सुख-शांति, सौहार्द का पर्व दीपावली धूमधाम से मनाया

सुख-शांति, सौहार्द का पर्व दीपावली धूमधाम से मनाया

मुजफ्फरनगर। दीपांे का पर्व व सुख, शांति, सौहार्द को देने वाला दीपावली का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। इस मौके पर नगर रंग-बिरंगी रोशनियों में नहाया हुआ नजर आया। इस मौके पर जमकर आतिशबाजियों का खेल खेला गया। साथ ही पटाखे भी खूब फोड़े गये, भले ही सुप्रीम कोर्ट के द्वारा इन पर रोक लगायी गयी हो। दीवाली के मौके पर घर-घर में दीपकों की रोशनी की गयी तथा इसके साथ ही घर-घर में मिठाई का भी वितरण किया गया।
बड़ी दीवाली के मौके पर नगर सहित जनभद भर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश एक प्रकार से बेमायने नजर आये। नगर सहित पूर जनपदभर में जमकर पटाखे पफोड़े गए. जमकर हुई आतिशबाजी से धुएं के गुब्बार और धुंध में जनपद सिमट गया। प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बावजूद नगर में कई जगहों पर जमकर आतिशबाजी हुई और वह तमाम पटाखे भरपूर दागे गए, जो शहर में बारूदी जहर घोलते हैं।
एनसीआर क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट के पटाखों पर बैन के बावजूद प्रदूषण का स्तर कम होता दिखाई नहीं दिया। दीवाली की रात के आंकड़ों पर नजर डालें, तो कई जगहों पर प्रदूषण का स्तर सामान्य से 12 गुना तक ज्यादा हो चुका था। नगर के कुछ क्षेत्रों मे प्रदूषण का स्तर पीएम 2.5 में लगभग 12 गुना तक गिरावट दर्ज की गई है।
गांधी कालोनी, नई मंडी, अग्रसैन विहार, लक्ष्मण विहार, कृष्णापुरी, आदर्श कालोनी, सुभाषनगर, बचन सिंह कालोनी, शांतिनगर, मोतीमहल जैसे इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर सामान्य से कई गुना ज्यादा पहुंच गया। ये आंकड़े रात करीब 10.00 बजे तक के हैं। पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के जारी आदेश के चलते प्रशासन पूरी तरह आदेश के अनुपालन में लगा रहा, लेकिन यहां पर तो आदेश के आते ही उसके तोड़ को निकाल लिया गया। एक ओर प्रशासन के द्वारा जहां कड़ी कार्यवाही करते हुए कुछ पटाखा बेचने वालों के गोदाम तक सीज कर दिये गये हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ छुटभैया दुकानदारों के द्वारा इसका तोड़ भी निकालते हुए पिछले दरवाजे से पटाखों की बिक्री कर दी गयी। इतना ही नहीं बल्कि होम डिलीवरी तक की गयी, ताकि प्रशासन की पकड़ से बचा जाए। एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि क्या करें कर्ज पर पैसे लेकर सामान को लाया गया है। यदि नहीं बेचेंगे, तो कर्ज के पैसे को कैसे उतारेंगे। उनका कहना था कि वह किसी भी अनजान को पटाखे नहीं दे रहे हैं। जानने वाले को ही दे रहे हैं। दीवाली के मौके पर इस बार चाइनीज सामानों के बहिष्कार के चलते माटी के पफनकार की भी मौज रही। उसके बनाये गये दीपक घर-घर पर रोशन हुए, साथ ही मिष्ठान भी जमकर वितरण किया गया।

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