मुजफ्फरनगर: किसान की एकता ही दिलाएगी हकः वीएम सिंह

मुजफ्फरनगर: किसान की एकता ही दिलाएगी हकः वीएम सिंह

मुजफ्फरनगर। कर्ज मापफी व लाभकारी मूल्य की मांग को लेकर मध्य प्रदेश के मंदसौर से निकलने वाली किसान मुक्ति यात्रा मंगलवार को नगर में पहुंचने पर किसानों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। यात्रा में शामिल किसान नेता वीएम सिंह ने किसानों से एक होकर संघर्ष करने का आह्नान किया।
मंदसौर में पुलिस फायरिंग में किसानों की मौत की घटना के बाद देशभर के लगभग 100 छोड़े-बड़े किसान संगठनों ने मिलकर आंदोलन करने का फैसला किया। 16 जून 2017 को दिल्ली में हुई बैठक के उपरांत इन संगठनों के नेताओं ने देशव्यापी आंदोलन चलाने के लिए अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति का गठन किया। इसी समिति के तत्वावधान में किसान मुक्ति यात्रा का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम के अनुसार यात्रा की शुरुआत मंदसौर में पुलिस फायरिंग के घटना स्थल बही चौपाटी पर श्रद्धांजलि सभा से हुई। दिल्ली पहुंचने के बाद आज यह यात्रा अपने सफर पर चलते हुए जनपद में पहुंची। यात्रा में देश के बड़े किसान नेता शामिल रहे। महावीर चौक पर आयोजित सभा में यात्रा में शामिल किसान नेताओं का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया।
समिति के राष्ट्रीय संयोजक वीएम सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि यह यात्रा इस मोड़ पर है, जब किसान आत्महत्या कर रहा है। बच्चे खेती नहीं करना चाह रहे हैं। अब समय है किसान को जो चाहिए, वह उसे दिया जाए। किसान नेता वीएम सिंह ने कहा कि किसान आज भी पीड़ित है। उसकी समस्या की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। समय की जरूरत के हिसाब से 150 संगठनों के नेताओं ने एक संयुक्त मोर्चा बनाया है। इसी के बैनर के नीचे दिल्ली को जगाने जा रहे हैं। इस वक्त किसानों को एकजुट करना और हक लेकर रहना ही उद्देश्य है। किसान दुखी है और उसके दुःख को दूर कराने को ही करवां चल रहा है। हमारे लिए प्रकृति से भोजन पैदा करने वाला प्राथमिक उत्पादक किसान है, चाहे वह अन्न उपजाए या सब्जी-फल, चाहे खुद काश्तकार हो या बंटाईदार या खेत मजदूर, चाहे पशुपालक हो, मुर्गी पालक या मछुआरा। हमारा लक्ष्य है कि अपनी मेहनत की कमाई से किसान इज्जत की जिंदगी जी सके और धरती माता का विनाश किये बिना देश को खाद्य सुरक्षा दे सके।
स्वराज इंडिया के संयोजक योगेंद्र यादव ने बताया कि अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति में शामिल 160 किसान संगठनों ने तय किया है कि दो मुद्दों पर पूरे देश का किसान संघर्ष करेगा। पहला किसानों को लागत का पूरा दाम मिले। यानी जो स्वामीनाथन कमीशन ने कहा था। पूरा मतलब वह जो खुद नरेंद्र मोदी की सरकार ने वादा किया था। दूसरा कर्ज से किसान को मुक्ति मिले। इन्हीं दोनों मुद्दों पर लंबा और निर्णायक संघर्ष शुरू होगा। राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव ने कहा कि विपक्ष के रूप में कांग्रेस ने अपनी भूमिका समाप्त कर ली है और वह भाजपा और नरेंद्र मोदी के सामने ढेर हो चुकी है। उन्होंने इसके लिए राहुल गांधी के नेतृत्व को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि मोदी तब तक प्रधानमंत्री हैं, जब तक राहुल गांधी के हाथ में कांग्रेस का नेतृत्व है। राहुल गांधी, नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री रहने की गारंटी हैं। महाराष्ट्र में किसानों के 34 हजार करोड़ ऋण माफी कराने वाले संघर्ष समिति के संयोजक सांसद राजू शेट्टी ने कहा कि पूरे देश के किसान को एकजुट कर केंद्र सरकार को झुकने पर मजबूर करेंगे। योगेंद्र यादव ने बताया कि शेट्टी ने 2014 में मोदी सरकार नीत एनडीए को समर्थन दिया था, लेकिन जब मोदी सरकार ने स्वामीनाथन कमीशन को लागू नहीं किया, तो शेट्टी अलग हो गए। पिछले डेढ़ दशक में चार लाख किसानों ने आत्महत्या की है। मनमोहन सिंह के राज में देश में रोज 42 किसान आत्महत्या कर रहे थे, अब 52 कर रहे हैं। कर्मचारी-अधिकारियों के लिए सात आयोग बने और सभी लागू हुए, लेकिन किसानों के लिए बनी स्वामीनाथन कमेटी को लागू नहीं किया जा रहा है। यात्रा में डा. सुनिलम, रामपाल जाट, के. चंद्रशेखर, डा. दर्शन पाल, अविक साहा, डा. आशाष मित्तल, विज्ञान मोदी, रमेश नंदवाना, मेघराज तावड़ आदि शामिल रहे। राकिमपा के जिलाध्यक्ष सुमित मलिक आदि ने यात्रा का स्वागत किया।

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