किसानों की बदहाली किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहींः डा. संजीव बालियान

किसानों की बदहाली किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहींः डा. संजीव बालियान

मुजफ्फरनगर। शनिवार को स्थानीय चौ. छोटूराम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें जनपद के किसानों ने सक्रिय भूमिका निभाई। गोष्ठी के विषय 'भारतीय कृषि समस्या एवं निदान' पर महाविद्यालय के कृषि विशेषज्ञों डा. मानवेंद्र कुमार ने मृदा परीक्षण पर किसानों को आगाह करते हुए मृदा स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी तथा डा. प्रवीण ने इस सीजन में उगने वाली विभिन्न पफसलों गेहूं, चना, मटर, सरसों इत्यादि पफसलों में लगने वाले कीट पतंगों एवं इनके प्रभावी रोकथाम के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। डा. एससी आर्या ने गोष्ठी में आये किसानों को दूधारू पशुओं एवं दुग्ध उत्पादन की तकनीकी जानकारी से अवगत कराया। गोष्ठी का शुभारंभ सांसद व पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्राी संजीव बालियान तथा बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक एवं महाविद्यालय प्रचार्य डा. नरेश मलिक व सचिव प्रबंध समिति रविन्द्र ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्य डा. नरेश मलिक ने किसानों की समस्याओं को उठाते हुए कृषि वैज्ञानिकों व जनप्रतिनिधियों से प्रभावी समाधान की अपेक्षा की। इस गोष्ठी के विशिष्ट अतिथि रहे विधायक बुढ़ाना ने कहा कि हमारी सरकार किसानों की हर समस्या के समाधान हेतु दृढ़ संकल्प है। मुख्य अतिथि सांसद डा. संजीव बालियान ने कृषि गोष्ठी में आये किसानों व वैज्ञानिकों को अवगत कराया कि देश के गन्ना किसानों की बकाया धनराशि को अपने मंत्रालय द्वारा जुटाए गए फंड्स, जिसमें रॉ शुगर पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाना तथा पेट्रोलियम प्रोडक्ट में गन्ने के सह उत्पाद ऐथेनॉल 5 से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक इस्तेमाल कर एवं अन्य संसाधनों से जुटाकर भुगतान कराया। उन्होंने ने बताया बीटी कॉटन की दर को कम कराया गया तथा विभिन्न पेस्टिसाइड के उत्पादन में विदेशी कंपनियों का दबदबा था, को भारतीय कंपनियों के द्वारा इस दबदबे को कम कराया व पेस्टिसाइड की कीमत में कापफी कमी कराई गई। उन्होंने आगे बताया कि अधिकांश सरकारों ने कृषि अनुदान पर ज्यादा ध्यान केंद्रित रखा। हमारी सरकार ने किसानों की समस्याओं पर ध्यान दिया। उन्होंने आगे कहा कि किसानों का किसी प्रकार का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी पफसल के सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दर पर खरीदने पर उसके खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की जाये, तभी किसानों का उत्पीड़न बंद होगा। गोष्ठी का सफल संचालन डा. संदीप कुमार ने किया तथा संयोजक डा. नरेश परूथी रहे। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में समस्त महाविद्यालय का पूर्ण सहयोग रहा।

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