महिला से गैंगरेप के मामले को झूठा बताया....आरोपियों के परिजनों व ग्रामीणों ने एसएसपी कार्यालय पर किया प्रदर्शन

महिला से गैंगरेप के मामले को झूठा बताया....आरोपियों के परिजनों व ग्रामीणों ने एसएसपी कार्यालय पर किया प्रदर्शन

मुजफ्फरनगर। निरगाजनी पावर हाउस के पास पति के सामने ही महिला से सामूहिक दुष्कर्म करने की सनसनीखेज घटना में आरोपी बनाये गये लोगों की ओर से एसएसपी के सामने आये दर्जनों ग्रामीणों ने घटना को फर्जी बताते हुए शपथपत्र सौंपे और मामले में दहेज उत्पीडन की रंजिश बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। ककरौली थानाक्षेत्र के गांव ढांसरी निवासी तसव्वर ने शुक्रवार को आरोप लगाया था कि वो अपनी पत्नी और 6 माह के बच्चे के बसेडा में वैद्य से दवा लेकर लौट रहा था। रास्ते में बेलडा से आगे निरगाजनी पावर हाउस के पास जंगल में कार सवार चार बदमाशों ने उनको रोक लिया और 6 माह के बच्चे की गर्दन पर छुी रखकर उसकी पत्नी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इस पर पुलिस में हडकम्प मच गया। तसव्वर ने पुलिस को बताया था कि बदमाशों में भैंसरहेडी निवासी नवाब पुत्र इदरीश व अमीर आलम तथा दो अन्य शामिल है। इस मामले में शनिवार को भैंसरहेडी से काफी ग्रामीण एसएसपी से आकर मिले। उन्होंने शपथपत्र भी सौंपे और बताया कि तसव्वर का आरोप झूठा है। उसकी बहन परवीन का निकाह अमीर आलम पुत्र मुमताज के साथ हुआ था। शादी के बाद दोनों परिवार में रंजिश चली आ रही है। दहेज एक्ट के तहत अमीर आलम के खिलाफ तसव्वर के परिजनों ने मुकदमा दर्ज करा रखा है। इसमें अमीर आलम आदि हाईकोर्ट से स्टे ले आये है। 23 सितम्बर को तसव्वर ने झूठा मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें भी कुछ नहीं हुआ, तो उसने सामूहिक दुष्कर्म की ये कहानी रची। ग्रामीणों ने बताया कि नवाब कचहरी में अपने अधिवक्ता के पास था और अमीर आलम पूरे दिन गांव में रहा। नवाब दहेज प्रकरण में अमीर आलम के पक्ष में पैरवी कर रहा है। इसी कारण दोनों को फंसाने की साजिश रची गयी। ग्रामीणों ने एसएसपी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

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