गंगा स्नान मेला शांतिपूर्ण कराया जायेगा सम्पन्नः डीएम

गंगा स्नान मेला शांतिपूर्ण कराया जायेगा सम्पन्नः डीएम

मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने बताया कि शुक्रताल कार्तिक गंगा स्नान मेला शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित सम्पन्न कराने के लिए उप जिला मजिस्ट्रेट-जानसठ को मेला मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। उन्होंने कहा कि गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी शुक्रताल में कार्तिक गंगा स्नान मेले का आयोजन 31 अक्तूबर से प्रारम्भ होकर 5 नवम्बर तक चलेगा। उन्होंने बताया कि मुख्य पर्व 4 नवम्बर को मनाया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि इस अवसर पर जनपद के अलावा अन्य क्षेत्रों से भी भारी संख्या मंे श्र(ालु अपने-अपने वाहनों के साथ मेले में भाग लेने एवं धार्मिक लाभ उठाने आते है। उन्होंने कहा कि मेले को सुचारू रूप से निर्विघ्न सम्पन्न कराये जाने के लिये व्यवस्थायें पूर्ण किया जाने के निर्देश सम्बन्धित को दिये गये है।
जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिये कि मुजफ्फरनगर मुख्यालय से भोपा-मोरना मार्ग होते हुये शुक्रताल पहुंचने तक के मार्ग की सड़क का निरीक्षण करना सुनिश्चित किया जाये और यदि कही पर मार्ग क्षतिग्रस्त है और जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है, तो मेल से पूर्व उसे ठीक कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी प्रभाग, मुजफ्फरनगर को निर्देश दिये कि मेले के आयोजन से पूर्व ही इन मार्गो पर बाधित कटे हुए वृक्षों को मार्ग से हटवाने की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये। उन्होंने बताया कि यह शुक्रताल कार्तिक गंगा मेला धार्मिक दृष्टिकोण से बहुत ही महत्वपूर्ण मेला है। इस मेले में जनपद एवं आसपास के जनपदों से आवागमन होता है। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि मेले में भाग लेने वाले लोगों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने एवं किसी अप्रिय दुर्घटना को दृष्टिगत रखते हुए मेले क्षेत्रा में चिकित्सकों की टीमें गठित करने, समस्त चिकित्सीय व्यवस्था करने एवं एक एम्बुलैंस की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाये। उन्होंने मेला क्षेत्रा में कीटनाशक दवाओं के छिडकाव कराये जाने के भी निर्देश दिये, जिससे संक्रामक रोग पफैलने की सम्भावना न रहे।
जिलाधिकारी ने बताया कि मेले की समस्त व्यवस्थाएं जिला पंचायत द्वारा की जाती है। जिलाधिकारी ने कहा कि अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत, मु.नगर उक्त अवसर पर मेले के घाटों पर महिलाओं और पुरूषों के स्नान के लिए अलग-अलग स्थान सुनिश्चित कर लें तथा उन स्थानों की पहचान हेतु बोर्ड लगा दिये जायें, ताकि कोई अव्यवस्था उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि जिन घाटों पर पानी की गहराई अत्याधिक है, वहां पर बल्लियां आदि द्वारा बेरीकेटिंग करके व्यवस्था पूर्व से ही कर ली जाये तथा अधिक गहराई वालें घाटों पर चेतावनी के बोर्ड लगा दिये जाये। उन्होंने कहा कि ऐसी उपयुक्त व्यवस्था की जाये कि कोई भी अप्रिय घटना घटित न होने पाये। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि किसी भी प्रकार की दुर्घटनाओं से बचने के लिए आवश्यक नौकाओं की उपलब्धता, कुशल तैराक तथा लाईफ जैकेट की व्यवस्था वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं उप जिला मजिस्ट्रेट, जानसठ से सम्पर्क कर समय रहते कर ली जाये। इसके अतिरिक्त मेला स्थल पर पर्याप्त संख्या में फोक्स लाईटों की व्यवस्था ससमय कराने के निर्देश देेते हुए मेला क्षेत्रा में मुख्य मार्गो एवं दुकानों के स्थलों पर एवं स्थान घाटों पर सपफाई कर्मचारियों की व्यवस्था के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पर्याप्त मात्रा में सपफाईकर्मियों की तैनाती की जाये, जिससे सापफ-सपफाई निरंतर मेला अवधि में सुचारू ढंग से सम्पन्न हो सके।