना मुश्किल था। विक्रम सैनी ने कहा कि अन्य मतों के सनातन धर्म में आने का रास्ता आर्य संन्यासी स्वामी श्रद्धानन्द ने खोला। मुख्य वक्ता आचार्य संजीव ने आर्य परिवार की आवश्यकता एवं महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि हमें अपने जीवन में ऋषियों के निर्देशों का पालन करना चाहिए। जिससे एक सुदृढ़ व्यवस्थित और सुसंस्कृत समाज एवं राष्ट्र का निर्माण संभव होगा। अध्यक्षता राष्ट्रीय आर्य निर्मात्राी सभा के अध्यक्ष पं. लोकनार्थ आर्य करनाल ने की। संचालन सभा के महासचिव आर्य तोषण ने किया। कार्यक्रम में आनन्द आर्य, अमित गर्ग, दिनेश आर्य, रजनीश आर्य, विनोद आर्य, कमलदीप आर्य, विरेंद्र आर्य, अतुल आर्य, विकास आर्य, दीपक आर्य व जगमोहन आर्य का योगदान रहा।

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