मुजफ्फरनगर: किशनपुर में तीन मौत से दौड़ी शोक की लहर

भोपा। ग्राम किशनपुर में बुखार के प्रकोप के चलते अचानक तीन मौत हो जाने से हडकम्प मच गया है। एक वृद्ध, एक युवक व एक बालक की मौत से गांव में शोक की लहर दौड गयी है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए गांव में कैम्प करने की मांग की है। तीनों को सोमवार दोपहर बाद सुपुर्दे खाक कर दिया गया।
मोरना, भोपा, भोकरहेडी में बुखार का प्रकोप लगातार बढता जा रहा है। बुखार ने महामारी का रूप धारण कर सोमवार को तीन की जान को लील लिया। भोपा क्षेत्र के पांच हजार की आबादी वाले गांव किशनपुर में बुखार के प्रकोप से 62 वर्षीय शैदा हसन पुत्र इमामुदीन की मौत हो गयी। शैदा हसन पांच दिन से बुखार से पीडित था। वायरल बुखार के चलते शैदा को बेगराजपुर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां सोमवार को लगभग 1ः30 बजे उसने अंतिम सांस ली। मृतक शैदा हसन अपने पीछे पुत्र शाहिद, रईस, जलीस, नफीस, नदीम को छोड गया है। शैदा 10 बीघा जमीन का किसान था। वहीं गांव के ही 25 वर्षीय वसीम पुत्र सईद अहमद जो इलैक्ट्रोनिक्स का कार्य करता था। 10 दिन से बुखार से पीडित था। तेज बुखार के चलते वसीम को मुजफ्फरनगर के इवान हॉस्पिटल में ले जाया गया तथा वहां से मेरठ के जसवन्तराय अस्पताल में ले जाया गया। डेंगू बुखार के चलते वसीम की सोमवार को मौत हो गयी। वसीम की दो माह पहले ग्राम कसौली में शादी तय हुई थी तथा नवम्बर माह में शादी होने वाली थी। वसीम के परिवार में माता वरीसा, भाई शाहिद, नईम, मोहसिन, बहन शाहिदा, नूरजहां का रो रोकर बुरा हाल है। गांव किशनपुर के ही नवजात 17 दिन के बालक मौ. समाईश पुत्र मनव्वर को बुखार के चलते भोपा के सरकारी अस्पताल पर ले जाया गया तथा वहां से गम्भीर हालत के चलते जिला चिकित्सालय के लिए रैफर कर दिया गया। जिला चिकित्सालय के स्टाफ द्वारा करवाचौथ का त्यौहार के कारण डॉक्टर को अनुपस्थित होना बताया गया। इलाज न मिल पाने के कारण समाईश की मौत हो गयी। सरकारी अस्पताल में चिकित्सा न मिलने से हुई समाईश की मौत से परिजनों में रोष व्याप्त है। ग्राम प्रधान मौ. गुफरान, पूर्व प्रधान साबिर, दोस्त मौहम्मद, शैदा, फुरकान आदि ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में कैम्प कराने की मांग की है।

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