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि मेले में बेेेेेेेरीकेटिंग, लाईट की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए, जिससे आम जनता को किसी असुविधा का सामना न करना पडे। उन्होेंने कहा कि मेले क्षेत्रा की सफाई मेला बीतने के बाद अगले दिन भी करायी जाये। मेला के मध्य क्षेत्रा एवं घाट पर खोया-पाया केन्द्रों की व्यवस्था कर कर्मचारियांे की तैनाती की जाये। इन खोया-पाया केन्द्रों पर लाउडस्पीकर की व्यवस्था भी अवश्य करायी जाये। जिलाधिकारी ने उपाध्यक्ष, मु.नगर विकास प्राधिकरण को निर्देश दिये कि शुक्रताल एवं मेला क्षेत्रा में स्थापित सोडियम लाईटें दिखवा ली जाये और यदि उनमें कुछ खराब है, तो खराब लाईटों को बदलवाकर तत्काल चालू कराने की व्यवस्था करें। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत, भोकरहेडी/जानसठ एवं मीरापुर उप जिला मजिस्ट्रेट-जानसठ से सम्पर्क कर मेले के दौरान पानी के टैंकरों की व्यवस्था सुनिश्चित कराये तथा सपफाई व्यवस्था भी कराना सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि खण्ड विकास अधिकारी-मोरना मेले के दौरान एवं मेला बीतने के बाद भी पर्याप्त सपफाई व्यवस्था कराते रहे।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि अधिशासी अभियन्ता, सिंचाई, बाढ खण्ड, मु.नगर, उप जिला मजिस्ट्रेट-जानसठ एवं अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत से सम्पर्क कर गत वर्षों की भॉति उपयुक्त व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये। जिलाधिकारी ने बताया कि मेले में किसान अपने परिवार सहित अपनी-अपनी भैंसा-बुग्गी सहित अधिक संख्या में आते हैं। अतः गत वर्षों की भांति पशु चिकित्सकों की मय दवाईयों की व्यवस्था चौबीसों घण्टे मेले में रखी जाये। उन्होंने कहा कि बिजली की निर्बाध आपूर्ति मेला अवधि में की जाये तथा विद्युत व्यवस्था मेले के अन्तिम छोर तक स्नान से पहले कर ली जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य का निरीक्षण उप जिला मजिस्ट्रेट/तहसीलदार स्वयं कर लें तथा इस कार्य के पूर्ण होने का प्रमाण पत्रा भी प्राप्त कर लें।
जिलाधिकारी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मेेले के दौरान आने वाले श्र(ालुओं की पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत मेले के अवसर पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, अग्निशमन एवं ट्रैपिफक तथा जीवन रक्षक नौकायें, कुशल तैराक तथा लाईपफ जैकेट की व्यवस्था कराने के लिए कहा, साथ ही किसी क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी को मेला अधिकारी एवं उप जिला मजिस्ट्रेट-जानसठ द्वारा नामित राजस्व विभाग के तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों के साथ समकक्ष पुलिस अधिकारियों को नामित करने के लिए भी कहा। जिलाधिकारी ने कहा कि मेला आगमन व मेला समापन के समय एवं मेले के अन्तिम छोर तक सुदृढ पुलिस व्यवस्था रहे। उन्होंने कहा कि गंगा पर तैयार किये गये कच्चे पुल पर तथा पुल के उस पार जाने वाले व्यक्तियों को रोकने के पर्याप्त पुलिस प्रबन्ध हो। मेले के दौरान वाहनों से लगने वाले जाम से बचने के हर सम्भव प्रयास किये जाये। उप जिला मजिस्ट्रेट-जानसठ तत्काल उक्त क्षेत्रा का भ्रमण कर लें एवं मेले के दौरान की जाने वाली व्यवस्था एवं आने वाली कठिनाईयों का आंकलन कर उपयुक्त व्यवस्था अपने पर्यवेक्षण में समयान्तर्गत करा लें। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान समस्त सम्बन्धित विभागों से समन्वय स्थापित कर समस्त व्यवस्थायें समय रहते सुनिश्चित करा लें तथा समस्त विभागों से सौंपे गये कार्य पूर्ण करने का प्रमाण पत्रा भी प्राप्त कर ले तथा मेला प्रारम्भ होने से समाप्ति तक अधोहस्ताक्षरी को दैनिक आख्या उपलब्ध कराये। उन्होंने कहा कि इस मेले को अपने निकट पर्यवेक्षण में सकुशल एवं निर्विघ्न रूप से सम्पन्न कराना सुनिश्चित करें। किसी भी समस्या अथवा अप्रिय घटना की सूचना दूतगामी साधनों से उच्चाधिकारियों को दी जाये। मुझे आशा ही नहीं, बल्कि पूर्ण विश्वास है कि आप उक्त मेले को सौहार्दपूर्ण वातावरण में सकुशल सम्पन्न कराना सुनिश्चित करेंगे।

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