पति को बंधक बनाकर पत्नी के साथ किया गैंगरेप...डॉक्टर से दवा लेकर लौट रही महिला को बनाया हवस का शिकार

भोपा। महिला सुरक्षा के दावों को धराशायी करने वाली घटना ने एक बार फिर समाज को शर्मसार कर दिया है। डॉक्टर से दवा लेकर लौट रहे दम्पत्ति को चार-चार बदमाशों ने रास्ते में रोककर पति को बंधक बना व दूधमुंहे बच्चे की गर्दन पर छूरी रखते हुए बारी-बारी से महिला के साथ घंटों अपनी हवस का शिकार बनाया। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर दौडे राहगीरों ने पीडितों की जान बदमाशों से बचाई। बार-बार सूचना देने के बाद घंटों बाद पहुंची पुलिस ने पीडितों से घटना की जानकारी ली। थाना भोपा पहुंचे पीडितों को थाना प्रभारी द्वारा टरका देने पर पीडित द्वारा आत्महत्या की चेतावनी दे डाली। आत्महत्या की धमकी से बौखलायी पुलिस ने पीडितों की फरियाद सुनना गंवारा समझा। घटनास्थल पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनन्त देव तिवारी, एडीएम प्रशासन हरिशचन्द्र, एसडीएम जानसठ श्याम अवध चौहान, एसपी क्राईम अजय सहदेव व क्षेत्राधिकारी भोपा मौ. रिजवान ने घटना के प्रत्येक बिन्दु पर गहनता से जांच की तथा शीघ्र घटना के खुलासे की बात कही। पीडित की तहरीर के आधार पर थाना भोपा पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के विरूद्ध गम्भीर धाराओं में मुकदमा कायम करते हुए कार्यवाही आरम्भ कर दी है तथा पीडिता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया है।
थाना भोपा क्षेत्रा के ग्राम निरगाजनी झाल के पास मोटरसाइकिल पर सवार पति पत्नी व दूधमुंहे ढाई माह के बच्चे पर कहर बरपा किया। मारूति कार में सवारों ने मानवता को शर्मसार करते हुए पति को बंधक बनाकर व बच्चे की गर्दन पर छूरी रख महिला को बारी-बारी से अपनी हवस का शिकार बना डाला। थाना ककरौली क्षेत्रा के ग्राम ढांसरी निवासी तसव्वुर पुत्र नसरत ने बताया कि वह ग्राम बसेडा के चिकित्सक से दवा लेकर मोटरसाइकिल द्वारा भोपा की ओर आ रहा था। जैसे ही वह निरगाजनी झाल के पास पहुंचा, तभी पीछे से आ रही मारूति 800 कार जिसका नं0 0108 था, आगे आकर रूकी जिसमंे दो बदमाश नकाबपोश व दो बिना नकाब के थे। बदमाशों ने तमंचों के बल पर उन्हें रोक लिया तथा पति-पत्नी को सुनसान मार्ग पर गन्ने के खेत में ले गये। बदमाशों ने तसव्वुर के हाथ पैर बांधकर बच्चे की गर्दन पर छूरी रखते हुए तसव्वुर व उसकी पत्नी को शोर मचाने पर बच्चे को जान से मार देने की धमकी दी। चारों बदमाशों ने बच्चे की गर्दन पर छूरी रख तसव्वुर की पत्नी को बारी-बारी से अपनी हवस का शिकार बना डाला। इधर बच्चा रो रहा था। उधर बदमाश बच्चे की गर्दन पर छूरी रख उसकी मां को आतंकित करते हुए हैवानियत की सीमाओं को लांघ रहे थे। बच्चे की चीखों को सुनकर गुजर रहे राहगीर भैंसरहेडी निवासी मौ. रफी ने उधर का रूख किया, जिस पर बदमाश भाग खडे हुए। मौ. रफी द्वारा शोर मचो पर अन्य राहगीर भी उधर पहुंचे तथा तसव्वुर के हाथ खोल कर उनकी व्यथा को सुना व डायल 100 पुलिस को सूचना दी। घंटों बाद घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने पीडितों से जानकारी ली। थाना भोपा पर भी पीडितों की सुनवाई न होने पर पीडितों ने आत्महत्या की धमकी दे डाली। घटनास्थल पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनन्त देव तिवारी, एडीएम प्रशासन हरिश्चन्द्र, एसडीएम जानसठ श्याम अवध चौहान, एसपी क्राईम अजय सहदेव व क्षेत्राधिकारी भोपा मौ. रिजवान ने घटनास्थल का गहनता से निरीक्षण करते हुए घटना के शीघ्र खुलासे की बात कही है। पीडित तसव्वुर ने पुलिस के आला अधिकारियों को बताया कि उसने दो बदमाशों को अक्सर ग्राम बसेडा में देखा है। तसव्वुर की रिश्तेदारी बसेडा के पास गांव भैंसरहेडी में हैं, जिस कारण उसका इस क्षेत्र में आना-जाना लगा रहता है। तसव्वुर की पत्नी सीकरी के चर्चित बदमाश जमशेद की चचेरी बहन बतायी जाती है। पुलिस ने मामले में अपराध सं0 716/17 धारा 376डी, 506, 323 में मुकदमा कायम करते हुए बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। मोरना क्षेत्र में लगातार हो रही अपराधिक घटनाओं को लेकर क्षेत्रावासियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गम्भीर आरोप लगाये हैं तथा घटनाओं को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। गुरूवार को अज्ञात युवती का शव मोरना के जंगल में मिला था। शुक्रवार को गैंगरेप की घटना से क्षेत्र में हडकम्प मच गया है तथा नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिन्ताएं बढ गयी हैं।

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