सुरक्षा के मद्देनजर यातायात के नियमों को अपनाएंः डीएम

सुरक्षा के मद्देनजर यातायात के नियमों को अपनाएंः डीएम

मुजफ्फरनगर। प्रभारी जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा का दायित्व शैक्षणिक संस्थाओं का भी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य छात्रा/छात्राओं की सर्वागीण विकास एवं उन्हें अच्छे संस्कार देने का होना चाहिए और सुरक्षा केे सभी मानकों को अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के माध्यम से हमें सभी अभिभावकों को जागरूक करना है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के क्रम में प्रतिवर्ष पटाखों एवं आतिशबाजी को 50 प्रतिशत कम करना है। उन्होंने कहा कि पटाखों एवं अतिशबाजी से ध्वनि एवं वायु प्रदूषण होता है। उन्होंने कहा कि स्कूल/कॉलेजों में प्रतियोगिताएं कराकर एवं डीवेट आदि के आयोजन करके बच्चों को वायु प्रदूषण के दुष्प्रभाव के बारे में बताना है। उन्होंने कहा कि हमे अपशिष्ट प्रबन्धन के बारे में भी जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि ठोस एवं द्रव अपशिष्ट को अलग-अलग कंटेन्टों में रखना है। स्कूलों के माध्यम ये हमे जन जागरूकता के अभियान चलाने होंगे। उन्होंने बताया कि स्वच्छता समितियों का गठन वॉड लेविल पर करके स्वच्छता के सभी मानदण्डों को अपनाकर अपने शहर एवं जनपद तथा प्रदेश और देश को स्वच्छ एवं सुन्दर बनाना है।
प्रभारी जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल आज एक कॉलेज में छात्रा/छात्राओं की सुरक्षा विषयक गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि हम यातायात के नियमों का पालन करें और सीट बैल्ट तथा दो पहिया वाहन चालक हेलमेट का उपयोग करें, तो दुर्घटना की दर आधी हो जायेगी। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाएं अपनी गलती से नहीं होती है, जरा सी लापरवाही के कारण घर का कमाऊ सदस्य हादसे का शिकार हो जाते है, इसलिए सडक यातायात के नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें। उन्होंने कहा कि गोष्ठी में उपस्थित सभी स्कूल/कॉलेजों के प्राचार्य अपनेे छात्रा/छात्राओं से न केवल नियमों को पालन कराये, बल्कि उनके माध्यम से उनके परिजनों एवं पडौसियों को भी जागरूक कराये।
प्रभारी जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों को सोशल मीडिया से अलग रखने की सलाह दे, इसके साथ ही उन्होंने स्कूल/कॉलेजों के प्रवेश द्वार, बैंक डोर, कोरीडोर, वॉशरूम आदि में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी कराये। उन्होंने कहा कि स्कूल/कॉलेजों में आने वाले छात्रा/छात्राएं किन संसाधनों को प्रयोग करके आ रहे है इसका भी संज्ञान प्राचार्य/मैनेजमेंट को रखना होगा। उन्होंने कहा कि खास तौर पर स्कूल/कॉलेजांे की बाउन्ड्री वाल, दुरूस्त कराये। उन्होंने कहा कि आगन्तुक रजिस्टर रखवाया जाये और देखा जाये कि कोन स्कूल में आया और कितनी देर रूका। उन्होंने कहा कि बच्चों के प्रति अपराध रोकने का दायित्व उनके गुरूजनों का भी है। उन्होंने कहा कि छात्रा/छात्राओं को लाने वाली बसों के क्लीनर एवं ड्राइवर तथा अन्य सभी स्टापफ का पुलिस वैरीफिकेशन आवश्यक करा लिया जाये। यहां तक की गैरशिक्षक, समस्त स्टापफ को भी इसमें शामिल किया जाये। उन्होंने कहा कि आप के द्वारा दिये जाने वाले संस्कार बच्चे को प्रभावित करते है। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चें को अभिभावक वाहन संचालन के लिए न दे। इसके अतिरिक्त बसों की पिफटनेस आदि को भी दिखवा लिया जाये। छात्रा/छात्राओं को ले जाने वाली बसों निर्धारित गति सीमा के अन्तर्गत ही चलायी जाये। प्रभारी जिलाधिकारी ने कहा कि स्कूल प्रबन्धक को ध्यान देना चाहिए कि बच्चें सुरक्षित घर से आये और सुरक्षित घर वापस लौटे। उन्होंने कहा कि प्रशासन संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि हमारी सुरक्षा मजबूत होनी चाहिए। इसके पूर्व एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने बच्चों की सुरक्षा के लिए प्राचार्यो एवं प्रबन्धन को घटनाओं को न्यूनतम करने के लिए गाइड लाईन का अनुपालन करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि स्कूल/कॉलेजों में यदि छात्राओं के साथ दुर्घटना घटित होती है, तो प्रबन्धन भी क्षम्य नहीं है। उन्होंने कहा कि पफायर सिस्टम से लेकर सभी सुरक्षा मानकों को अपनाया जाये। उन्होंने कहा कि कॉलेज में गेट के पास ही विजिटर रजिस्टर रखा जाये। मुख्य द्वार से लेकर कॉलेज परिसर एवं कारीडोर, वॉशरूम आदि पर सीसीटीवी कैमरे से निगरानी करायी जाये। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित सामान स्कूल/कॉलेज मंे न आने पाये, इसका भी दायित्व प्राचार्य एवं प्रबन्धन का है। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की आयु से कम के बच्चों को स्कूटर, मोटर साईकिल चलाने के लिए न दी जाये। उन्होंने कहा कि सभी यह भी सुनिश्चित करें कि अपने यहां स्टापफ एवं किरायेदार का पुलिस वैरीफिकेशन आवश्य करा लिया जाये।
उन्होंने कहा कि बच्चें एवं अभिभावक सडकों पर वाहन न खडा करें, उसके लिए पार्किंग निर्धारित किये जाये। उन्होंने कहा कि मालिक भी अपराधिक घटना होने पर क्षम्य नहीं है। उन्होंने कहा कि प्राचार्य हेल्पलाईन नम्बर 1090 को अधिक से अधिक प्रचारित करें, सडकों पर शोहदों की धरपकड के लिए 11 एंटी रोमियो टीमों को गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि बडी संख्या में 100 नम्बर गाडियां क्रियाशील है। उन्होंने कहा कि बच्चों को जागरूक करें कि जब भी सडक पर कोई मामूली घटना घटने का भी संदेह हो, तो आवश्य चिल्लाये, जिससे मदद के लिए लोग आ जाये। उन्होंने कहा कि अराजक तत्वों को चिन्हित करने के लिए सहयोग करें। उन्होंने कहा कि अतिशबाजी और पटाखों पर लगाम लगाये यातायात के नियमों को पालन करे। एक्सीडेंट के समय आधा घण्टे के अन्दर घायल को चिकित्सा उपचार दिलाये, तो निश्चित रूप से दुर्घटना में होनी वाली मृत्यु दर में आधे से अधिक कमी आ जायेगी। इसके पूर्व सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट, मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने भी उपस्थित विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं के प्राचार्यो को बच्चों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील होकर कार्य करने के बारे में जागरूक किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट, जिला विद्यालय निरीक्षक, एआरडीओ एवं जनपद के सभी शिक्षण संस्थाओं के प्राचार्यो ने प्रतिभाग किया।

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