डीएम ने छः अपराधियों पर गैंगेस्टर की कार्यवाही का अनुमोदन किया, हडकम्प

डीएम ने छः अपराधियों पर गैंगेस्टर की कार्यवाही का अनुमोदन किया, हडकम्प

मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी ने गैंगस्टर कार्यवाही में 6 व्यक्तियों पर गैंगचार्ट का अनुमोदन किया हैं। उन्होंने बताया कि गैंगलीडर सुरेश पुत्र चन्द्रभान निवासी मोघपुर थाना सिखेडा मुजफ्फरनगर ने अपने गैंग के सदस्यों विकास पुत्र सुरेश व अजय पुत्र सुरेश निवासी मोघपुर थाना सिखेडा के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह बना रखा है, जिसका वह स्वयं गैगलीडर है। यह गिरोह एक साथ मिलकर नाजायज शस्त्रों से लैंस होकर अपने आर्थिक लाभ हेतु जनता में भय व आतंक व्याप्त कर हत्या, हत्या का प्रयास आगजनी, चोरी का माल रखने जैसे जघन्य अपराध कारित करते है, इनके जनता का कोई व्यक्ति रिपोर्ट लिखाने एवं गवाही देने को तैयार नहीं है, इस गिरोह द्वारा कारित अपराध भादिवि के अध्याय 16 व 17 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध है। उक्त गैंग का जनता में स्वतंत्रा रूप से विचरण करना जनहित में उचित नहीं है। अभियुक्तगण का यह कृत्य धारा2/3 गैगस्टर अधि. की परिधि में आता है। उक्त अभियोग में उक्त सभी अभियुक्तगण के विरूद्ध गैंगस्टर का अभियोग पूर्व में पंजीकृत नहीं हुआ है। गैंग के लीडर व उसके सदस्यों के विरूद्ध गैंगस्टर अनुमोदित किया गया है।
उन्होंने बताया कि अभियुक्त राज सिंह पुत्र हरदेवा निवासी ग्राम भूपखेडी थाना रतनपुरी जनपद मुजफ्फरनगर ने भी का एक सुसंगठित गिरोह है, जो अपने व अपने गैंग क सदस्यांे दुष्यन्त पुत्र चमन निवासी रामपुर थाना रतनपुरी व ब्रहम सिंह पुत्रा जबर सिंह ठाकुर निवारी कुरथल थाना बुढाना मुजफ्फरनगर के साथ मिलकर रंगदारी व हत्या का प्रयास जैसे जघन्य अपराध कारित का अवैध रूप से धन अर्जित कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते है। उपरोक्त अभियुक्तों का जनता में भय व आतंक व्याप्त है। जनपद को कोई भी व्यक्ति इनके विरूद्ध अभियोग पंजीकृत कराने व गवाही देने का साहस नहीं करता है, इनका जनता में स्वछन्द रहना जनहित में नहीं है, इनके द्वारा भादिव के अध्याय 1986 की धारा 2/3 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध है। अभियुक्तगण के विरूद्ध गैंगस्टर एक्ट की धारा 2/3 गैंगस्टर अधि. के अन्तर्गत कार्यवाही किये जाने हेतु गैंगचार्ट अनुमोदन किया गया है।

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