जेल में कैद निर्दोष छात्र के घर लौटी खुशी

भोपा। मोरना निवासी ब्रजेश हत्याकाण्ड में पफंसे बेकसूर छात्र के घर पर पुनः खुशी लौट आयी है। हत्याकाण्ड का खुलासा हो जाने तथा हत्यारों के जेल चले जाने से बेकसूर छात्र के जेल से रिहा हो जाने की उम्मीद से परिवार में प्रसन्नता का मौहाल है। वहीं पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही पर ग्रामीणों ने सवाल खडे किये हैं। मामले को लेकर भाकियू ने पुलिस की कार्यशैली पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए थानाध्यक्ष ककरौली को निलम्बित किये जाने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर जिलाधिकारी व एसएसपी कार्यालय का घेराव कर धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
थाना भोपा क्षेत्र के ग्राम करहेडा निवासी हाईस्कूल के छात्र शुभम् पुत्र जयभगवान को हत्या के झूठे आरोप में ककरौली पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सोमवार को घटना का खुलासा पुलिस द्वारा कर दिया गया तथा दो हत्यारों को जेल भेज दिया गया। घटना के खुलासे का समाचार सुनकर शुभम् की माता पिंकी ने अपना मौन तोडा तथा बहन पारूल, सोनिया, शालू व प्रिया ने भाई के बेगुनाह साबित हो जाने की मनोकामना पूर्ण हो जाने पर मन्दिर में प्रसाद चढाकर ईश्वर को धन्यवाद दिया। बेटे के निर्दोष साबित हो जाने से पिता जयभगवान के चेहरे पर भी मुस्कान लौट आयी है। जयभगवान के परिवार को गांव में सम्मान प्राप्त है। हत्या में बेटे का नाम आ जाने से शुभम् का परिवार मानसिक संकट से जूझ रहा था। एसपी देहात अजय सहदेव ने बताया कि पुलिस द्वारा किसी बेगुनाह को जेल न भेजा जाये, इस पर पुलिस गम्भीरता से कार्य कर रही है। शुभम् की जेल से रिहाई की प्रक्रिया जारी है और मंगलवार शाम तक उसको रिहाकर दिया जायेगा तथा उस पर लगे हत्या के आरोप को भी समाप्त कर दिया जायेगा, जिससे उसके भविष्य पर कोई बुरा असर नहीं पडेगा। छात्र के साथ हुए अन्याय का संज्ञान लेते भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने बताया कि बार-बार ककरौली थानाध्यक्ष प्रवीण वशिष्ठ को छात्रा की बेगुनाही को लेकर भाकियू कार्यकर्ताओं ने समझाने की कोशिश की लेकिन गुडवर्क दिखाने के चक्कर में थानाध्यक्ष ककरौली ने बेकसूर छात्र को जेल भेजकर ही दम लिया।

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