मुजफ्फरनगर: जीएसटी नहीं, तो कार्य भी नहीः ठेकेदार

मुजफ्फरनगर: जीएसटी नहीं, तो कार्य भी नहीः ठेकेदार

मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर में ठेकेदार व पालिका प्रशासन आमने-सामने आ गये हैं। दो बार वार्ता होने के उपरांत भी कोई हल नहीं निकला। पालिका के कार्यों में जीएसटी नहीं मिलने तक ठेकेदारों ने अब कार्य नहीं करने का निर्णय लिया है। मांग पूरी नहीं होने पर ठेकेदार टाउनहाल में धरना देने की तैयारी कर रहे हैं।
सोमवार को कम्पनी बाग (कमला नेहरू वाटिका) मेरठ रोड पर ठेकेदारों की एक बैठक आयोजित की गयी। बैठक की अध्यक्षता यूनियन के अध्यक्ष आदेश त्यागी ने की तथा संचालन संरक्षक इन्द्र नारायण माथुर ने किया। बैठक में नगर पालिका में निर्माण एवं विकास कार्यों में जीएसटी की दर नहीं जोड़ने पर रोष व्यक्त किया गया। आदेश त्यागी ने कहा कि सभी विभागों में निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए एस्टीमेट में ही जीएसटी की दर जोड़ी जा रही है, लेकिन पालिका में किसी भी कार्य में जीएसटी की दर नहीं जोड़ी जा रही, जबकि भुगतान के समय ठेकेदारों से जीएसटी के नाम पर 20 प्रतिशत की कटौती हो रही है। उनका कहना था कि जब टैक्स का लाभ कहीं भी नहीं दिया जा रहा है, तो कटौती कैसे हो सकती है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक पालिका में जीएसटी की दर कार्यों में समाहित नहीं की जायेगी, तब तक कोई भी ठेकेदार कार्य नहीं करेगा और न ही टैंडर ही डालेंगे। ठेकेदारों ने इस बात पर रोष जताया कि पालिका प्रशासन ने टैंडर बिक्री के लिए टैंडर मूल्य में तो बिना शासनादेश आये ही 18 प्रतिशत जीएसटी जोड़ दी है, लेकिन एस्टीमेट में जीएसटी की दर जोड़ने के लिए ईओ विकास सैन शासनादेश आने पर ही आदेश देने की बात कर रहे हैं, जबकि नगर निगम सहारनपुर में जीएसटी कास्ट जोड़कर ही टैंडर निकाले जा रहे हैं।
ठेकेदार विवेक त्यागी ने बताया कि उनके अग्रसेन विहार व जनकपुरी में करीब एक साल पूर्व किये गये कार्यों का पालिका प्रशासन ने अभी तक भी भुगतान नहीं किया है। इसमें ठेकेदारों का करीब 7-8 करोड़ रुपये का भुगतान लटका पड़ा है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता पर कराये गये गड्ढामुक्त सड़कों के कार्यों का करीब एक करोड़ का भुगतान भी नहीं होने से ठेकेदारों में रोष व्याप्त है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि पालिका प्रशासन ने सकारात्मक रवैया नहीं अपनाया, तो जल्द ही टाउनहाल में पालिका प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया जायेगा। वहीं दूसरी ओर कांट्रेक्ट वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर द्वारा आगणन में 12 प्रतिशत जीएसटी की दरों को सम्मिलित किये जाने के संबंध में एक ज्ञापन दिया गया।
बैठक में मुख्य रूप से आदेश त्यागी, इन्द्र नारायण माथुर, विवेक त्यागी, मनोज वर्मा, ओमदत्त शर्मा, मौ. फरमान, ठा. मुकेश सिंह, विवेक मित्तल, प्रह्लाद सिंह, जहीर खान, सत्यप्रकाश त्यागी, राजीव कुमार, मुकेश सिंगल, मौ. रिजवान, सहेंद्र पाल सिंह, रईस अहमद, मांगेराम शर्मा, सुनील सैनी, चरण दास पंवार, संजय गोयल, रोहताश सिंह, विकास कुमार व श्रवण त्यागी आदि ठेकेदार उपस्थित रहे।

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