बाजारों में हर तरफ करवाचौथ की धूम

बाजारों में हर तरफ  करवाचौथ की धूम

मुजफ्फरनगर। करवाचौथ को लेकर बाजार पूरी तरह सज गए हैं। रविवार को करवा चौथ का त्योहार बड़ी श्रद्धा धूमधाम से मनाया जाएगा। इस त्योहार के लिए विवाहित महिलाओं ने तैयारी पूरी कर ली है। करवा चौथ का त्योहार भारतवर्ष में विवाहित महिलाओं केे लिए बहुत बड़ा त्योहार होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास की स्रक्वष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत किया जाता है। यह पर्व सुहागिन स्त्रियों के लिए बेहद विशिष्ट माना जाता है। इस दिन विवाहित स्त्रियां पति की लम्बी उम्र और सुखमय दांपत्य जीवन के लिए निर्जला यानि बिना अन्न और जल का व्रत रखती हैं। करवा चौथ को कई जगह चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। वामन पुराण मे करवा चौथ व्रत का वर्णन किया गया है। सुबह सवेरे उजाला होने से पहले महिलाएं सरगी खाकर तैयार हो जाती हैं। अपने पति की लंबी उम्र अच्छी सेहत की कामना करते हुए पूरा दिन भूखा रहती हैं। रात को चांद के दर्शन करने के बाद पति के हाथ से पानी पीकर जल ग्रहण करती हैं।
क्या करती हैं करवा चौथ के व्रत में: विवाहित महिलाएं सारा दिन अन्न ग्रहण नहीं करती। शाम को मंदिर में जाकर कथा सुनती हैं। कथा के बाद मिठाई अन्य भोग से सजी थाली को अन्य महिलाओं के साथ अदला-बदली करती हैं। घर आकर अपनी सास या घर के बड़े बुजुर्ग का आशीर्वाद लेती हैं। करवा चौथ व्रत के दिन विवाहित और सौभाग्यवती स्त्रियां अपने अटल सुहाग, पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना से व्रत रखती हैं। इस दिन महिलाएं बिना अन्न तथा जल के दिनभर उपवास रखती हैं। इसके बाद शाम के समय स्त्रियां चंद्रमा को अघ्र्य देती हैं और फिर उसे छलनी से देखती हैं। उसके बाद वे अपने पति के हाथ से पानी ग्रहण कर इस उपवास को पूर्ण करती है। करवाचौथ से एक दिन पहले विवाहित महिलाएं हाथों में अलग-अलग तरह की मेंहदी लगाती हैं।

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