आखिर दुल्हन की भांति सज ही गये बाजार

आखिर दुल्हन की भांति सज ही गये बाजार

मुजफ्फरनगर। दीपों का पर्व प्रारंभ हो चुका है। इसकी पहली कड़ी के रूप में मंगलवार को धनतेरस का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर बाजारों में एक प्रकार से कुछ पहले जैसे रौनक देखने को मिली। हालांकि वह पहले के मुकाबले कापफी हद तक कम थी, लेकिन अच्छी ही कही जाएगी। काफी समय से मुरझाये दुकानदारों के चेहरों पर कुछ थोड़ी बहुत रौनक भी देखने को मिली। बाजारों में भीड़ भी अच्छी खासी नजर आयी। धनतेरस होने के चलते आज सबसे अधिक सुनारों व बर्तनों की दुकानों पर भारी भीड़ नजर आयी। इसके साथ ही दीवाली के अन्य सजावट के सामानों की भी जमकर लोगों के द्वारा खरीदारी की गयी।
नोटबंदी सहित जीएसटी का असर बाजार पर छाया हुआ है। यह पूरी तरह से समाप्त नहीं हो सका है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण बाजार में लोगों के द्वारा की जा रही खरीदारी को लेकर बड़ी ही आसानी के साथ लगाया जा सकता है। धनतेरस होने के चलते बाजारों में लोगों की आयी भीड़ को देखते हुए मायूस बैठे दुकानदारों की आंखों में कुछ चमक सी नजर आयी। एक दुकानदार सतीश कुमार का कहना था कि नोटबंदी को लगभग एक साल होने को आया है, लेकिन बाजार इससे पूरी तरह से उभर नहीं पाया है। उफपर से रही सही कसर जीएसटी ने पूरी कर दी है। अभी तक दुकानदारी न के बराबर हो रही थी। धनतेरस होने के चलते लोगों के द्वारा बर्तनों की हो रही खरीदारी के चलते आज लगा कि वह बाजार में बैठे हैं। अन्यथा ऐसा लगता था कि जैसे किसी सुनसान स्थान पर बैठे हों। उनका कहना था कि इस बार की दीवाली फीकी दीवाली ही कही जाएगी। इसमें ग्राहक ही क्या करे, जब उसके पास पैसा ही नहीं है। वह खरीदारी कहां से करे।
इसके साथ ही खरीदारी करने को आयी श्रीमती नीलम राठी का कहना था कि मन तो दीवाली पर यह करता है कि पूरे घर को पूरी तरह से सजा दिया जाए, साथ ही अपने सभी सगे-संबंधियों को उपहार भी दिये जाए, लेकिन क्या करें, जब जेब में पैसे ही नहीं हैं, तो खरीदारी कैसे की जाए, नोटबंदी व जीएसटी ने सारे सपनों पर पानी पफेर दिया है। धनतेरस होने के चलते सभी ने पूजा के लिए एक ओर जहां बर्तनों की खरीदारी की। वहीं दूसरी ओर उन्होंने सोेने-चांदी के आभूषणों को भी जमकर खरीदा। शायद ही कोई ऐसा सुनार होगा कि जिसकी दुकान पर ग्राहकों की भीड़ न लगी हो। किसी ने चांदी के सिक्के खरीदे, तो किसी ने सोने के गहने। इसके साथ ही आज के दिन वाहन की खरीदारी भी लोगों के द्वारा की गयी। इस संबंध में मनोज कुमार राठी का कहना था कि आज के दिन वाहन आदि खरीदना शुभ माना जाता है। इसी के चलते उन्होंने एक कार की खरीदारी की है। इसके अलावा नई बाइक पर सवार सचिन कुमार का कहना था कि आज के दिन वाहन मिलना उनके लिए किसी सपने के समान है। वह कापफी खुश है। धनतेरस होने के चलते गांधी कालोनी, एसडी मार्किट, झांसी की रानी, भगत सिंह रोड, शामली बस स्टैंड, टाउनहाल आदि स्थानों पर बाजारों में भीड़ के चलते जाम की भी भारी परेशानी से लोगों को दो चार होना पड़ा। दुकानदारों ने अपनी दुकानों को कापफी हद तक सड़क पर ला रखा था, हालांकि एक दिन पहले ही प्रभारी जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल के द्वारा इस प्रकार के अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों पर कड़ी कार्यवाही की बात कही गयी थी, लेकिन दुकानदारों के द्वारा उनके आदेशों को हवा में उड़ा दिया गया।

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