मुजफ्फरनगर: बैंक में चोरी से मचा हडकम्प, रात्रि के समय जंगला उखाडकर एसबीआई की शाखा में घुसे चोर

मीरापुर। कस्बे की स्टेट बैंक शाखा की दीवार में लगे जंगले को उखाडकर चोर ने बैंक के अन्दर घुसकर बैंक में चोरी का प्रयास किया। बैंक में घुसे चोर ने करीब आधा घन्टा बैंक के दस्तावेज खंगाले तथा एक दराज में रखे कुछ कागजात चोर साथ ले गया। सूचना पर पहुची पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली।
दिल्ली-पौडी राजमार्ग पर स्थित स्टेट बैंक की मीरापुर शाखा में बीती रात बैंक की दीवार में ऊपरी छोर पर लगे जंगले को उखाडकर नकाबपोश एक चोर रात्रि में करीब 12 बजे जंगले के भीतर से अन्दर घुस गया तथा बैंक कर्मचारियों के काउंटर में बनी दराज को करीब आधे घन्टे तक खंगालता रहा। इस दौरान चोर ने एक काउंटर की दराज से कुछ जरूरी कागजात अपने साथ ले गया। चोर बैंक के अन्दर करीब आधा घन्टा रहा तथा बडे आराम के साथ वह काउंटरों की दराजे खंगालता रहा। इस दौरान चोर महिला कर्मचारी की दराज में रखे रूपये भी नहीं ले गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि चोर किसी कागजात की तलाश में बैंक में घुसा था न कि रूपयों की तलाश में चोर ने बैंक स्ट्राँगरूम के साथ भी छेडछाड नहीं की तथा कागजात लेकर चोर पुनः जंगले के रास्ते ही फरार हो गया। सवेरा होने पर बैंक पहुचे कर्मचारियों ने खिडकी टूटी हुई व सामान बिखरा हुआ देखा, तो हडकम्प मच गया। सूचना पर मीरापुर इन्सपैक्टर अरविन्द कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुच गये तथा बैंक के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी, जिसमें चैक की नीली शर्ट पहने एक नकाबपोश युवक आराम से घटना को अंजाम देता दिखायी दिया। शाखा प्रबन्धक राकेश कमल ने अज्ञात चोर के विरूद्ध चोरी के प्रयास की तहरीर दी है।
स्पाइडर मैन की तरह बैंक में दाखिल हुआ चोर
मीरापुर। स्टेट बैंक की मीरापुर शाखा के बराबर में एक गली जा रही है। गली के रास्ते पर बनी दिवार के ऊपरी छोर पर हवा के लिये जंगले लगाये गये हैं। चोर गली में लगे इन्हीं जंगलों में से एक जंगले को उखाडकर पहले बैंक की दीवार के ऊपर बैठा तथा फिर बैंक के अन्दर लगी सीलिंग को उखाडकर स्पाइडर मैन की तरह बैंक में कूदा और फिर काफी देर तक बैंक रहकर कुर्सियों के ऊपर खडा होकर पुनः स्पाइडर मैन की तरह उसी रास्ते से चढकर फरार हो गया। इस दौरान चोर बेखौफ होकर घटना को अंजाम देता दिखायी दिया।
बैंक के कोने-कोने से परिचित थे चोर
मीरापुर। बैंक में घुसा नकाबपोश चोर रूपयों की तलाश में बैंक में नहीं घुसा था, क्योंकि उसने एक दराज में रखे एक हजार रूपये भी नहीं चुराये और न ही स्ट्राँगरूम के साथ छेडछाड की। चोर किसी कागजात की तलाश में ही बैंक में आया था तथा जब तक चोर बैंक के भीतर रहा वह कागजात ही तलाश करता रहा। इसके अलावा चोर को बैंक के सभी कैमरों तथा सभी दराजों के बारे में पूरी तरह जानकारी थी, क्योंकि चोर अपना मुहं पूरी तरह कपडे से ढ़के हुए था और उसने एक बार भी कैमरे की ओर नहीं देखा, साथ ही वह बैंक से जुडे किसी कागजात की तलाश में था।

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