खुली बैठक में हंगामा, मारपीट, तनाव बना...रामराज के गांव पुट्ठी इब्राहिमपुर में चकबन्दी अधिकारियों के सामने ही भिडे ग्रामीण

रामराज। क्षेत्र के ग्राम पुट्ठी इब्राहिमपुर में चकबन्दी को लेकर चल रही खुली बैठक में चकबन्दी एसीओ के समक्ष चकबन्दी के पक्षधर व चकबन्दी का विरोध करने वाले ग्रामीणों के दो पक्षों में मारपीट हो गयी तथा खुली बैठक हंगामे की भेंट चढ गयी। बैठक के दौरान एक पक्ष ने गांव के कुछ लोगों को फर्जी पट्टाधारक बताते हुए बैठक से बाहर करने की बात की, जिसके बाद बैठक में जमकर हंगामा हुआ। हंगामे की सूचना पर पहंुची पुलिस ने दोनो पक्षों के लोगों को समझा-बुझाकर शान्त किया।
ग्राम पुट्ठी इब्राहिमपुर में पिछले करीब तीन वर्षाें से गांव में चल रही चकबन्दी प्रक्रिया को लेकर विवाद चला आ रहा है। गांव के कुछ लोग चकबन्दी कराना चाहते है, तो वहीं कुछ लोग चकबन्दी न होने के पक्ष में है, जिसके चलते दोनो पक्षों के बीच काफी समय से तनाव व्याप्त है। शुक्रवार को गांव के प्राईमरी स्कूल में चकबन्दी को लेकर खुली बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सहायक चकबन्दी अधिकारी अनंगपाल सिंह लोगों से सुझाव मांग रहे थे। इसी दौरान एक पक्ष के लोगों ने गांव के कुछ लोगों पर अवैध पट्टाधारक होने का आरोप लगाते हुए उन्हें बैठक से बाहर करने की मांग की, जिस पर दूसरे पक्ष के लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसी बात को लेकर सहायक चकबन्दी अधिकारी अनंगपाल सिंह की मौजूदगी में ही चकबन्दी कराने के पक्षधर व चकबन्दी का विरोध करने वाले पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गयी तथा बैठक में जबरदस्त हंगामा हो गया। इसी बीच कुछ लोगों ने चकबन्दी अधिकारी की कुर्सी मेज भी उठाकर फेंक दी। हंगामे की सूचना पर रामराज पुलिस मौके पर आ गयी और दोनो पक्षों के लोगो को समझा-बुझाकर शान्त किया तथा चकबन्दी अधिकारी बिना किसी निस्तारण के बैठक छोडकर चले गये। वहीं गांव मे दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ है। इस मामले पर सहायक चकबन्दी अधिकारी अनंगपाल सिंह का कहना है कि गांव में चकबन्दी को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद है, कुछ लोग चकबन्दी चाहते है तथा कुछ लोग चकबन्दी के विरोध में हैं, जिस पर सहमति के लिये खुली बैठक का आयोजन किया गया था, किन्तु बैठक हंगामे की भेंट चढ गयी। जब तक गांव में दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं होगी, तो चकबन्दी असम्भव है।

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