मुजफ्फरनगर: फीस वृद्धि को लेकर सड़कों पर उतरे अधिवक्ता

मुजफ्फरनगर। कोर्ट फीस में वृद्धि के पफैसले को जनविरोधी बताते हुए अधिवक्ताओं ने संघर्ष प्रारंभ कर दिया। दो दिवसीय हड़ताल के ऐलान के तहत गुरूवार को जिला बार संघ के बैनर तले अधिवक्ताओं ने कचहरी में जुलूस निकालने के बाद प्रकाश चौक पर जाम लगाया इसके बाद कोर्ट फीस वृद्धि वापस लिये जाने की मांग करते हुए एक ज्ञापन दिया। आंदोलन के अन्तर्गत शुक्रवार को अधिवक्ता नगर में बाइक रैली निकालकर इस फैसले के विरोध में जनजागरण करते हुए लोगों का समर्थन भी जुटायेंगे।
प्रदेश सरकार द्वारा कोर्ट फीस में वृद्धि करने का निर्णय लिया गया, जो जनहित में नहीं है। इसी को लेकर बीते दिन पश्चिम उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट बेंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति की मेरठ में आयोजित बैठक में 22 जनपदों से बार पदाधिकारियों और प्रमुख अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया। इसमें कोर्ट पफीस वृद्धि का हर स्तर पर विरोध करने की रणनीति बनी और 12 व 13 अक्टूबर को दो दिवसीय हड़ताल करने के साथ ही प्रदर्शन का ऐलान किया गया। गुरूवार को इसी निर्णय के चलते जिला बार संघ और सिविल बार एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में अधिवक्ताओं ने हड़ताल पर जाते हुए कोर्ट फीस के विरोध में कचहरी में जुलूस निकाला। प्रकाश चौक पर पहुंचकर अध्विक्ताओं ने सड़क मार्ग अवरुद्ध करते हुए जाम लगा दिया। यहां प्रदर्शन के दौरान जिला बार संघ के सचिव सुरेंद्र कुमार मलिक ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सस्ता और सुलभ न्याय की व्यवस्था करने के बजाये आम गरीब लोगों से न्याय पाने के लिए संवैधानिक अधिकार छीनने का प्रयास किया है। न्याय अब महंगा हो गया। पहले ही गरीबों को न्याय पाने के लिए धक्के खाने पड़ते थे, अब कोर्ट फीस में करीब सौ गुना वृद्धि कर गरीबों को कोर्ट कचहरी तक पहुंचने के रास्ते बंद कर दिये गये हैं। सरकार के इस फैसले को गरीब जनता के अधिकारों पर डाका बताते हुए उन्होंने कहा कि अधिवक्ता पूरी ताकत के साथ इस जनविरोधी फैसला का विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि संघर्ष समिति के निर्णय के अनुसार 13 अक्टूबर को सभी अधिवक्ता विरोध स्वरूप नगर में बाइक रैली निकालेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जनपद न्यायालयों, रजिस्ट्री कार्यालयों एवं कोषागार कार्यालयों को बंद कराकर जनजागरण रैली निकालेंगे और डीएम को ज्ञापन देंगे। यदि इन दो दिनों में भी सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया, तो फिर आरपार की लड़ाई का निर्णय होगा। कोर्ट पफीस में वृद्धि करने के बजाये सरकार को इसे खत्म कर सस्ता न्याय का रास्ता साफ करना चाहिए था। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने कोर्ट रोड, महावीर चौक, रोडवेज बस स्टैंड और सर्विस क्लब की ओर से बेरिकेडिंग कर मार्ग अवरुद्ध कर दिया था। घंटों तक राहगीर जाम में फंसे रहे। इस दौरान कुछ राहगीरों व पुलिस कर्मियों के साथ अधिवक्ताओं की तीखी नांकझोंक भी हुई। जाम लगने की सूचना पर सीओ सिटी हरीश भदौरिया मय फोर्स प्रकाश चौक पर पहुंचे। वहीं एडीएम प्रशासन हरीशचन्द्र भी वहां पहुंचे। डेढ़ बजे अधिवक्ताओं ने सीओ सिटी को ज्ञापन सौंपा और जाम खोला। प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से बार संघ के अध्यक्ष ठा. अनूप सिंह, सुरेंद्र मलिक, सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष अनिल कुमार दीक्षित, बिजेन्द्र मलिक, भारतवीर, उदयवीर पोरिया, अशोक कुमार सिंह, प्रवीण गुड्डू, राजपाल चाहल, जितेंद्र सिंह, यशपाल राठौर, सुल्तान मुशीर, महबूब आलम, उमेश सिंघल सहित सैंकड़ों अधिवक्ता शामिल रहे।
बार संघ के सचिव सुरेंद्र कुमार मलिक ने बताया कि बुधवार को मेरठ में हुई पश्चिम उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट बेंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक में निर्णय लिया कि पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच स्थापना का विरोध करने के चलते पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी का 14 अक्टूबर को मेरठ आगमन पर विरोध किया जाएगा। इसमें मुजफ्फरनगर से भी अधिवक्ता मेरठ कूच करेंगे।

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