नापतौल साबित हो रहा हाथी के दांत...ऑनलाइन शॉपिंग में की जा रही है धेखाधड़ी, दिखाया कुछ जाता है, दिया और कुछ जाता है

नापतौल साबित हो रहा हाथी के दांत...ऑनलाइन शॉपिंग में की जा रही है धेखाधड़ी, दिखाया कुछ जाता है, दिया और कुछ जाता है

मुजफ्फरनगर। नापतौल पर यदि आप ऑन लाइन शॉपिंग कर रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। ऑन लाइन शॉपिंग के नाम पर नापतौल पर जमकर ग्राहकों को चुना लगाया जा रहा है। नापतौल वर्तमान में हाथी के दांत के समान साबित हो रहा है। जिसमें टीवी पर बड़े जोर-शोर से प्रचार जिस सामान का किया जाता है, वह दिया कुछ और जाता है। जिसका पता ग्राहक को डिलीवरी के पैसेे दिये जाने के उपरांत लगता है। जिसके बाद वह अपने को ठगा सा महसूस करता है। यह धोखाधड़ी रूपी हेराफेरी बड़े पैमाने पर की जा रही है। ऑन लाइन शॉपिंग होने पर ग्राहक को पता भी नहीं लगता है कि किस स्थान से यह सामान आया है। जब वह संबंधित नंबर जिस पर बुकिंग की गयी है, पता करता है, तो उसे पट्टी ऐसी पढ़ा दी जाती है कि वह सामान बदलने का इरादा ही बदल लेता है, क्योंकि वह यह भय रहता है कि यदि यह आया सामान भी वापस कर दिया गया, तो पैसे तो गये साथ में आया सामान भी जा सकता है, क्यांेकि जिस प्रकार की शर्त नापतौल वाले रखते हैं, उसमें आने की संभावना कम ही रहती है। ऑन लाइन शॉपिंग के जरिये नापतौल वालों की ठगी का एक मामला जनपद की पॉश कालोनी गांधी कालोनी की उपबस्ती मोहल्ला सुभाषनगर का सामने आया है। मोहल्ला निवासी सतेंद्र सिंह ने 23 सितंबर की मध्यरात्रि में केबिल टीवी पर चल रहे एक चैनल पर आ रहे नापतौल के एक विज्ञापन कार्यक्रम को देखकर एक ऑर्डर बुक किया। जिसमें पांच डबल बैड सीट तकियों के कवर, पांच हजार के गिफ्रट बाउचर व 1900 के आसपास की रकम संबंधी कुछ शामिल था। इसके लिए 1999 रूपये व 400 रूपये डिलीवरी चार्ज तय किया गया। जब उन्हें यह डिलीवरी मिली, तो वह हक्के-बक्के रहे गये, बंद पैकेट जो कि नापतोैल/ तरंग ट्रेडिंग कंपनी उप्र एमएलपी की ओर से भेजा गया था, में जो सामान था, वह बुक कराये गये आर्डर नंबर 39713665 के एकदम विपरीत था। उसमें गिफ्ट बाउचर भी नहीं था। जिस पर वह अचंभित रहे गये। जब उन्होंने जिस नंबर पर ऑर्डर बुक किया जब उस पर फोन किया गया, तो पहले तो वह यह मानने को तैयार ही नहीं थे कि ऑर्डर बदल गया है, जब यह बताया गया कि संबंधित सामान की चित्र भेजे जाएंगे शिकायत के साथ। इस पर उन्होंने अपना पता नहीं बताया केवल एक वाहटशप नंबर दिया, जिस पर रसीद व सामान के चित्रा भेजने थे। इसके साथ ही एक शिकायत नंबर 28086140 दिया गया।
इस संबंध में नापतौल के एक व्यक्ति द्वारा फोन पर यह कहा गया कि आप कोरियर वाले को जिसे हम भेज रहे हैं, को सामान दे दो, जिसके बाद हम चार-पांच दिन बाद सामान देखकर भेजने पर विचार करेंगे। जब यह कहा गया सतेंद्र सिंह की ओर से कि कंपनी ने जब यह स्वीकार कर लिया है कि सामान ऑर्डर के अनुसार नहीं है, तो आप लोग उधर से सही सामान भेजे, जिसे लेकर हम कोरियर वाले को पहले आया सामान दे देंगे। जिस पर कहा गया कि हम ऐसा नहीं कर सकते। जिस पर सतेंद्र सिंह ने यह कहते हुए कि आप लोगों को किस प्रकार से यकीन किया जाए, कि सामान के बदले सामान दे दिया जाएगा। जब पहले ही हेराफेरी कर दी गयी है। इस पर कंपनी वालों ने सामान बदलने से साफ इंकार कर दिया। इसके कुछ दिनों बाद एक मैसेज आया जिस पर सामान को उक्त पते पर भेजने को कहा गया, नापतौल ऑन लाइन शोपिंग प्राइवेट लिमिटेड सी/ओ-13पीएल सोलेशन ओल्ड नंबर बी 98, न्यू नंबर 1331 न्यू अशोक नगर निकट पांडेय मेडीकोज नई दिल्ली 110096। इसके बाद कंपनी की ओर से किसी प्रकार का रिस्पोंस नहीं दिया गया। इस संबंध में ऑन लाइन ठगी का शिकार होने वाले सतेंद्र सिंह विधिक कार्यवाही को लेकर विचार-विमर्श कर रहे हैं।

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