दर्जनों महिलाएं अध्यक्ष पद पर चुनाव में उतरने को तैयार

दर्जनों महिलाएं अध्यक्ष पद पर चुनाव में उतरने को तैयार

मुजफ्फरनगर। नगर निकाय चुनाव की अधिकृत घोषणा होने से पूर्व ही नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिये नेताओं ने अपनी पत्नियों को चुनावी अखाडे में उतारने का मन बना लिया है। आज भाजपा के मुजफ्फरनगर पालिका चुनाव संयोजक राजपाल सिंह के आगमन पर एक दर्जन से अधिक महिला नेत्रियों ने अध्यक्ष पद के लिये अपनी दावेदारी रखी है। अध्यक्ष पद के लिये वैश्य समाज के अलावा ब्राह्मण समाज वोटों के आधार पर अपनी दावेदारी मानता है। वहीं पंजाबी समाज ने भी अध्यक्ष पद के लिये अपने प्रत्याशी उतारने के लिये एक बैठक कर संकेत दिया है कि भाजपा उनकी बिरादरी को भी अनदेखा नहीं कर सकती है।
निकाय चुनाव की सुगबुगाहट होते ही नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिये नेताओं ने भागदौड शुरू कर दी थी और अपनी-अपनी गोटियां सैट करनी शुरू कर दी थी। वैश्य समाज से संजय अग्रवाल, श्रीमोहन तायल, सुरेन्द्र अग्रवाल, सुनील तायल, पूर्व विधायक सुशीला अग्रवाल, सरिता शर्मा अरोरा, गीता जैन, स. सुखदर्शन सिंह बेदी, कुशपुरी, राजकुमार नरूला, विजय शुक्ला, प्रदीप शर्मा एवं प्रवीण शर्मा ब्रहमपुरी भाजपा से पालिकाध्यक्ष पद के टिकट के लिए प्रयासरत थे, लेकिन दो दिन पूर्व जब सूची जारी हुई, तो मुजफ्फरनगर पालिका सीट महिला के लिये आरक्षित हो गयी, इससे चुनावी भागदौड में लगे नेता थोडे मायूस तो हुए, लेकिन अपनी पत्नियों को इस चुनावी समर भूमि में उतारने के लिये कमर कसकर तैयार हो गये। आज भाजपा के जिला चुनाव संयोजक राजपाल सिंह मुजफ्फरनगर आये, तो उनसे अनेक नेताओं ने अपनी पत्नियों के साथ मिलकर अध्यक्ष पद प्रत्याशी के लिये आवेदन दिये। चर्चाओं के अनुसार मुजफ्फरनगर सीट से वैश्य समाज से भाजपा नेत्राी रेणू गर्ग, गीता जैन, पूर्व सभासद बबीता गुप्ता, संजय अग्रवाल की पत्नी अलका अग्रवाल, श्रीमोहन तायल की पत्नी बबीता तायल, पूर्व विधायक सुशीला अग्रवाल सहित ब्राह्मण समाज से सरिता शर्मा अरोरा, सुनीता शर्मा, सरिता गौड एडवोकेट, विजय शुक्ला की पत्नी सुनीता शुक्ला, दीपा कौशिक अपनी मजबूत दावेदारी मानते हुए अध्यक्ष पद प्रत्याशी बनने के लिये प्रयासरत है। इस सीट पर वैश्य व ब्राह्मण समाज के अलावा पंजाबी समाज ने भी पूर्व में अपनी सशक्त दावेदारी रखी थी। पंजाबी समाज से उद्योगपति कुशपुरी काफी समय से पार्टी सहित समाजसेवा के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभा रहे थे। इसके अलावा स. सुखदर्शन सिंह बेदी, अशोक बाठला, राजकुमार नरूला भी चुनावी समर में उतरने को तैयार थे, लेकिन महिला सीट होने के कारण सारे समीकरण उलट-पुलट हो गये। इस मामले को लेकर आज सायं पंजाबी समाज की एक बैठक गांधी कालोनी में हुई, जिसमें काफी संख्या में पंजाबी समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे। समाज ने सर्वसम्मति से निर्णय बनाने का प्रयास करते हुए कहा कि पंजाबी समाज से एक ऐसी महिला को अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया जाये, जिसके परिवार की समाज के सभी वर्गो में विशिष्ट पहचान हो, भाजपा से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी की स्थिति स्पष्ट नहीं है, देखना है कि आने वाले समय में भाजपा के अध्यक्ष पद प्रत्याशी महिलाओं की सूची कितनी बडी बनती है और सर्वसम्मति बनने के बाद भाजपा किस प्रत्याशी को अध्यक्ष पद का प्रत्याशी घोषित कर चुनावी समर में ताल ठोकने के लिये उतारती है।

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